मनोरंजन

जागरण फिल्म फेस्टिवल का आयोजन 28 अक्टूबर से मुंबई में

मुंबई : सोचिए, अगर कोई फिल्म फेस्टिवल आपको परदे के सामने एक सीट से बढ़कर बहुत कुछ दे तो? जहां आप फिल्ममेकर इम्तियाज अली को प्यार और कहानी कहने के हुनर पर बात करते सुनें, जानें कि कास्टिंग डायरेक्टर की नजर में आने के लिए क्या चाहिए, इंडस्ट्री के जानकारों के साथ अभिनय की बारीकियां समझें और भारत व दुनिया भर की फिल्में देखें, वह भी एक ही छत के नीचे। जागरण फिल्म फेस्टिवल (जेएफएफ) इसी अनुभव की वजह से दूसरे फिल्म फेस्टिवलों से अलग है। यहां कोई स्क्रीनिंग किसी नए फिल्ममेकर के काम से आपकी पहचान करा सकती है, कोई चर्चा किसी जानी-पहचानी कहानी को देखने का आपका नजरिया बदल सकती है और कोई मास्टरक्लास किसी के रचनात्मक सफर में अगले कदम की प्रेरणा बन सकती है। जेएफएफ में हर दिन आने की एक अलग वजह होती है। मुंबई के फिल्म प्रेमियों को यह अनुभव 28 से 31 अक्टूबर 2026 तक मिलेगा, जब दुनिया का सबसे बड़ा ट्रैवलिंग फिल्म फेस्टिवल, जागरण फिल्म फेस्टिवल (जेएफएफ), अंधेरी वेस्ट के फन रिपब्लिक मॉल में लौट रहा है। चार दिनों की फिल्म स्क्रीनिंग, सेलिब्रिटी बातचीत, इंटरैक्टिव सेशन और मास्टरक्लास के साथ जेएफएफ सिनेमा प्रेमियों, उभरते कलाकारों और फिल्मों के शौकीनों को अपनी पसंदीदा फिल्मों को बिल्कुल नए ढंग से देखने-समझने का न्योता दे रहा है। फेस्टिवल का देश भर का सफर 1 नवंबर 2026 को जेडब्ल्यू मैरियट, मुंबई में होने वाली जागरण फिल्म फेस्टिवल अवार्ड्स नाइट के साथ भव्य समापन तक पहुंचेगा।

अपने 14वें संस्करण तक पहुंचा जेएफएफ बरसों से सिनेमा को पारंपरिक फेस्टिवल सर्किट से बाहर ले जाकर अलग-अलग तरह की कहानियों और फिल्ममेकिंग की प्रतिभा को देश भर के दर्शकों के करीब ला रहा है। इसका मुंबई चैप्टर इसी सोच को आगे बढ़ाता है, जिससे शहर के फिल्म प्रेमियों को नई आवाजों को जानने, कैमरे के पीछे काम करने वाले लोगों से जुड़ने और कहानियों को परदे पर उतारने की कला को समझने का मौका मिलता है। आप फिल्में चाहे उन एहसासों के लिए देखते हों जो वे पीछे छोड़ जाती हैं, उन दुनियाओं के लिए जिनसे वे रूबरू कराती हैं या उन चर्चाओं के लिए जो वे छेड़ती हैं, इस फेस्टिवल में सबके लिए इंतजार करने लायक कुछ न कुछ है। फेस्टिवल की शुरुआत 28 अक्टूबर को फिल्ममेकर इम्तियाज अली के साथ होगी। “राइटिंग लव दैट नेवर रियली एंड्स: द इम्तियाज अली वे” सेशन में वे प्यार, रिश्तों और उन कहानियों के प्रति अपनी सोच पर बात करेंगे, जो हमेशा हमारे साथ रह जाती हैं। यादगार किरदार गढ़ने और इंसानी रिश्तों के कई रंग दिखाने के लिए पहचाने जाने वाले इम्तियाज अली का यह सेशन तैयार फिल्म से आगे झांककर उन विचारों और रचनात्मक फैसलों को समझने का मौका देगा, जो किसी कहानी को आकार देते हैं।

इसी दिन “परेश रावल इन कन्वर्सेशन” भी होगा, जिसमें आदित्य रावल, तनिष्ठा चटर्जी, शारिब हाशमी और आदिल हुसैन हिस्सा लेंगे। ये सेशन दर्शकों को सिनेमा के कुछ सबसे असरदार अभिनय के पीछे के कलाकारों, उनके अनुभवों और उस सफर की करीबी झलक देंगे, जिसने उनके काम को दिशा दी। फिल्म प्रेमियों के लिए ये ऐसी बातें और अनुभव सुनने के मौके हैं, जो फिल्म के फाइनल कट तक शायद ही पहुंच पाते हैं। वहीं उभरते कहानीकारों और कलाकारों के लिए यह उन लोगों से सीखने का अवसर है, जिन्होंने बरसों तक किरदारों और विचारों को परदे पर उतारा है। सिनेमा में काम करने का सपना देखने वालों के लिए जेएफएफ का मुंबई चैप्टर एक्टिंग, कास्टिंग और परफॉर्मेंस पर केंद्रित कई सेशन के जरिए सीखने का यह अनुभव उनके अपने शहर तक ला रहा है। 29 अक्टूबर को मशहूर कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा “व्हाई शुड ही कास्ट यू?” सेशन की अगुवाई करेंगे। इसमें वे बताएंगे कि कास्टिंग डायरेक्टर कलाकारों में क्या देखते हैं और ऑडिशन में किसी कलाकार को भीड़ से अलग क्या बनाता है। 30 अक्टूबर को एक्टर और एक्टिंग कोच सौरभ सचदेवा “यू आर एन एक्टर… व्हाट्स स्टॉपिंग यू?” नाम की एक्टिंग वर्कशॉप लेंगे, जिसमें परफॉर्मेंस, तैयारी और ज्यादा आत्मविश्वास वाला एक्टर बनने के हुनर पर जोर रहेगा।

31 अक्टूबर को कास्टिंग डायरेक्टर अनमोल आहूजा के सेशन “कास्टिंग ऑफ ए कैरेक्टर” के साथ कार्यक्रम आगे बढ़ेगा, जिसमें किसी किरदार को परदे पर जीवंत करने के लिए सही कलाकार ढूंढने की प्रक्रिया समझाई जाएगी। कार्यक्रम में एक और पहलू जोड़ती है “थिएटर टू सिनेमा” मास्टरक्लास, जिसे थिएटरवाला के संस्थापक और एक्टिंग कोच शिखर लेंगे। यह व्यावहारिक सेशन बताएगा कि मंच से परदे पर आने पर कलाकार का अभिनय कैसे बदलता है। इसमें आवाज की पहुंच (वोकल प्रोजेक्शन), बॉडी लैंग्वेज, भावनाओं की अभिव्यक्ति, संवाद के पीछे छिपे अर्थ और ऑडिशन की तकनीकों पर बात होगी। लाइव सीन वर्क, मोनोलॉग की बारीक पड़ताल और इंटरैक्टिव चर्चाओं के जरिए प्रतिभागी थ्योरी से आगे बढ़कर इस कला को करीब से समझ सकेंगे। डेलीगेट्स के लिए इस मास्टरक्लास में एंट्री मुफ्त है। सीटें सीमित हैं और ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर मिलेंगी। उभरते कलाकारों, थिएटर से जुड़े लोगों और अभिनय की दुनिया में दिलचस्पी रखने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए ये सेशन इंडस्ट्री के जानकारों से सीखने, सवाल पूछने और काम की बातें साथ ले जाने का कीमती मौका हैं।

बातचीत और मास्टरक्लास दर्शकों को फिल्म बनाने वाले लोगों के करीब लाती हैं, फिर भी जेएफएफ के केंद्र में हमेशा सिनेमा ही रहता है। मुंबई के कार्यक्रम में अलग-अलग भाषाओं, विधाओं और संस्कृतियों की भारतीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्में दिखाई जाएंगी, जिनके जरिए दर्शक जानी-पहचानी फिल्मों और मुख्यधारा की रिलीज से आगे की कहानियां खोज सकेंगे। क्षेत्रीय सिनेमा और स्वतंत्र कहानियों से लेकर दुनिया भर की फिल्मों तक, यह चयन उन तमाम तरीकों का उत्सव है, जिनसे कहानियां हमें छू सकती हैं, झकझोर सकती हैं और हमारा मनोरंजन कर सकती हैं। दर्शकों के लिए यह अपनी रोज की वॉचलिस्ट से बाहर निकलने, कोई ऐसी फिल्म खोजने जो अचानक दिल को भा जाए और सिनेमा का वही जुनून रखने वाले लोगों के साथ फिल्में देखने का बुलावा है। मुंबई चैप्टर के बाद 1 नवंबर 2026 को जेडब्ल्यू मैरियट, मुंबई में जागरण फिल्म फेस्टिवल अवार्ड्स नाइट होगी। फिल्म जगत की हस्तियों को एक मंच पर लाने वाली यह शाम फिल्मों और ओटीटी में बेहतरीन काम को सम्मानित करेगी और उस प्रतिभा, रचनात्मकता और कहानी कहने की कला का जश्न मनाएगी, जो मनोरंजन की दुनिया को लगातार नया रूप दे रही है।

जेएफएफ 2026 की देशव्यापी यात्रा की आखिरी कड़ी के रूप में अवार्ड्स नाइट सिनेमा के इस उत्सव को एक यादगार समापन देगी। अलग-अलग शहरों का सफर तय करके और तरह-तरह की फिल्में व आवाजें दर्शकों तक पहुंचाने के बाद जेएफएफ अब उन लोगों और प्रोजेक्ट्स को सुर्खियों में लाएगा, जो इंडस्ट्री में अपनी छाप छोड़ रहे हैं। सिनेमा से प्यार करने वाले हर व्यक्ति के लिए यह फेस्टिवल और इसका ग्रैंड फिनाले एक ही अनुभव के दो हिस्से हैं। पहले चार दिन कहानियां खोजने, इंडस्ट्री के लोगों से सीखने और फिल्ममेकिंग के हुनर को सराहने के, और फिर एक शाम उस काम के सम्मान के नाम, जिसकी बदौलत ये कहानियां मुमकिन होती हैं। मुंबई के लिए उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। 28 से 31 अक्टूबर तक दर्शक फिल्मों, बातचीत और रचनात्मक खोज के चार दिनों का आनंद ले सकेंगे, जिसके बाद 1 नवंबर को जेडब्ल्यू मैरियट में उत्सव का समापन होगा। आप सिनेमा के दीवाने हों, उभरते अभिनेता हों या बस अच्छी कहानी के शौकीन, जागरण फिल्म फेस्टिवल आपको अपने सिनेमा प्रेम को परदे से आगे ले जाने और इस अनुभव का हिस्सा बनने का न्योता देता है।

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