एनीमिया जागरूकता की अलख, अब राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन की ओर अग्रसर : डॉ. ए के द्विवेदी

Updated on 08-02-2026 07:26 PM

भोपाल : भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय होम्योपैथी सम्मेलन में देश के वरिष्ठ होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. ए के द्विवेदी ने कहा कि एनीमिया जागरूकता के क्षेत्र में वर्षों से चल रहा अभियान अब मध्य प्रदेश की सीमाओं को पार कर राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन का स्वरूप लेने जा रहा है। हेल्दी वर्ल्ड विज़न फाउंडेशन द्वारा आयोजित होमियोविजन-3 राष्ट्रीय होम्योपैथी सम्मेलन में , पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेदिक महाविद्यालय, आयुष परिसर स्थित सभागार में बतौर वक्ता संबोधित करते हुए डॉ. द्विवेदी ने अप्लास्टिक एनीमिया से पूर्णतः स्वस्थ हुए मरीजों की उपचार प्रकरण शृंखला प्रस्तुत कीए,जिसे देशभर से पधारे होम्योपैथी चिकित्सकों, छात्र.छात्राओं एवं विशेषज्ञों द्वारा सराहा गया। डॉ.ए के द्विवेदी  ने बताया कि यह एनीमिया जागरूकता अभियान मूल रूप से इंदौर से प्रारम्भ हुआ था और पिछले 27 वर्षों से निरंतर संचालित किया जा रहा है। इस सतत जनसेवा, शोध कार्य और जन जागरूकता प्रयासों के कारण अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और सराहना प्राप्त हुई है। भारत सरकार एवं आयुष मंत्रालय द्वारा उन्हें समय.समय पर महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व सौंपे जाते रहे हैं। अब यह अभियान केवल इंदौर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के साथ देशभर में विस्तार किया जाएगा। इस वर्ष इंदौर में एनीमिया जागरूकता अभियान 17 फरवरी से 1 मार्च तक आयोजित किया जाएगा। अभियान का समापन एक राष्ट्रीय होम्योपैथी सम्मेलन के रूप में होगा, जिसमें होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ( मध्यप्रदेश शाखा ) के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में चिकित्सक भाग लेंगे। इस अभियान में इंदौर सांसद सेवा प्रकल्प मुख्य सहयोगी की भूमिका निभाएगा। अभियान का संचालन आयुष मेडिकल वेलफेयर फाउंडेशनए एडवांस्ड होम्योपैथी सोसायटी तथा सेहत एवं सूरत के संयुक्त सहयोग से किया जाएगा। डॉ. द्विवेदी के नेतृत्व में इस वर्ष अभियान को जन.जन तक पहुँचाने की रणनीति बनाई गई है। अब यह पहल अस्पतालों और सभागारों तक सीमित न रहकर सीधे आम नागरिकों के घरों तक पहुँचेगी। अभियान के दौरान लोगों को एनीमिया के सामान्य लेकिन अक्सर अनदेखे लक्षणों - लगातार कमजोरी, थकान, भूख कम लगना, शरीर में दर्द, चक्कर आना, त्वचा व आँखों में पीलापन - के प्रति जागरूक किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर निःशुल्क हीमोग्लोबिन जाँच एवं स्वास्थ्य परामर्श भी उपलब्ध कराया जाएगा।

पोषण बनेगा अभियान में पोषण को विशेष प्राथमिकता दी गई है। लोगों को भुना चना, गुड़, पिंड खजूर (खारक), किशमिश जैसे आयरन युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि आयरन की कमी को प्राकृतिक और सरल तरीकों से दूर किया जा सके। इस वर्ष 70 लाख लोगों तक पहुँचने का लक्ष्य : इस वर्ष एनीमिया जागरूकता रथ के माध्यम से 70 लाख से अधिक लोगों तक पहुँचने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। चिकित्सा छात्रों की सक्रिय भागीदारी, घर.घर संपर्क अभियान और स्थल पर जाँच इस पहल को जनआंदोलन का स्वरूप दे रही है। डॉ. द्विवेदी ने कहा कि भारत औषधीय संभावनाओं से समृद्ध देश है और भारत सरकार आयुष चिकित्सा पद्धतियों को लगातार सशक्त बना रही है। अब शासकीय चिकित्सालयों में एलोपैथी के साथ आयुर्वेद और होम्योपैथी विशेषज्ञ भी नियुक्त किए जा रहे हैं। डॉ.ए के द्विवेदी को आयुष मंत्रालय द्वारा पूर्वोत्तर आयुर्वेद एवं होम्योपैथी संस्थान, शिलांग की वैज्ञानिक सलाहकार समिति में सदस्य नामित किया गया है। वर्ष 2015 से वे केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद के वैज्ञानिक सलाहकार मंडल के सदस्य हैं। अप्लास्टिक एनीमिया एवं हीमैटोहाइड्रोसिस जैसी दुर्लभ बीमारियों के उपचार में उनकी विशेषज्ञता के कारण देशभर से मरीज उपचार हेतु इंदौर पहुँचते हैं। राष्ट्रीय चिंता : डॉ. द्विवेदी ने कहा कि गर्भावस्था के दौरान एनीमिया देश की प्रमुख स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक हैए जो माँ और शिशु दोनों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने गर्भवती महिलाओं को संतुलित आहार, नियमित रक्त जाँच  (सीबीसी एवं हीमोग्लोबिन जाँच ) और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की सलाह दी। डॉ. द्विवेदी ने कहा स्वस्थ मां ही स्वस्थ समाज और स्वस्थ राष्ट्र की आधारशिला होती है। गर्भावस्था में एनीमिया की अनदेखी भविष्य की पीढ़ी के स्वास्थ्य को खतरे में डाल सकती है। उन्होंने समाज से अपील की कि गर्भावस्था के दौरान नियमित जाँच, संतुलित आहार और समय पर चिकित्सकीय परामर्श अवश्य लें। साथ ही डॉ. द्विवेदी ने मध्यप्रदेश सरकार से संभाग स्तर पर शासकीय होम्योपैथी चिकित्सा महाविद्यालय तथा सभी जिलों में होम्योपैथी चिकित्सालय स्थापित करने की अपील की, ताकि सुरक्षित, प्रभावी और बिना किसी दुष्प्रभाव वाली इस चिकित्सा पद्धति का लाभ आम जनता तक सुगमता से पहुँच सके

 


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