इंडियन चेस्ट सोसाइटी की गवर्निंग बॉडी में शामिल हुए डॉ. डोसी

Updated on 08-09-2025 04:26 PM

इंदौर। जीवन की कुछ उपलब्धियाँ केवल व्यक्तिगत नहीं होतीं, बल्कि शहर और समाज के लिए गर्व का कारण बन जाती हैं। आज के दौर में जब सांस से जुड़ी बीमारियाँ -अस्थमा, टीबी, सीओपीडी और कोविड-19 देश के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं, तब इस क्षेत्र के विशेषज्ञों की भूमिका और ज़िम्मेदारी और भी अहम हो जाती है। ऐसे समय में इंदौर के प्रसिद्ध चेस्ट फिजिशियन डॉ. रवि अशोक डोसी को इंडियन चेस्ट सोसाइटी की गवर्निंग बॉडी के माननीय सदस्य के रूप में चुना गया। उनका कार्यकाल 2025 से 2027 तक रहेगा जिसमें वे इस क्षेत्र में होने वाले महत्वपूर्ण बदलावों एवं सुधारों का हिस्सा बनेंगे ।

डॉ. रवि अशोक डोसी पहले भी सोसाइटी में अहम जिम्मेदारियाँ निभा चुके हैं। 2023 से 2025 तक वे वेस्ट जोन चेयर रहे और उस दौरान उन्होंने मेडिकल एजुकेशन, वर्कशॉप्स और पेशेंट केयर के क्षेत्र में ज़रूरी काम किए।

इंडियन चेस्ट सोसाइटी की गवर्निंग बॉडी के माननीय सदस्य के रूप में चुने जाने पर डॉ. डोसी ने कहा "भारतीय चेस्ट सोसाइटी देशभर के डॉक्टरों और रिसर्चर्स को जोड़कर काम करती है। यह सोसाइटी फेफड़ों और सांस से जुड़ी बीमारियों पर रिसर्च करती है, गाइडलाइन तैयार करती है और एजुकेशन से जुड़े कार्यक्रम चलाती है। सोसाइटी की गवर्निंग बॉडी ही इसकी दिशा और कामकाज तय करती है। भारतीय चेस्ट सोसाइटी की गवर्निंग बॉडी का हिस्सा बनना मेरे लिए सम्मान और जिम्मेदारी दोनों है। आने वाले समय में मेरी कोशिश रहेगी कि हम रिसर्च को और मजबूत करें, डॉक्टर्स को नई ट्रीटमेंट मेथड्स से जोड़ें और हर मरीज तक बेहतर सुविधा पहुँचा सकें। यह उपलब्धि केवल मेरी नहीं, बल्कि पूरे शहर और उन सभी साथियों की है जिन्होंने हमेशा मेरा साथ दिया।"

मध्यभारत में कार्यरत डॉ. डोसी को इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी, स्लीप मेडिसिन, अस्थमा, सीओपीडी और टीबी जैसे विषयों में गहरा अनुभव है। कोविड-19 महामारी के समय उन्होंने न सिर्फ मरीजों का इलाज किया बल्कि डॉक्टरों और छात्रों के लिए कई ट्रेनिंग प्रोग्राम्स भी चलाए। भारतीय चेस्ट सोसाइटी की गवर्निंग बॉडी में शामिल होने के बाद अब उनसे उम्मीद की जा रही है कि वे राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे रिसर्च और एजुकेशन कार्यक्रमों को नई दिशा देंगे। उनका अनुभव संस्था के लिए मार्गदर्शन का काम करेगा और सांस से जुड़ी बीमारियों के इलाज के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों से निपटने में मददगार साबित होगा।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 06 June 2026
इंदौर। देशभर में लिवर संबंधी बीमारियों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और अब इसका प्रभाव मध्य भारत में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। बदलती जीवनशैली, मोटापा,…
 29 May 2026
इंदौर। कई बार जिंदगी की सबसे खतरनाक शुरुआत बहुत सामान्य लगती है। दोस्तों के साथ ली गई पहली सिगरेट, तनाव कम करने के नाम पर खाया गया गुटखा या लंबे…
 27 May 2026
इंदौर: बदलती जीवनशैली, तनाव और अनियमित खानपान के कारण हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसी गंभीर स्वास्थ्य चुनौती को ध्यान में…
 22 May 2026
इंदौर: इंदौर के केयर सीएचएल हॉस्पिटल में हाल ही में एक जटिल और दुर्लभ मेडिकल केस का सफलतापूर्वक इलाज किया गया, जिसने डॉक्टरों के सामने कई गंभीर चुनौतियाँ खड़ी कर…
 20 May 2026
इंदौर: बेहतर इलाज, आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम किसी भी अस्पताल की सबसे बड़ी पहचान होती है। मरीज़ों का भरोसा और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं ही किसी संस्थान को…
 16 May 2026
भोपाल। अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान (AIGGPA), भोपाल के उपाध्यक्ष प्रो. राजीव दीक्षित से आज उनके भोपाल स्थित कार्यालय में आयुष एवं होम्योपैथिक चिकित्सा तथा अनुसंधान को…
 14 May 2026
इंदौर| अस्पतालों में इलाज की प्रक्रिया सिर्फ डॉक्टरों तक सीमित नहीं होती, बल्कि एक पूरी टीम इसके पीछे काम करती है। इस टीम में नर्सिंग स्टाफ की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है,…
 14 May 2026
इंदौर| अस्पतालों में डॉक्टर अक्सर इलाज का चेहरा माने जाते हैं, लेकिन मरीज़ के सबसे करीब अगर कोई होता है तो वह नर्सिंग स्टाफ होता है। दवाइयों से लेकर मरीज…
 13 May 2026
इंदौर : एचसीजी कैंसर अस्पताल ने तंबाकू सेवन के कारण लगातार बढ़ रहे ओरल कैंसर मामलों को देखते हुए अपने जागरूकता अभियान ‘द पी.ए.ए.एन. स्पॉट’ [Prevent. Addiction. Avoid. Nicotine] को और…
Advt.