काठमांडू: भारत और नेपाल के गृह मंत्रालय के सीनियर अधिकारी गुरुवार और शुक्रवार को देहरादून में बॉर्डर मैनेजमेंट और दोनों देशों के बीच सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर बातचीत करेंगे। दोनों देशों के बीच खुली और आसानी से पार की जा सकने वाली सीमा पर सुरक्षा को लेकर हाल के समय में काफी ध्यान दिया जा रहा है। बॉर्डर मैनेजमेंट पर भारत-नेपाल जॉइंट वर्किंग ग्रुप की 14वीं बैठक नेपाल के तराई-मधेस इलाके में हाल ही में हुई अशांति और सांप्रदायिक हिंसा के बाद हो रही है। इस इलाके की सीमा भारत और नेपाल के बीच काफी लंबी है।नेपाल में पिछले दिनों भीषण सांप्रदायिक हिंसा हुई थी और आरोप है कि एक मौलाना भारतीय सीमा से नेपाल गया था। रिपोर्ट के मुताबिक भारत से सटे नेपाल के सुनसरी जिला के दीवानगंज गांवपालिका में हुए सांप्रदायिक हिंसा के मामले में सीमावर्ती क्षेत्र में स्थापित मदरसे और बांग्लादेश और पाकिस्तान के जमात का कॉर्डिनेटर मौलवी इलियास मंसूरी का हाथ होने का मामला सामने आया था। सांप्रदायिक हिंसा में झोंकने का षडयंत्र न केवल नेपाल तक ही सीमित था, बल्कि इसे भारत और खासतौर पर बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंचाने की साजिश थी।कट्टरपंथी मौलाना का नेपाल दंगे में हाथ होने का शक
हालांकि नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों को नेपाल में पिछले महीने हुए दंगे में भारत से काम करने वाले लोगों या समूहों के बीच कोई सीधा या अप्रत्यक्ष संबंध होने का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। फिर भी काठमांडू पोस्ट से नेपाली गृह मंत्रालय के एक सीनियर अधिकारी ने कहा है कि बातचीत में बॉर्डर सिक्योरिटी और सीमा पार से जुड़े अन्य मुद्दों पर खास तौर पर चर्चा होने की उम्मीद है। अधिकारी ने कहा 'बातचीत में धार्मिक कट्टरपंथ, तीसरे देश के नागरिकों की गतिविधियां और उनकी आवाजाही पर नजर रखने जैसे मुद्दों को शामिल किए जाने की उम्मीद है।'
भारत-नेपाल के अधिकारियों के बीच कल बैठक
पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक नेपाली गृह मंत्रालय में सिक्योरिटी एंड कोऑर्डिनेशन डिवीजन के जॉइंट सेक्रेटरी आनंद काफ्ले दो दिन की इस सालाना बैठक में नेपाली प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। नेपाली मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि एजेंडा में सीमा पार आपराधिक गतिविधियां, तीसरे देश के नागरिकों का प्रवेश और आवाजाही, तस्करी, भारत से नेपाल में ड्रग्स की तस्करी और हथियार व गोला-बारूद का अवैध व्यापार शामिल हैं।
नकली करेंसी का चलन, नेपाल और भारत की सुरक्षा एजेंसियों के बीच जानकारी साझा करना, सीमा से जुड़े नियम, नो-मैन्स लैंड से अतिक्रमण हटाना और गैर-कानूनी व्यापार भी एजेंडा का हिस्सा हैं। एजेंडा में नेपाली सुरक्षा एजेंसियों को भारत की मदद, जानकारी साझा करना, नेपाल के सुरक्षा संस्थानों की क्षमता बढ़ाना और नेपाल की ओर से भारत से अपने राष्ट्रीय पहचान पत्र को यात्रा के लिए वैध दस्तावेज़ के तौर पर मान्यता देने का अनुरोध भी शामिल है।