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भीम ऐप की ‘मीठी दिवाली 2026’ पहल, हर 7वें ट्रांजैक्शन पर बच्चों की शिक्षा में मिलेगी मदद

भोपाल : भारत का स्वदेशी पेमेंट ऐप, भीम पेमेंट्स ऐप, जिसे NPCI BHIM ने विकसित किया है, अपने ‘मीठी दिवाली’ अभियान के तीसरे संस्करण के माध्यम से त्योहारों की खुशियाँ फैला रहा है। 19 अक्टूबर से 8 नवंबर के बीच ऐप पर किसी उपयोगकर्ता द्वारा किए गए हर 7वें लेनदेन पर, भीम पेमेंट्स ऐप उन बच्चों को स्कूल किट उपलब्ध कराने में सहयोग करेगा, जिन्हें पढ़ाई के लिए सहायता की आवश्यकता है।

इस अभियान के लिए, भीम पेमेंट्स ऐप ने गूंज के साथ साझेदारी की है। गूंज एक नागरिक एवं विकासात्मक संगठन है, जो शिक्षा, सामुदायिक विकास और आपदा राहत के क्षेत्रों में पूरे भारत में लंबे समय से गरिमा-केंद्रित पहलों के लिए जाना जाता है। यह अभियान उपभोक्ताओं को अपने रोज़मर्रा के लेनदेन के लिए भीम पेमेंट्स ऐप चुनने और अधिक से अधिक बच्चों तक पढ़ाई के लिए आवश्यक सामग्री पहुँचाने के सामूहिक प्रयास का हिस्सा बनने के लिए प्रोत्साहित करता है।

दिवाली की खुशी एक साथ बिताए गए पलों, नई शुरुआत की उम्मीद और अपनी खुशियों को दूसरों के साथ बाँटने से मिलने वाले आनंद में निहित है। इस वर्ष, भीम ऐप इस उत्सवी गर्मजोशी को कक्षाओं तक पहुँचा रहा है, जहाँ एक साधारण-सी स्कूल किट भी वंचित बच्चों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है। यह पहल डिजिटल भुगतान को रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बनाने के साथ-साथ सार्थक बदलाव लाने के अवसर पैदा करने की भीम ऐप की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह ‘भारत का अपना पेमेंट्स ऐप’ की मूल सोच को भी और मज़बूत करती है कि एक सरल और परिचित कार्य भी किसी बड़े उद्देश्य में योगदान दे सकता है, जिससे दिवाली की खुशियाँ और अधिक लोगों तक पहुँच सकें।

गौरव कोचर, चीफ ऑफ बिज़नेस, एनपीसीआई भीम ने कहा, “दिवाली हमें याद दिलाती है कि किसी उत्सव की असली खुशी दूसरों के जीवन में खुशियाँ लाने में निहित है। ‘मीठी दिवाली 2026’ के माध्यम से, हम डिजिटल भुगतान जैसी सरल चीज़ को बच्चे की शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण उद्देश्य से जोड़कर इस खुशी को और आगे तक पहुँचाना चाहते हैं। हर बच्चे को सीखने, आगे बढ़ने और उज्ज्वल भविष्य के सपने देखने का अवसर मिलना चाहिए। गूंज के साथ हमारी साझेदारी इस विश्वास को साकार करती है और भीम ऐप पर रोज़मर्रा के लेनदेन को बच्चों की पढ़ाई के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने में सहयोग करने का अवसर बनाती है। ‘भारत का अपना पेमेंट्स ऐप’ होने के नाते, हमारा मानना है कि जब तकनीक को लोगों को ध्यान में रखकर बनाया जाता है, तो छोटे-छोटे प्रयास भी सार्थक बदलाव लाने में मदद कर सकते हैं।”

गूंज के फाउंडर और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अंशु गुप्ता ने कहा, “भीम ऐप के साथ हमारा जुड़ाव रोज़मर्रा की तकनीक की पहुँच को जागरूक नागरिकों की भागीदारी से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक कदम है। नियमित लेनदेन को वास्तविक सहायता में बदलने की भीम ऐप की पहल की हम सराहना करते हैं। इससे यह सुनिश्चित होगा कि बच्चों को गरिमा के साथ पढ़ाई के लिए आवश्यक सामग्री मिल सके।”

सोचीयर्स के को–फाउंडर और CEO मेहुल गुप्ता ने कहा, “इस विचार में कुछ ऐसा है जो पूरी तरह भारतीय है कि जब तक आप अपनी खुशियों का थोड़ा-सा हिस्सा किसी और के साथ साझा नहीं करते, तब तक कोई भी उत्सव पूरी तरह से संपन्न नहीं होता। #MeethiDiwali के साथ, हमने खुद से दो सरल सवाल पूछे: हम देने और बाँटने की भावना को त्योहारों के मौसम से आगे कैसे ले जा सकते हैं, और डिजिटल लेनदेन जैसी साधारण चीज़ किसी के जीवन में बदलाव कैसे ला सकती है? ऐसी दुनिया में, जहाँ हमारे जीवन का एक बड़ा हिस्सा अब हमारे मोबाइल फोन पर ही बीतता है, हमने रोज़मर्रा की एक आदत को सिर्फ खरीदारी तक सीमित न रखकर उससे कुछ बड़ा करने का अवसर देखा।” ‘मीठी दिवाली 2026’ के माध्यम से, भीम ऐप डिजिटल भुगतान को ऐसे उद्देश्य से जोड़कर अपनी वार्षिक उत्सवी पहल को जारी रख रहा है, जिसका प्रभाव त्योहारों के मौसम से आगे तक बना रहता है।

 

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