15 दिन के नवजात की जानलेवा संक्रमण से जंग; बारोड़ हॉस्पिटल के डॉक्टरों की मेहनत से मिला नया जीवन

Updated on 17-02-2025 02:34 PM

इंदौर 15 दिन की अल्प आयु में, जब एक नवजात दुर्लभ संक्रमण से ग्रसित हो जाए और उसकी पूरी पीठ व पुट्ठे की खाल काली पड़ने लगे, फिर यह संक्रमण फैलकर पेट व नाभि तक पहुंच जाए—जहां से अम्बिलिकल आर्टरी और वेन के माध्यम से शरीर के आंतरिक वाइटल ऑर्गन्स को खतरा हो—तो ऐसे में डॉक्टर और परिवार के लिए उम्मीद खो देने के अलावा ज्यादा रास्ते नहीं बचते। ऐसा ही एक दुर्लभ मामला इंदौर के बारोड़ अस्पताल में सामने आया, जहां 15 दिन के नवजात को सिनर्जिस्टिक बैक्टीरियल गैंग्रीन विद सेप्टीसीमिया नामक घातक संक्रमण ने अपनी चपेट में ले लिया। बच्चा मरणासन्न अवस्था में था और उसे डॉ. हिमांशु केलकर की देखरेख में भर्ती कराया गया। उसकी ब्लड काउंट 29,000 तक पहुंच गई थी, और वह सेप्टीसीमिया की गंभीर स्थिति में था। नवजात दूध भी नहीं पी पा रहा था, जिससे उसकी स्थिति और नाजुक हो गई थी।

बारोड़ अस्पताल के चीफ़ प्लास्टिक और रिकंस्ट्रक्टिव सर्जन डॉ अश्विनी दास ने बताया कि, “यह एक अत्यंत जटिल और चुनौतीपूर्ण मामला था, लेकिन टीम के समर्पण और परिवार के विश्वास ने इसे संभव बना दिया। सिनर्जिस्टिक बैक्टीरियल गैंग्रीन विद सेप्टीसीमिया नवजात शिशुओं के लिए बेहद खतरनाक संक्रमण है, जो अक्सर नाभि के जरिए शरीर में प्रवेश करता है। इसमें बैक्टीरिया की कई प्रजातियाँ मिलकर त्वचा और अंदरूनी ऊतकों को तेजी से नष्ट कर देती हैं, जिससे शिशु की त्वचा काली पड़ने लगती है और घाव गहरे हो जाते हैं। यदि संक्रमण रक्तप्रवाह तक पहुंच जाए, तो सेप्टीसीमिया हो सकता है, जिससे शिशु के अंग काम करना बंद कर सकते हैं और जीवन को खतरा हो सकता है। यह संक्रमण कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले शिशुओं में जल्दी फैलता है, इसलिए समय पर इलाज और गहन चिकित्सा देखभाल आवश्यक होती है। नवजात की स्थिति बेहद गंभीर थी, लेकिन हमने सफलतापूर्वक संक्रमण को नियंत्रित कर उसे एक नया जीवन देने में सफलता पाई। यही नहीं, फ्लैप एडवांसमेंट और मेट्रिडर्म (कृत्रिम खाल) का उपयोग कर पीठ का पुनर्निर्माण किया गया। यह सिर्फ चिकित्सा की जीत नहीं, बल्कि एक परिवार की उम्मीदों का पुनर्जन्म है। बच्चे के पिता होटल में काम करते हैं, और सीमित संसाधनों के कारण लंबे इलाज का खर्च उठाना मुश्किल था। ऐसे में, एक कंपनी ने 40,000 रुपये की कृत्रिम त्वचा (आर्टिफिशियल स्किन सब्सटीट्यूट), मेट्रिडर्म नि:शुल्क उपलब्ध कराई, जिसका दो बार उपयोग किया गया। दुनिया में पहली बार 15 दिन के नवजात पर डर्मल सब्सटीट्यूट का सफल उपयोग हुआ, जिससे अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा विशेषज्ञ भी उत्साहित हैं। यह किसी चमत्कार से कम नहीं कि नन्हा सार्थक अब एक योद्धा की तरह नया जीवन पा रहा है। हमें गर्व है कि इस दुर्लभ सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया, और यह मेडिकल जगत के लिए भी एक प्रेरणादायक उपलब्धि है।”

बारोड़ हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. संजय गोकुलदास ने इस सफल सर्जरी पर खुशी जाहिर करते हुए कहा, "हमें बेहद गर्व है कि हमने एक मासूम की जान बचाने में सफलता पाई। इस संक्रमण से लड़ने में हमारी डॉक्टरों की टीम का सामूहिक प्रयास वाकई काबिले तारीफ है। 15 दिन के सार्थक को सर्जरी के लिए एनेस्थीसिया देना जरूरी था, जिसमें एनेस्थीसिस्ट डॉ. चौहान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद, पीडियाट्रिशियन डॉ. हिमांशु केलकर, पीडियाट्रिक आईसीयू की इंटेंसिविस्ट डॉ. ब्लूम वर्मा, और आईसीयू टीम ने तुरंत इलाज शुरू किया। जब सार्थक की स्थिति गंभीर हो गई, तब प्लास्टिक और रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. अश्विनी दास ने इस चुनौतीपूर्ण केस को अपने हाथ में लिया और पूरी निष्ठा से इसका सामना किया। आज, सार्थक सवा महीने का 4 किलो का स्वस्थ बालक है।”

डॉ. संजय गोकुलदास ने आगे कहा, "मैं पूरी टीम को बधाई देता हूं कि उनके अथक प्रयासों से अब यह नन्हा योद्धा, सार्थक, नई जिंदगी की ओर बढ़ रहा है। परिवार के सहयोग और डॉक्टरों के समर्पण ने इस सफलता को संभव बनाया है।"


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 22 April 2026
इंदौर।  इंटरस्टिशियल लंग डिजीज (ILD), गंभीर COPD, पल्मोनरी फाइब्रोसिस, ब्रोंकिएक्टेसिस और केमिकल पॉइजनिंग जैसे मामलों में लंग ट्रांसप्लांटेशन जीवन रक्षक साबित हो रहा है। समय पर इलाज और सही रेफरल…
 21 April 2026
इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर को एक और अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा आयोजन की मेजबानी मिलने जा रही है। शहर में चौथी ब्रोंकोपुलमोनरी वर्ल्ड कांग्रेस 2026 का आयोजन 3 से 5 जुलाई 2026 तक किया जाएगा। इस तीन दिवसीय…
 21 April 2026
इंदौर। विश्व लिवर दिवस 2026 के अवसर पर केयर सीएचएल हॉस्पिटल इंदौर में “लिवर हेल्थ एंड अवेयरनेस प्रोग्राम” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अस्पताल के वरिष्ठ विशेषज्ञों ने लिवर…
 10 April 2026
इंदौर: विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर, एचसीजी इंदौर ने जागरूकता पहल शुरू की, जो इसके आधिकारिक लॉन्च का भी प्रतीक है। इस पहल का उद्देश्य कैंसर की रोकथाम हेतु स्क्रीनिंग और शुरुआती पहचान…
 09 April 2026
इंदौर: यूनिक हॉस्पिटल ने आर्थोपेडिक जॉइन्ट रिप्लेसमेन्ट के लिए अत्याधुनिक मिसो (MISSO) रोबॉटिक प्रणाली की शुरुआत की है। इसी वर्ष 1 जनवरी से शुरू हुई यह एआई - आधारित उन्नत…
 06 April 2026
भोपाल : भारत में अनुमानित 4.2 करोड़ महिलाएं एंडोमेट्रियोसिस से प्रभावित हैं, लेकिन इसके लक्षण शुरू होने और सही पहचान होने में औसतन 6 साल से अधिक का समय लग…
 28 March 2026
इंदौर। बच्चों की हिम्मत, जज़्बे और मुस्कान को समर्पित ‘लिटिल चैंपियंस मीट’ का आयोजन केयर सीएचएल हॉस्पिटल, इंदौर द्वारा सफलतापूर्वक किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में लगभग 20 बच्चों और…
 26 March 2026
इंदौर: शहर में पहली बार एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए शैल्बी हॉस्पिटल की ट्रांसप्लांट टीम ने ब्रेन डेड डोनर से प्राप्त दोनों किडनियों का सफलतापूर्वक प्रत्यारोपण एक ही दिन…
 21 March 2026
इंदौर: एचसीजी कैंसर हॉस्पिटल, इंदौर ने महिलाओं के स्वास्थ्य, कैंसर की प्रारंभिक पहचान के महत्व और निवारक स्वास्थ्य देखभाल के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से दो दिवसीय “विमेन हेल्थ मेला” का…
Advt.