अपोलो अस्पताल में भर्ती 61 वर्षीय ब्रेन डेड मरीज ने बचाईं कई जिंदगियां परिवार ने किए अंगदान

Updated on 01-02-2024 05:26 PM
नई दिल्ली : करुणा और उदारता के मार्मिक प्रदर्शन के साथ दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में भर्ती 61वर्षीय मरीज के ब्रेन डेड घोषित होने के बाद परिजनों ने उनके अंग दान में दिए। परिजनों से अनुमति मिलने के बाद अस्पताल में विशेषज्ञों की टीम ने हृदय, लीवर और किडनी की पुनर्प्राप्ति कर उन्हें प्रत्यारोपण के लिए दूसरे अस्पतालों में भेजा जानकारी के अनुसार, उच्च रक्तचाप की समस्या से ग्रस्त 61वर्षीय मरीज को घातक स्ट्रोक के चलते दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में भर्ती किया गया जहां बीते 30 जनवरी को उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया। इस अपार दुख के बावजूद मृतक के परिवार ने निस्वार्थ निर्णय लेते हुए देश में अंग प्रत्यारोपण की आवश्यकता को न सिर्फ समझा बल्कि अन्य जरूरतमंद अजनबियों को बचाने के लिए उन्होंने अंगदान की अनुमति भी दी। इसके बाद अस्पताल की कुशल प्रत्यारोपण टीम ने अंग पुनर्प्राप्ति प्रक्रिया शुरू की।
नई दिल्ली स्थित इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. विनीत सूरी ने कहा जब कोई परिवार अपने किसी प्रियजन की अपूरणीय क्षति से निपटने के दौरान भी अंगदान के लिए तैयार होता है तो उस वक्त उन्हें जो आंतरिक शक्ति मिलती है, वह हमेशा पूरे समाज के लिए प्रेरक होती है। इस मामले में भी परिजनों ने सहानुभूति, उदारता और मानवीय भावना के उच्चतम आदर्शों को मूर्त रूप दिया है। हम चिकित्सा नैतिकता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि इस प्रक्रिया में प्रत्येक चरण अत्यंत संवेदनशीलता और सम्मान के साथ किया जाए। हमें पूरी उम्मीद है कि यह घटना अंगदान के विचारों को और अधिक व्यापक रूप से बढ़ावा देने में सहायक होगी।
अस्पताल में कुशल प्रत्यारोपण टीम द्वारा अंग पुनर्प्राप्ति प्रक्रिया आज सुबह 8ः30 बजे शुरू हुई। इस तरह सुबह करीब 11 बजे सबसे पहले हृदय की पुनर्प्राप्ति की। इसके बाद लीवर और फिर दोपहर 12ः30 बजे तक किडनी पुनर्प्राप्ति में सफलता मिली। यह महत्वपूर्ण अंग प्राप्तकर्ताओं को आवंटित किए जाएंगे, जिनमें एमजीएम हेल्थकेयर चेन्नई की एक 16 वर्षीय लड़की और जेपी अस्पताल नोएडा का एक मरीज शामिल है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 03 March 2026
भोपाल : भारत में बेहतरीन नेत्र चिकित्सा प्रदान करने के अपने संकल्प को मजबूत करते हुए, डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल ने भोपाल में अपना नया अत्याधुनिक नेत्र अस्पताल का शुभारंभ…
 21 February 2026
बेंगलुरु : भारत का पहला 100% एफडीआई-वित्तपोषित तृतीयक देखभाल अस्पताल, सकरा वर्ल्ड हॉस्पिटल ने आज अपने उन्नत और एकीकृत इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर केयर एंड ब्लड डिसऑर्डर्स का शुभारंभ किया। यह समर्पित केंद्र सटीकता-आधारित, तकनीक-सक्षम…
 21 February 2026
इंदौर: भारत में महिलाओं और बच्चों के प्रमुख हॉस्पिटल, मदरहुड हॉस्पिटल्स ने इंदौर में अपना दूसरा हॉस्पिटल राजीव गांधी चौक पर शुरू किया। यह हॉस्पिटल मध्य भारत में महिलाओं और…
 08 February 2026
भोपाल : हेल्दी वर्ल्ड विज़न फाउंडेशन द्वारा आयोजित दो दिवसीय नेशनल होम्योपैथी कॉन्फ्रेंस का आयोजन 7–8 फरवरी 2026 को पंडित खुशीलाल शर्मा आयुष ऑडिटोरियम में संपन्न हुआ। इस अवसर पर वरिष्ठ…
 08 February 2026
भोपाल : भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय होम्योपैथी सम्मेलन में देश के वरिष्ठ होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. ए के द्विवेदी ने कहा कि एनीमिया जागरूकता के क्षेत्र में वर्षों से चल रहा…
 04 February 2026
इंदौर।आँखों की सर्जरी के क्षेत्र में रोहित आई हॉस्पिटल, इंदौर फिर एक बार तकनीकी प्रगति की नई ऊंचाई छूने जा रहा है। रोहित आई हॉस्पिटल के एक्सपर्ट सर्जन अब अत्याधुनिक यूनिटी वीसीएस…
 03 February 2026
इंदौर। तेज़, सुरक्षित और कम दर्द वाले इलाज की बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, सेंटर ऑफ वैस्कुलर एंड इंटरवेंशनल केयर (CVIC) द्वारा इंदौर में 7 और 8 फरवरी को सीवीआईसी इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी समिट 2026 का आयोजन किया जा…
 31 January 2026
इंदौर। 2026 के तीसरे दिन इंदौर में चिकित्सा विज्ञान का ऐसा भविष्य दिखाई दिया, जहां इंसानी अनुभव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस साथ मिलकर इलाज की नई परिभाषा गढ़ते नजर आए। सुबह से…
 29 January 2026
भोपाल : स्ट्रोक के बाद का पहला घंटा, जिसे अक्सर ‘गोल्डन ऑवर’ कहा जाता है, मरीज के बचने और रिकवरी की संभावनाओं को काफी हद तक तय करता है। इंडियन स्ट्रोक एसोसिएशन के मुताबिक, भारत में…
Advt.