
भोपाल । शिक्षक पात्रता परीक्षा को निरस्त करने और आरक्षक भर्ती परीक्षा के रिजल्ट की जांच करवाने की मांग को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (भाराछासं) ने प्रदर्शन करते हुए पीईबी को 'घोटाला घर' की संज्ञा दी। भाराछासं के कार्यकर्ता लगातार एमपी प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (एमपीपीईबी) का विरोध कर रहे हैं लेकिन उनकी मांगे नहीं मानी जा रही है। इसी सिलसिले में कल भाराछासं के कार्यकर्ता राजधानी में स्थित पीईबी कार्यालय के गेट पर पहुंचे और नारेबाजी करते हुए इस संस्था की नाम पट्टिका के आगे 'घोटाला घर' का बैनर टांग दिया।
इसके बाद वे कार्यालय के नजदीक लिंक रोड वन स्थित व्यापमं चौराह पर पहुंचे और यहां भी 'घोटाला घर चौराहा' का बैनर लटकाया। भाराछासं के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं भोपाल जिला अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने बताया कि व्यापमं यानी मध्यप्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल यानी प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड पीईबी नाम बदल कर घोटाला घर और व्यापाम चौराहे का नाम बदलकर घोटाला घर चौराहा रख देना चाहिए।
इस मुहिम की शुरुआत शनिवार को हमने बैनर लगाकर कर दी है। भाराछासं ने मांग की है कि मप्र प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा के पेपर के स्क्रीनशॉट वायरल होने के बाद आनलाइन परीक्षा को रद किया जाना चाहिए और मामले की जांच सीबीआइ से करवानी चाहिए। वहीं आरक्षक भर्ती परीक्षा में भी अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। आशुतोष चौकसे ने पीईबी को महाघोटालो का केंद्र बताया और व्यापमं चौराहे का नाम बदल कर घोटाला चौराहा एवं घोटाला घर रखने की मांग की। वहां पर बैनर लगाते हुए लिखा है कि तुम ने नाम बदला छुपाने के लिए, हम ने बदला जगाने के लिए।
आशुतोष चौकसे के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने लगाए पीईबी के बाहर घोटाला घर का बैनर लगाकर जांच कराने की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। बता दें, कि इससे पहले भी भाराछासं और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता हर रोज अनोखे ढंग से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि भाजपा सरकार जिस तरह से इस पूरे मामले को दबाने का काम कर रही है, उसको हम सफल नहीं होने देंगे और मध्यप्रदेश में लगतार विद्यार्थियों के भविष्य से हो रहे खिलवाड़ को लेकर पूरे प्रदेश में युवा कांग्रेस द्वारा चरणबद्ध आंदोलन करेंगे।
उन्होंने बताया कि व्यापमं ने पूर्व में प्रदेश के लाखों प्रतिभावान युवाओं एवं छात्रों का भविष्य खराब किया है और लाखों युवाओं का भविष्य खराब होने की कगार पर है। विभिन्न विभागों में भर्तियों और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए परीक्षाओं में घोटालों को लेकर बोर्ड पहले भी देशभर में कुख्यात रहा है।