
भोपाल : ब्रिस्टल मायर्स स्क्विब (बीएमएस) ने भारत में कोपोज़गो® (Mavacamten) लॉन्च करने की घोषणा की है। कोपोज़गो भारत में स्वीकृत पहला ओरल, सिलेक्टिव कार्डियक मायोसिन इनहिबिटर है, जो वयस्कों में सिम्प्टमेटिक न्यूयॉर्क हार्ट एसोसिएशन (NYHA) क्लास II–III ऑब्सट्रक्टिव हाइपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी (oHCM) के इलाज के लिए उपलब्ध है। सिम्प्टमेटिक ऑब्सट्रक्टिव एचसीएम प्रायः वंशानुगत हृदय रोग है, जो दीर्घकालिक परिस्थिति की वजह बनता है, जो समय के साथ कमजोर करता है और बढ़ता जाता है। इसमें रोगियों को सांस फूलना, चक्कर आना और थकान जैसे लक्षणों के साथ-साथ गंभीर और जीवन में बदलावों से जुड़ी जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है—जैसे हार्ट फेल्योर, अॅरिथमियाज, स्ट्रोक और दुर्लभ मामलों (~1%) में सडन कार्डियक डेथ। यह बीमारी विश्व स्तर पर लगभग हर 500 में से 1 व्यक्ति को प्रभावित करती है और अनुमान है कि भारत में लगभग 28 लाख लोग इससे प्रभावित हैं, परंतु 80–90% रोगियों का निदान नहीं हो पाता है।[1]
भारत में मौजूदा चिकित्सीय उपचार जैसे बीटा ब्लॉकर्स, कैल्शियम चैनल ब्लॉकर्स और डिसोपाइरामाइड लक्षणों को कम करते हैं, लेकिन मूल समस्या का समाधान नहीं करते।[2] इनवेसिव सर्जिकल प्रक्रियाएँ—जैसे सेप्टल रिडक्शन थेरपी (अल्कोहल सेप्टल एब्लेशन या मायेक्टॉमी)—विकल्प हैं, लेकिन सभी मरीजों के लिए यह उपयुक्त या उपलब्ध नहीं होते। इनमें उच्च स्तरीय विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है। इस कारण ओएचसीएम का चिकित्सीय प्रबंधन अब भी एक बड़ी आवश्यकता बना हुआ है।