दलाई लामा से बातचीत पर चीन ने क्या कहा, अमेरिका को हड़काया, बोला- गलत संदेश भेजना बंद करें

Updated on 21-06-2024 12:44 PM
बीजिंग: चीन ने गुरुवार को तिब्बतियों के धर्मगुरु दलाई लामा से कहा कि वह वार्ता के लिए अपने राजनीतिक प्रस्तावों पर विचार करते हुए उन्हें पूरी तरह से दुरुस्त करें। इसके साथ ही उसने अमेरिका से कहा कि वह तिब्बत से जुड़े मुद्दों के प्रति संवेदनशीलता का सम्मान करे, क्योंकि वाशिंगटन एक सख्त तिब्बत नीति कानून पारित करने वाला है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि 14वें दलाई लामा के साथ केंद्र सरकार के संपर्क और संवाद के बारे में चीन की नीति सुसंगत और स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि मुख्य बात यह है कि 14वें दलाई लामा को अपने राजनीतिक प्रस्तावों पर गहनता से विचार करना चाहिए और उन्हें पूरी तरह से दुरुस्त करना चाहिए।

अमेरिकी से चिढ़ा हुआ क्यों है चीन


चीन ने अमेरिकी कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की धर्मशाला यात्रा और दलाई लामा (88) के साथ उनकी बैठक पर करीबी नजर रखी। प्रतिनिधिमंडल की यात्रा ऐसे समय में हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन सीनेट और प्रतिनिधि सभा दोनों द्वारा पारित तिब्बत नीति विधेयक पर हस्ताक्षर करने वाले थे। बाइडन के हस्ताक्षर के बाद विधेयक कानून बन जाएगा। यह विधेयक तिब्बत पर अपने नियंत्रण के बारे में चीन के विमर्श का मुकाबला करने और चीनी सरकार एवं दलाई लामा के बीच संवाद को बढ़ावा देने पर जोर देता है, जो 1959 में हिमालयी क्षेत्र से भागने के बाद से भारत में रहते हैं।

अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात पर क्या कहा


अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के धर्मशाला दौरे और दलाई लामा के साथ मुलाकात पर लिन ने कहा, "हम अमेरिका से आग्रह करते हैं कि वह शिज़ांग संबंधित मुद्दों की संवेदनशीलता और महत्व को स्पष्ट रूप से देखे एवं शिज़ांग पर अपनी टिप्पणियों में चीन के मूल हितों का ईमानदारी से सम्मान करे, दलाई समूह के साथ किसी भी तरह की बातचीत से दूर रहे और दुनिया को गलत संदेश भेजना बंद करे।

निर्वासित तिब्बत सरकार की आलोचना की


उन्होंने निर्वासित तिब्बत सरकार की कथित टिप्पणियों की भी आलोचना की कि वह अमेरिकी संसद द्वारा पारित नए तिब्बत कानून का उपयोग चीन को बातचीत की मेज पर आने के लिए बाध्य करने और अन्य देशों के साथ बातचीत के लिए दबाव डालने का आग्रह करने के लिए करेगी। लिन ने कहा, "तथाकथित निर्वासित तिब्बत सरकार पूरी तरह से अलगाववादी राजनीतिक समूह और अवैध संगठन है जो चीन के संविधान और कानूनों का पूरी तरह से उल्लंघन करता है। इसे किसी भी देश ने मान्यता नहीं दी है।''

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 07 August 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के ब्रॉड पीक हिमस्खलन की चपेट में आने से मारे गए मशहूर पर्वतारोही निर्मल पुर्जा (निम्स दाई) समेत 5 अन्य पर्वतारोहियों का पार्थिव शरीर एयरलिफ्ट कर स्कार्दू ले…
 07 August 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान में बने मुहाफिज-V बख्तरबंद वाहनों को कथित तौर पर सूडान की राजधानी खार्तूम में एक मिलिट्री परेड में देखा गया है। खुफिया सूत्रों का कहना है कि यह…
 07 August 2026
ढाका: बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी अगले हफ्ते की शुरुआत (10 अगस्त) में प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात करेंगे। त्रिवेदी की बांग्लादेश के पीएम से मुलाकात दोनों देशों…
 07 August 2026
बैंकॉक: थाईलैंड के एक स्कूल में हुई गोलीबारी की घटना में सात लोगों की मौत हुई है। मरने वालों में तीन शिक्षक और तीन छात्र हैं। हमले का आरोपी भी…
 07 August 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान की सरकार ने बांग्लादेश में आईएसआई के प्रभाव की बात को नकार दिया है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि शेख हसीना और उनके बेटे…
 05 August 2026
नई दिल्ली/रियाद: यमन के पास लाल सागर में भारतीय झंडे वाले एक व्यापारिक जहाज को मिसाइल या रॉकेट जैसे किसी प्रोजेक्टाइल से हमला कर डूबो दिया गया। इस जहाज का…
 05 August 2026
कीव: यूक्रेन ने रूस पर युद्ध अपराध का आरोप लगाया है। यह आरोप यूक्रेनी शहर खेरसॉन में एक ड्रोन से सब्जी बेचने वाले का पीछा करने और उसे घायल करने…
 05 August 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने एक बार फिर कश्मीर पर पुरानी बातों को दोहराया है। पाकिस्तानी सेना ने बुधवार को बयान जारी करते हुए कहा है कि वह कश्मीर के लोगों के…
 05 August 2026
वॉशिंगटन: भारत सरकार के फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) एक्ट (FCRA) में बदलाव के प्रस्ताव की अमेरिकी कांग्रेसमैन राइली मूर ने आलोचना की है। उन्होंने कहा कि ये सीधे-सीधे ईसाईयों को निशाना…
Advt.