
भोपाल ।अपराधों की रोकथाम हेतु फरार ईनामी/ आरोपी एवं गिरफ्तारी/स्थाई वारंटियों की धरपकड़ हेतु नगरीय पुलिस भोपाल के करीब 1200 अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा बीती रात्रि को कॉम्बिंग गश्त की गई। काम्बिंग गश्त से पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री सचिन अतुलकर द्वारा समस्त स्टॉफ को कमिश्नर कार्यालय में ब्रीफ कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए एवं प्रत्येक थानों से 5-5 टीमें बनाकर उन्हें टास्क देकर क्षेत्र में रवाना किया गया।
कॉम्बिंग गश्त रात्रि लगभग 10:30 बजे से प्रारंभ की जाकर प्रातः करीब 5 बजे तक की गई। कॉम्बिंग गश्त सरप्राइज होने की वजह से गुंडे/बदमाशों को सतर्क होने व भागने का मौका नहीं मिला, जिससे भारी संख्या में स्थाई/गिरफ्तारी वारंट तामील किये गए। भोपाल पुलिस द्वारा एक साथ इतनी संख्या में वारंट तामिली पहली बार हुई है, जिसे तामील करवाने में अमूमन महीनों लग जाते है। *इससे पूर्व दिनांक 05 फरवरी 22 की रात्रि 268 स्थाई/गिरफ्तारी वारंट तामिल कराये गये थे।*
दरम्यानी रात्रि चलाये गए विशेष अभियान काम्बिंग गश्त के दौरान केवल *7 घण्टे के अंतराल में कुल 260 स्थाई वारंट एवं 251 गिरफ्तारी वारंट समेत कुल 511 वारंट की तामिली की गई व 12 जिला बदर उल्लंघन करने वाले आरोपियो को गिरफ्तार किया गया तथा जमानतीय वारंट, 110, 107/116, फ़रार आरोपी, जिला बदर नोटिस, समंस समेत करीब 400 वारंट व नोटिस तामिल कराये गये। इस तरह से लगभग 900 से अधिक* वारंट व नोटिस तामिल किये गये, साथ ही लगभग 250 से अधिक हिस्ट्रीशीटर चेक किये गये।
पुलिस उपायुक्त जोन 1, 2, 3, 4 व क्राईम व उनके साथ समस्त अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, सहायक पुलिस आयुक्त तथा समस्त थाना प्रभारी काम्बिंग गश्त के दौरान फ़ील्ड मे मौजूद रहे। कमिश्नरेट सिस्टम मे लगातार अपराधियों पर प्रतिबंधात्मक कार्यवाई के साथ धरपकड़ अभियान भी लगातार जारी है।
स्थाई/गिरफ्तारी वारंट की तामीली होने से उन न्यायालय लम्बित प्रकरण पड़े थे उन प्रकरणो का भी त्वरित निराकरण होकर पीड़ितो को न्याय मिल सकेगा। इन वारंटियो मे मर्डर, रेप, लूट, चेक बाऊंस, फ्रॉड जैसी इकोनोमिक सम्बंधित अपराधी भी हैं। उक्त अभियान से निश्चित रूप से आमजन पर सकारात्मक प्रभावी असर एवं अपराधियों मे पुलिस/कानून का खौप बढ़ेगा। आगामी दिनो मे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।