विश्व लिवर दिवस पर केयर सीएचएल हॉस्पिटल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

Updated on 21-04-2026 11:21 AM
इंदौर। विश्व लिवर दिवस 2026 के अवसर पर केयर सीएचएल हॉस्पिटल इंदौर में “लिवर हेल्थ एंड अवेयरनेस प्रोग्राम” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अस्पताल के वरिष्ठ विशेषज्ञों ने लिवर से जुड़ी बीमारियों, बढ़ते जोखिम, समय पर जांच, आधुनिक उपचार पद्धतियों तथा लिवर ट्रांसप्लांट जैसी जीवनरक्षक सुविधाओं पर विस्तार से जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बताया कि वर्तमान समय में अनियमित खानपान, मोटापा, शराब का सेवन, वायरल संक्रमण, मधुमेह और निष्क्रिय जीवनशैली के कारण फैटी लिवर, सिरोसिस, हेपेटाइटिस और लिवर फेलियर जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
केयर सीएचएल अस्पताल में सफलतापूर्वक लिवर ट्रांसप्लांट करा चुके 17 मरीज इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इनमें लिविंग डोनर एवं कैडेवर, दोनों प्रकार के ट्रांसप्लांट मरीज सम्मिलित थे, जिनका कार्यक्रम में सम्मान किया गया।
नोडल अधिकारी मनीष पुरोहित, SOTTO पदाधिकारी निधि शर्मा तथा मुस्कान ग्रुप के जितु बागानी और संदीपन आर्य भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए अंगदान एवं लिवर ट्रांसप्लांट के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में मौजूद विशेषज्ञों ने कहा कि लिवर शरीर का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है, जो भोजन पचाने, विषैले तत्वों को बाहर निकालने, ऊर्जा संग्रहित करने और शरीर की कई जरूरी क्रियाओं को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाता है। इसलिए इसकी अनदेखी गंभीर परिणाम दे सकती है।
कार्यक्रम में उपस्थित कई मरीजों और उनके परिजनों ने भी अपने अनुभव साझा किए। मरीजों ने बताया कि समय पर जांच और विशेषज्ञ उपचार से उन्हें नई जिंदगी मिली है। उन्होंने लोगों से अपील की कि शरीर में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर उसे नजरअंदाज न करें और तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लें। मरीजों ने कहा कि नियमित जांच, संतुलित खानपान और सही जीवनशैली अपनाकर गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। उन्होंने अन्य लोगों को भी प्रेरित किया कि वे अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें और जागरूक बनें।
क्लीनिकल डायरेक्टर एवं जनरल, जीआई, कोलोरेक्टल, लेप्रोस्कोपिक और रोबोटिक सर्जन डॉ. सी पी कोठारी ने कहा कि आधुनिक सर्जरी तकनीकों ने जटिल लिवर और पेट संबंधी रोगों के उपचार को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बना दिया है। अब कई मामलों में लेप्रोस्कोपिक और रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से मरीजों को कम दर्द, कम रक्तस्राव और जल्दी रिकवरी का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यदि रोगी समय पर अस्पताल पहुंचे तो कई बड़ी सर्जरी को सफलतापूर्वक किया जा सकता है।
सीनियर कंसल्टेंट एवं विभागाध्यक्ष गैस्ट्रोएंटरोलॉजी डॉ. नीरज जैन ने कहा कि हेपेटाइटिस बी और सी संक्रमण लिवर खराब होने के बड़े कारणों में शामिल हैं। जागरूकता, वैक्सीनेशन, सुरक्षित जीवनशैली और नियमित स्वास्थ्य जांच से इन रोगों को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को डायबिटीज, मोटापा या पुरानी पाचन संबंधी समस्या है, उन्हें समय-समय पर लिवर फंक्शन टेस्ट अवश्य करवाना चाहिए।
सीनियर कंसल्टेंट गैस्ट्रोएंटरोलॉजी डॉ. रविंद्र काले ने कहा कि लिवर रोगों के बढ़ते मामलों में खानपान की भूमिका सबसे अहम है। अत्यधिक तला-भुना भोजन, जंक फूड, मीठे पेय पदार्थ और शारीरिक गतिविधि की कमी फैटी लिवर को बढ़ावा देती है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन व्यायाम, संतुलित भोजन, पर्याप्त पानी और वजन नियंत्रण से लिवर को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।
लिवर ट्रांसप्लांट एवं एचपीबी सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. वचन एस. हुकेरी ने कहा कि जब लिवर पूरी तरह खराब हो जाता है या अंतिम अवस्था में पहुंच जाता है, तब लिवर ट्रांसप्लांट मरीज के लिए नई जिंदगी का माध्यम बनता है। आधुनिक तकनीक, अनुभवी टीम और बेहतर पोस्ट ऑपरेटिव केयर के कारण आज लिवर ट्रांसप्लांट के परिणाम पहले से कहीं अधिक सफल हैं। अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना समय की जरूरत है, क्योंकि एक दाता कई जिंदगियां बचा सकता है। आज लिवर ट्रांसप्लांट पूरी तरह सुरक्षित प्रक्रिया है। डोनर को भी किसी प्रकार का खतरा नहीं होता, क्योंकि लिवर कुछ महीनों में दोबारा विकसित होकर सामान्य रूप से कार्य करने लगता है। यही कारण है कि एक डोनर किसी जरूरतमंद को नई जिंदगी दे सकता है।
सीनियर कंसल्टेंट गैस्ट्रोएंटरोलॉजी डॉ. अमित गांगुली ने कहा कि शुरुआती अवस्था में लिवर की बीमारी के लक्षण स्पष्ट नहीं दिखाई देते, इसलिए लोग अक्सर जांच टाल देते हैं। लगातार थकान, भूख कम लगना, पेट फूलना, वजन घटना, पीलिया, उल्टी या पेट में दर्द जैसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि समय पर जांच हो जाए तो कई गंभीर बीमारियों को शुरुआती स्तर पर नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि फैटी लिवर आज युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है, जो आगे चलकर सिरोसिस तक पहुंच सकता है।
विधायक इंदौर श्री गोलू शुक्ला ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में लोग स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि स्वस्थ शरीर ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। लिवर हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग है और इसकी सुरक्षा के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है। केयर सीएचएल हॉस्पिटल द्वारा विश्व लिवर दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम समाज के लिए सराहनीय पहल है, जिससे लोगों को सही समय पर जांच, उपचार और बचाव की जानकारी मिलेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे जनहित कार्यक्रमों से समाज में स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच विकसित होती है।
केयर सीएचएल हॉस्पिटल के एचसीओओ (हॉस्पिटल चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर) मनीष गुप्ता ने कहा, केयर सीएचएल हॉस्पिटल में लिवर रोगों की जांच, एंडोस्कोपी, गैस्ट्रो केयर, जटिल सर्जरी, क्रिटिकल केयर और लिवर ट्रांसप्लांट जैसी उन्नत सुविधाएं उपलब्ध हैं। संस्थान का उद्देश्य केवल उपचार देना नहीं, बल्कि लोगों में समय रहते जागरूकता बढ़ाना भी है।  विश्व लिवर दिवस का संदेश यही है कि यदि जीवनशैली सुधारी जाए, शराब और तंबाकू से दूरी रखी जाए, संतुलित आहार लिया जाए तथा समय-समय पर जांच करवाई जाए, तो अधिकांश लिवर रोगों से बचाव संभव है। अस्पताल आगे भी ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा, ताकि शहर और प्रदेश के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य मार्गदर्शन मिल सके।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 06 June 2026
इंदौर। देशभर में लिवर संबंधी बीमारियों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और अब इसका प्रभाव मध्य भारत में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। बदलती जीवनशैली, मोटापा,…
 29 May 2026
इंदौर। कई बार जिंदगी की सबसे खतरनाक शुरुआत बहुत सामान्य लगती है। दोस्तों के साथ ली गई पहली सिगरेट, तनाव कम करने के नाम पर खाया गया गुटखा या लंबे…
 27 May 2026
इंदौर: बदलती जीवनशैली, तनाव और अनियमित खानपान के कारण हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसी गंभीर स्वास्थ्य चुनौती को ध्यान में…
 22 May 2026
इंदौर: इंदौर के केयर सीएचएल हॉस्पिटल में हाल ही में एक जटिल और दुर्लभ मेडिकल केस का सफलतापूर्वक इलाज किया गया, जिसने डॉक्टरों के सामने कई गंभीर चुनौतियाँ खड़ी कर…
 20 May 2026
इंदौर: बेहतर इलाज, आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम किसी भी अस्पताल की सबसे बड़ी पहचान होती है। मरीज़ों का भरोसा और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं ही किसी संस्थान को…
 16 May 2026
भोपाल। अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान (AIGGPA), भोपाल के उपाध्यक्ष प्रो. राजीव दीक्षित से आज उनके भोपाल स्थित कार्यालय में आयुष एवं होम्योपैथिक चिकित्सा तथा अनुसंधान को…
 14 May 2026
इंदौर| अस्पतालों में इलाज की प्रक्रिया सिर्फ डॉक्टरों तक सीमित नहीं होती, बल्कि एक पूरी टीम इसके पीछे काम करती है। इस टीम में नर्सिंग स्टाफ की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है,…
 14 May 2026
इंदौर| अस्पतालों में डॉक्टर अक्सर इलाज का चेहरा माने जाते हैं, लेकिन मरीज़ के सबसे करीब अगर कोई होता है तो वह नर्सिंग स्टाफ होता है। दवाइयों से लेकर मरीज…
 13 May 2026
इंदौर : एचसीजी कैंसर अस्पताल ने तंबाकू सेवन के कारण लगातार बढ़ रहे ओरल कैंसर मामलों को देखते हुए अपने जागरूकता अभियान ‘द पी.ए.ए.एन. स्पॉट’ [Prevent. Addiction. Avoid. Nicotine] को और…
Advt.