श्रीरामजन्मभूमि मंदिर संपूर्ण हिंदू स्वाभिमान का स्मारक: उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन

अयोध्या। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने श्रीरामजन्मभूमि मंदिर को संपूर्ण हिंदू स्वाभिमान का स्मारक बताया। उन्होंने कहा कि अयोध्या आंदोलन और रामभक्तों के महान त्याग व बलिदान के कारण ही नरेन्द्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने और पिछले 12 वर्षों से देश का नेतृत्व कर रहे हैं, योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने और वह स्वयं एक छोटे किसान परिवार से निकलकर भारत के उपराष्ट्रपति पद तक पहुंचे। करीब 500 वर्षों तक रामजन्मभूमि लाखों रामभक्तों की आस्था और अधूरी आकांक्षा का केंद्र बनी रही। सदियों के लंबे इंतजार और संघर्ष के बाद आखिरकार श्रीराम जीते और आज उनकी जन्मभूमि पर भव्य मंदिर स्थापित है।
उपराष्ट्रपति शनिवार को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पावन नगरी अयोध्याधाम के रामकथा पार्क में दीपोत्सव के 10वें संस्करण को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि श्रीरामजन्मभूमि मंदिर और हिंदू स्वाभिमान के इस पुनर्स्थापन में साधु-संतों व संन्यासियों ने जो महान त्याग किया है, उसे कोई भी हिंदू कभी नहीं भूल सकता। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम हमारे लिए केवल आराध्य नहीं, बल्कि धर्म, करुणा, सदाचार और आदर्श आचरण के शाश्वत स्वरूप हैं। उनका पावन जीवन सिखाता है कि सच्ची महानता सत्ता और पद में नहीं, बल्कि चरित्र की दृढ़ता और कर्तव्य के प्रति समर्पण में निहित होती है। श्रीराम ने व्यक्तिगत सुख से ऊपर कर्तव्य, निजी हित से ऊपर धर्म और हर परिस्थिति में अपनी प्रजा के कल्याण को सर्वोपरि रखा। यही कारण है कि दो योगी, कर्मयोगी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रीराम के दिखाए मार्ग पर चलकर जनसेवा में जुटे हैं।
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, प्रदेश सरकार के मंत्रीगणों और साधु-संतों की मौजूदगी में रामकथा पार्क में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि हिंदू समाज में जन्म के आधार पर कोई बड़ा नहीं होता, बल्कि चरित्र से श्रेष्ठता तय होती है। महर्षि वाल्मीकि साधारण परिवार से थे, लेकिन रामायण की रचना कर उन्होंने समाज का मार्गदर्शन किया। सामान्य पृष्ठभूमि से निकलकर नरेन्द्र मोदी का देश का प्रधानमंत्री बनना, लंबे समय बाद किसी संत का मुख्यमंत्री बनना और एक छोटे किसान परिवार से आने वाले व्यक्ति का भारत का उपराष्ट्रपति बनना, यह सब अयोध्या आंदोलन और रामभक्तों के महान त्याग व बलिदान के कारण ही संभव हुआ।
उपराष्ट्रपति ने कहा, श्रीराम के जन्मस्थान पर राम मंदिर बनाने में हमें सदियां लग गईं। अगर श्रीराम के जन्मस्थान पर राम मंदिर नहीं बनता, तो फिर कहां बनता? सदियों तक हमने इंतजार किया और हारते रहे। आखिरकार श्रीराम जीते और आज श्रीराम का भव्य मंदिर है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम किसी एक व्यक्ति के नहीं, बल्कि सभी के पूजनीय हैं।
उपराष्ट्रपति ने याद किया शिलापूजन की स्मृतियों से अयोध्या तक का सफर
श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन से जुड़ी अपनी स्मृतियां साझा करते हुए उपराष्ट्रपति ने बताया कि जब अशोक सिंघल ने देशभर में शिलापूजन का आह्वान किया, तब उनके गृहक्षेत्र में उनकी मां पूजा समिति की प्रमुख बनी थीं। वह सिर पर ईंट रखकर पूरे क्षेत्र में गई थीं और अंत में अपने गृहनगर के गणेश मंदिर में शिलापूजन संपन्न कराया था। उस समय उनकी मां ने कल्पना भी नहीं की होगी कि उनका बेटा एक दिन भारत का उपराष्ट्रपति बनेगा और गर्व के साथ अयोध्या में आयोजित इस कार्यक्रम में सहभागी होगा।
देश की एकता और भौगोलिक विविधता का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल सुदूर पश्चिम गुजरात से हैं, जबकि वह स्वयं सुदूर दक्षिण में रामेश्वरम के निकट से यहां आए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ संसद में बिताए दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि करीब 30 वर्ष पहले दोनों युवा सांसद थे और सदन में पास-पास बैठते थे। उस समय योगी आदित्यनाथ के भाषणों में जो ओजस्विता थी, आज भी उनमें वही ऊर्जा और प्रभाव बरकरार है।
योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में असंभव को संभव बना रहा उत्तर प्रदेश
उपराष्ट्रपति ने केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि दोनों ने मिलकर असंभव को संभव बनाया है। उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था में आए ऐतिहासिक बदलाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पहले जब वह प्रदेश आते थे, तब यहां लोगों को सुरक्षा का भरोसा नहीं था। कानून-व्यवस्था पुलिस के हाथ में होने के बजाय गुंडों और उपद्रवियों के नियंत्रण में थी। आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था पुलिस के हाथ में है और आधी रात को भी बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।
उपराष्ट्रपति ने हाल में वाराणसी के एक छोटे दुकानदार से हुई बातचीत का प्रसंग साझा किया। उन्होंने बताया कि दुकानदार ने कहा कि अब प्रदेश में किसी को डर नहीं है और बेटियां आधी रात को भी निडर होकर सड़क पर चल सकती हैं। जब उससे पूछा गया कि वह इतने विश्वास से यह कैसे कह रहा है, तो उसने बताया कि योगी सरकार से पहले वह स्वयं एक उपद्रवी और असामाजिक तत्व था। अब किसी पर हाथ उठाने की गुंजाइश नहीं है, इसलिए उसने अपनी पुरानी गतिविधियां छोड़कर छोटी दुकान खोल ली है और उसका परिवार उसी कारोबार से सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर रहा है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह किसी सामान्य दुकानदार का अनुभव भर नहीं, बल्कि उस व्यक्ति की कहानी है जो कभी उपद्रवी था और आज छोटा व्यापारी बनकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा है। यही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में आया सकारात्मक बदलाव है।
वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की ओर उत्तर प्रदेश
उपराष्ट्रपति ने कहा कि अयोध्या आज ‘विकास भी, विरासत भी’ के दृष्टिकोण का सजीव उदाहरण बन चुकी है। यह आध्यात्मिक नगरी आधुनिक स्मार्ट सिटी और सोलर सिटी के रूप में भी विकसित हुई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या को वैश्विक पहचान दिलाई है। पंचकोसी परिक्रमा मार्ग और रामकथा पार्क जैसे बुनियादी ढांचे का विकास आध्यात्मिक पर्यटन को नया आयाम दे रहा है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कायम हुई शांति ही यहां विकास लेकर आई है। प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ-2025 इसका ऐतिहासिक उदाहरण है, जहां 45 दिनों में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंचे और कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। आज उत्तर प्रदेश देश की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और राष्ट्रीय जीडीपी में करीब 9 प्रतिशत का योगदान दे रहा है। वर्ष 2026-27 के लिए 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजटीय प्रावधान राज्य सरकार के विकास विजन को दर्शाता है।
उपराष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि रामभक्तों और प्रदेश की जनता के सहयोग से उत्तर प्रदेश का वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य जल्द साकार होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि उत्तर प्रदेश वर्ष 2047 तक विकसित भारत की यात्रा में देश के प्रमुख ग्रोथ इंजन के रूप में उभरेगा।
सबको साथ लेकर आगे बढ़ने के लिए दुनिया में नंबर एक बनना है
दीपोत्सव के महत्व पर उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह भव्य समारोह केवल प्रतीकात्मक नहीं है, बल्कि हर भारतीय घर के लिए गहरा और विशेष महत्व रखता है। अंधकार दूर होगा और हर परिवार में खुशहाली का प्रकाश आएगा। उन्होंने सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के पावन आदर्श समाज और राष्ट्र के प्रति हमारे कर्तव्यों में निरंतर हमारा मार्गदर्शन करते रहें, ताकि भारत विश्व का सबसे शक्तिशाली राष्ट्र बन सके। उपराष्ट्रपति ने बल देकर कहा कि भारत का लक्ष्य दुनिया का सिरमौर बनना जरूर है, लेकिन यह प्रभुत्व किसी पर अपनी शर्तें थोपने या हुक्म चलाने के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को साथ लेकर सबके कल्याण का मार्ग प्रशस्त करने के लिए है।
भारत गरीबी से बाहर निकलने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा
देर शाम राम की पैड़ी पर आयोजित समारोह को संबोधित करते उपराष्ट्रपति ने कहा कि विश्व बैंक के हालिया सर्वेक्षण से पता चलता है कि भारत गरीबी से बाहर निकलने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा है। अब देश में अधिकतम 2.5 प्रतिशत लोग ही गरीबी रेखा के नीचे हैं। प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में देश में 50 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर निकलने में सफल हुए हैं। गरीबों को पक्की छत उपलब्ध कराने के लिए चार करोड़ आवासों का निर्माण कराया गया है। जल जीवन मिशन के तहत 82 प्रतिशत परिवारों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचा है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी घर-घर नल से जल उपलब्ध कराया जा रहा है।
40 वर्षों में नहीं देखा ऐसा मंत्रुग्ध करने वाला आयोजन
उपराष्ट्रपति ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से विकास करने वाले राज्यों में शामिल हो चुका है। कन्या सुमंगला योजना से लेकर युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और सेवा योजनाओं के माध्यम से प्रदेश सरकार समाज के विभिन्न वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। महिला नेतृत्व वाले विकास, शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, आवास और उद्यमिता पर राज्य सरकार का विशेष ध्यान है। उन्होंने यूपी टूरिज्म की सराहना करते हुए कहा कि अपने 40 वर्षों के सार्वजनिक जीवन में उन्होंने इतना सुंदर और मंत्रमुग्ध करने वाला आयोजन नहीं देखा। उन्होंने 2100 से अधिक ड्रोन के माध्यम से रामायण प्रसंगों की प्रस्तुति और स्थानीय कलाकारों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की जमकर सराहना की।
रामायण का संदेश है बुराई पर अच्छाई की जीत
उपराष्ट्रपति ने कहा कि दसवें दीपोत्सव में पूरे अयोध्या क्षेत्र में 70 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित किए गए हैं। रामायण का संदेश है, बुराई पर अच्छाई की जीत। 500 वर्षों बाद राम मंदिर का पुनर्निर्माण सत्य और आस्था में हमारे अटूट विश्वास का प्रतीक है। भगवान श्रीराम हमें अधिकारों के साथ कर्तव्यों और सफलता के साथ समाजसेवा का संदेश देते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश सरकार, प्रशासन, कलाकारों और स्वयंसेवकों की सराहना करते हुए कहा कि अयोध्या का प्रकाश देश को विकसित और आत्मविश्वासी राष्ट्र बनने की प्रेरणा देता रहेगा।



