
भोपाल । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक हुई। मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के संशोधन को मंजूरी दी। योजना में सामूहिक विवाह/निकाह कार्यक्रम में सम्मिलित पात्र प्रति कन्या के मान से 55 हजार रूपये स्वीकृत किये जायेंगे।
इस राशि में से 6 हजार रूपये की राशि सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजन करने हेतु आयोजनकर्ता निकाय को देय होगी एवं रूपये 38 हजार रूपये की सामग्री एवं 11 हजार रूपये का एकाउण्ट पेयी चेक कन्या को उपहार के रूप में आयोजनकर्ता निकाय द्वारा प्रदाय किये जायेंगे।
श्रम विभाग के मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल में पंजीकृत श्रमिक हेतु विवाह सहायता योजना को सामाजिक न्याय विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में समाहित किया जायेगा।
कार्यक्रम के लिए अधिकृत संस्था सामूहिक विवाह का आयोजन शहरी क्षेत्र में नगर निगम/ नगर पालिका/ नगर परिषद तथा ग्रामीण क्षेत्र में जनपद पंचायत ही आयोजनकर्ता होंगे। अन्य किसी संस्था द्वारा कराये जा रहे सामूहिक विवाह इस योजना का लाभ पाने हेतु पात्र नहीं होंगे।
जिला एवं निकाय स्तरीय मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह आयोजन समिति
सामूहिक कन्या विवाह/निकाह कार्यक्रम का सुचारू रूप से आयोजन सुनिश्चित किये जाने हेतु जिला एवं निकाय स्तरीय समितियों का गठन जिले के प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से किया जायेगा। इन समितियों में वरिष्ठ शासकीय अधिकारी भी सदस्य होंगे।
जिले के प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से जिला कलेक्टर द्वारा जिले के प्रत्येक निकाय के लिए सामूहिक विवाह एवं निकाह हेतु 2-2 तिथियों का वित्तीय वर्षवार कैलेण्डर जारी होगा। इस कैलेण्डर का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जायेगा, जिससे इच्छुक जोड़ों द्वारा समय पर आवेदन किया जा सकें।
कन्या को 49 हजार रूपये की राशि गृहस्थी की स्थापना हेतु आवश्यक उपहार सामग्री प्रदाय की जायेगी। जिला एवं निकाय स्तरीय मुख्यमंत्री कन्या विवाह / निकाह आयोजन समिति प्रदाय की जा रही सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु प्रक्रिया निर्धारित करेगी।
आवेदन की प्रक्रिया पूर्वानुसार रहेगी, जिसके अनुसार वर-वधु को सामूहिक विवाह/निकाह कार्यक्रम के आयोजन की तिथि से कम से कम 15 दिवस पूर्व निर्धारित प्रपत्र में संयुक्त आवेदन करना होगा।
विवाह हेतु हितग्राहियों की पात्रता की जाँच सामूहिक विवाह कार्यक्रम से 7 दिवस पूर्व पूर्ण करने की जिम्मेदारी संबंधित स्थानीय निकाय की होगी। सामूहिक विवाह/निकाह कार्यक्रम का सोशल मीडिया सहित सभी माध्यमों द्वारा व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। योजना की शेष शर्ते पूर्वानुसार यथावत रहेगी। योजना में किये गये सभी संशोधनों को समाहित कर नवीन दिशा-निर्देश एक पुस्तिका के रूप में प्रकाशित किये जायेंगे।
32 हजार करोड़ रूपये से अधिक के निवेश की संभावना
मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में 05 नवीन औदयोगिक क्षेत्रों को 714.56 करोड़ रूपये की लागत से विकसित किये जाने का प्रशासकीय अनुमोदन दिया। बैरसिया जिला भोपाल परियोजना लागत 25.88 करोड़, आष्टा (झिलेला) जिला सीहोर 99.43 करोड़, धार (तिलगारा) जिला धार 79.43 करोड़ मेगा औदयोगिक पार्क रतलाम फेस-1 जिला रतलाम 462 करोड़ और नरसिंहपुर जिला नरसिंहपुर 47.82 करोड़ की परियोजना शामिल है।
इन 5 नवीन औदयोगिक क्षेत्रों के विकास से प्रदेश में लगभग 32 हजार करोड़ रूपये से अधिक का निवेश होना संभावित है। साथ ही 38 हजार 450 व्यक्तियों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध हो सकेगा।
ग्रामीण बैंकों के लिए पुनर्पूजीकरण सहायता योजना
मंत्रि-परिषद ने भारत सरकार द्वारा प्रदेश में कार्यरत दोनों क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को पुनर्पूंजीकरण सहायता योजना में कुल राशि 1414.83 करोड़ रूपये की अंशपूँजी सहायता स्वीकृत की, जिसमें राज्य शासन के हिस्से की राशि 212.23 करोड़ रूपये है।
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की अंशपूँजी में राज्यांश हिस्से की राशि के निवेश के प्रस्ताव पर निर्णय लिया गया है कि राज्य शासन द्वारा वित्त वर्ष 2021-22 में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की अंशपूँजी में भारत सरकार की स्वीकृति अनुसार राज्य शासन के हिस्से की राशि 212.23 करोड़ रूपये का निवेश किया जाये।
प्रदेश में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की कुल 1320 बैंक शाखाएँ कार्यरत हैं, जिनमें से 1172 शाखाएँ ग्रामीण एवं अर्द्ध शहरी क्षेत्र में है। इन बैंकों द्वारा मुख्यतः ग्रामीण एवं अर्द्ध शहरी क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं के साथ वित्तीय समावेशन से प्रदेश के ग्रामीण नागरिकों को बैंकिंग सुविधाएँ मुहैया कराई जा रही हैं। वर्तमान में इन बैंकों का प्रदेश में कुल व्यवसाय 40 हजार करोड़ रूपये से अधिक का है।
भारत सरकार द्वारा स्वीकृत पुनर्पूंजीकरण सहायता से इन बैंकों द्वारा अपने व्यवसाय में वृद्धि की जा सकेगी। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों द्वारा मुख्यतः ग्रामीण क्षेत्रों में वित्त पोषण किये जाने से रोजगार के नये अवसर निर्मित हो रहे हैं। इस पुनर्पूंजीकरण सहायता से इन बैंकों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उत्पन्न करने के लिये और अधिक वित्त पोषण किया जा सकेगा।