
भोपाल । प्रदेश के सभी छह सहकारी दुग्ध संघों में से मात्र भोपाल सहकारी दुग्ध संघ ने ही दूध के दाम मनमाने तरीके से बढा लिए है और वह दाम करने को भी तैयार नहीं है। अभी तक भोपाल सहकारी दुग्ध संघ ने अपनी तरफ से एक रुपये दाम बढ़ाकर उपभोक्ताओं से 5.60 लाख रुपये की वसूली की है।
यह राशि सात दिन के भीतर उपभोक्ताओं से वसूली है। यह आगे भी जारी रहेगी, क्योंकि रविवार शाम तक भोपाल दुग्ध संघ ने दाम कम नहीं किए हैं। दाम कम करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है जो इस मामले में पड़ने से बच रहे हैं । मालूम हो कि प्रदेश के छह सहकारी दुग्ध संघों में से अकेले भोपाल दुग्ध संघ ने ही सांची के चाह दूध के दाम पांच रुपये प्रति लीटर बढ़ाए हैं।
बाकी के किसी भी दूध संघ ने उपभोक्ताओं पर इस तरह बोझ नहीं डोला। इंदौर दुग्ध संघ तो सिर्फ दो रुपये ही बढ़ाएं हैं जो कि इस वैरिएंट के दूध पर प्रदेश में सबसे कम बढ़ोतरी है। वहीं ग्वालियर दुग्ध संघ ने तीन रुपये की बढ़ोतरी की है। बुंदेलखंड, जबलपुर, उज्जैन ने भी दाम तो बढ़ाए लेकिन चार से ज्यादा की बढ़ोतरी नहीं की है। ग्वालियर दुग्ध संघ के सीईओ एएस सेंगर, जबलपुर दुग्ध संघ सीईओ दीपक शर्मा, उज्जैन सीईओ डीपी सिंह समेत अन्य सीईओ का कहना है कि वे एमपीसीडीएफ द्वारा तय दामों से ज्यादा बढ़ोतरी नहीं कर सकते।बता दें कि भोपाल दुग्ध संघ ने 21 मार्च से दाम में बढ़ोतरी की है। चार रुपये दाम बढ़ाने की अनुमति सरकार की तरफ एमपी स्टेट कोआपरेटिव डेयरी फेडरेशन के प्रबंध संचालक संजय गुप्ता द्वारा दी थी।
ये दाम तो बढ़ाए गए, साथ में अधिकारियों ने अपनी तरफ से चाह दूध पर प्रति लीटर एक रुपये बढ़ा दिए हैं। जिसकी वजह से यह दूध 52 की जगह 53 रुपये में मिल रहा है। एक अनुमान के मुताबिक रोजाना यह दूध 80 हजार उपभोक्ता खरीदते हैं जो सात दिनों से एक रुपये अतिरिक्त चुका रहे हैं। यह राशि 5.60 लाख रुपये होती है। इधर आम उपभोक्ताओं से एक रुपये की अतिरिक्त वसूली का मामला सरकार के संज्ञान में आया है। इस बारे में पशुपालन मंत्री प्रेम सिंह पटेल ने कहा कि उपभोक्ताओं के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। मामले की जांच कराएंगे, कार्रवाई की जाएगी।