राष्ट्रीय पोषण माह: रोजाना के आहार में बादाम की महत्वपूर्ण भूमिका को समझें!

Updated on 11-09-2024 02:48 PM

भोपाल : एक संतुलित और पौष्टिक आहार पूरे स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। सही पोषण और खानपान की सेहतमंद आदतों के महत्व को समझने के लिए हम 1 से 30 सितंबर को राष्ट्रीय पोषण माह के रूप में मनाते हैं। पोषण संबंधी समस्याओं को सुनने, लोगों तथा कम्युनिटीज को जागरूक करने, सशक्त बनाने तथा खानपान के बेहतर विकल्पों को चुनने के लिए एक मंच प्रदान करता है। मैक्स हेल्थकेयर, दिल्ली की रितिका समद्दर, न्यूट्रीशन एवं वेलनेस कंसल्टेंट, शीला कृष्णास्वामी, फिटनेस मास्टर पिलेट्स इंस्ट्रक्टर यास्मिन कराचीवाला, एमबीबीएस एवं न्यूट्रिनिस्ट, डॉ. रोहिणी पाटिल , स्किन एक्सपर्ट एवं कॉस्मैटोलॉजिस्ट, डॉ. गीतिका मित्तल गुप्ता, अभिनेत्री वाणी भोजन व सोहा अली खान के अनुसार सही स्वास्थ्य पाने के लिए पौष्टिकता से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे बादाम, साबुत अनाज, सब्जियां, फल, फलियां और इस प्रकार की अन्य चीजों से युक्त संतुलित आहार लेना बेहद जरूरी है। बादाम में 15 आवश्यक पोषक तत्व होते हैं, जिनमें विटामिन ई, मैग्नीशियम, प्रोटीन, जिंक, पोटेशियम और आहारीय फाइबर शामिल हैं, जो संपूर्ण स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करते हैं।

इंडियन कौंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर)- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रीशन (एनआईएन) ने हाल ही में भारतीयों के लिए डाइटरी गाइडलाइन जारी की है। समें बताया गया है कि अच्छी सेहत के लिए रोजाना बादाम को नट के रूप में लेना चाहिए। रोजाना बादाम खाने से सेहत को कई सारे फायदे होते हैं जैसे वजन नियंत्रित रहता है, दिल की सेहत बेहतर होती है और ब्लड शुगर का स्तर नियंत्रित रहता है। 

अपनी फिटनेस की दिनचर्या और आदतों के लिए जानी जाने वाली बॉलीवुड अभिनेत्री सोहा अली खान कहती हैं, “मैं सोच-समझकर सेहतमंद खानपान की आदतों को पालन करती हूं। साथ ही अपने पोषण पर भी नजर रखने की कोशिश करती हूं, क्योंकि अच्छी सेहत बनाए रखने के लिए ये बेहद जरूरी है। मुझे हर मील में पौष्टिकता से भरपूर फूड्स को शामिल कर खाने का पहले ही प्लान करना पसंद है। यदि मैं शूटिंग या इंटरव्यू के लिए बाहर जाती हूं तो मैं अपने साथ हेल्दी स्नैक्स रखना नहीं भूलती जैसे बादाम का बॉक्स। इससे मुझे लंबे समय तक भूख नहीं लगती और मुट्ठीभर बादाम खाने से मुझे अपने रोजाना के पोषण को पूरा करने में भी मदद मिलती है। तो इस राष्टीय पोषण माह में आइए हम खाने की स्वस्थ आदतें अपनाने का संकल्प लें और अपने खाने में बादाम जैसे पौष्टिक फूड्स को शामिल करने की कोशिश करें।“

राष्ट्रीय पोषण माह पर अपनी बात रखते हुए, रीजनल हेड-डायटेटिक्स, मैक्स हेल्थकेयर, दिल्ली की रितिका समद्दर कहती हैं, “आसानी से मिलने और तेज रफ्तार जीवनशैली की वजह से जंक और एचएफएसएस (हाई फैट, शुगर, सॉल्ट) जैसी चीजें खाने से डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारियां और मोटापा जैसी जीवनशैली संबंधी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। इसलिए, मैं हमेशा ही सतर्कता से खानपान का विकल्प चुनने की सलाह देती हूं। साथ ही रोजमर्रा की जिंदगी में आवश्यक ढेर सारे पोषक तत्वों से युक्त संतुलित आहार जैसे सेहतमंद विकल्पों का रुख करने को कहती हैं। सही सेहत बनाए रखने के लिए अपने आहार में बादाम जैसे खाद्य पदार्थों को शामिल करना जरूरी है, क्योंकि इससे सेहत को काफी लाभ मिलता है। जैसे वजन, हानिकारक कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर का स्तर नियंत्रित रहता है। इसके साथ ही पूरी सेहत बनी रहती है और उसमें सुधार होता है।“

 

न्यूट्रीशन एवं वेलनेस कंसल्टेंट, शीला कृष्णास्वामी का कहना है, “भारत में आवश्यक पोषक तत्वों के सेवन का महत्व नहीं पता होने से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। इसलिए, हमें पोषण के प्राकृतिक स्रोतों वाले अलग-अलग तरह के फूड्स लेने चाहिए। आईसीएमआर-एनआईएन की हालिया गाइडलाइन भी बादाम जैसे नट्स को रोजाना अपने सेहतमंद आहार के रूप में खाने को कहती है। इतना ही नहीं, शोध अध्ययनों में बताया गया है कि बादाम भी पूरे डाइटरी पैटर्न में एक बेहतर भूमिका निभाता है। इससे टाइप 2 डायबिटीज और प्रीडायबिटीज से पीड़ित लोगों को लाभ मिलता है। ऐसे में बादाम जैसे खाद्य पदार्थों को अपने रोजाना के आहार का हिस्सा बनाना एक सेहतमंद जीवनशैली की तरफ बढ़ाया गया प्रभावी कदम है।“

फिटनेस मास्टर पिलेट्स इंस्ट्रक्टर यास्मिन कराचीवाला कहती हैं, “एक संतुलित, पौष्टिक आहार और नियमित रूप से फिजिक एक्टिविटी करना पूरी सेहत के लिए जरूरी है। नियमित वर्कआउट करने के साथ, मैं अपने क्लाइंट्स को पैकेट वाले या अत्यधिक प्रोसेस की गई चीजें खाने से बचने के लिए कहती हूं और बादाम जैसे प्राकृतिक विकल्पों को चुनने की सलाह देती हूं। ये प्रोटीन के बेहतरीन स्रोत होते हैं और मेरे वर्कआउट के बाद का एक अहम हिस्सा हैं। विविधताओं से भरपूर होने की वजह से बादाम को कई सारे तरीकों से खाया जा सकता है, फिर भी इसके पौष्टिक गुण बने रहते हैं। इसलिए, आप जहां भी जाएं अपने साथ बादाम का एक बॉक्स रखना अच्छा है।“

एमबीबीएस एवं न्यूट्रिनिस्ट, डॉ. रोहिणी पाटिल बताती हैं, “इस राष्ट्रीय पोषण माह के मौके पर मैं सबसे यही कहना चाहूंगी कि अपनी सेहत को गंभीरता से लें और खानपान के विकल्प सोच-समझकर चुनें। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और उससे होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के साथ, हम पौष्टिक आहार लेने के महत्व को नजरअंदाज नहीं कर सकते। इस बात को ध्यान में रखते हुए, मैं हमेशा ही अपने मरीजों को आहार में बादाम को किसी ना किसी रूप में लेने की सलाह देती हूं। बादाम ना केवल स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि इनमें कई सारे पोषक तत्व होते हैं। यदि इसे संतुलित आहार में शामिल कर लिया जाए तो दिल की सेहत और ब्लड शुगर के स्तर को बनाए रखने में मदद मिलती है। इस तरह के पौष्टिक विकल्पों को चुनकर आप अपनी संपूर्ण सेहत में काफी सुधार ला सकते हैं।’’

स्किन एक्सपर्ट एवं कॉस्मैटोलॉजिस्ट, डॉ. गीतिका मित्तल गुप्ता कहती हैं, “सेहतमंद त्वचा पाने की शुरुआत आपके भीतर से होती है और अच्छी स्किन पाने के लिए आपका आहार महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बादाम जैसे पोषण से भरपूर खाद्य पदार्थों को अपनी दिनचर्या में शामिल करने से काफी बदलाव लाया जा सकता है। फल तथा सब्जियों के साथ-साथ हर दिन मुट्ठीभर बादाम खाने से आपके स्किन की यूवी किरणों से लड़ने की ताकत स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है। इसके साथ ही बादाम में एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन ई और हेल्दी फैट्स होते हैं जोकि आपकी त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं और वो चमकदार बनती है।“

दक्षिण भारतीय अभिनेत्री वाणी भोजन कहती हैं, “कॅरियर का दबाव और व्यक्तिगत जिंदगी के बीच तालमेल बिठाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन अपनी सेहत को महत्व बेहद जरूरी है। मैं सेल्फ-केयर पर विश्वास करती हूं और सही प्रकार के भोजन के साथ अपने शरीर को पोषण देना सबसे बेहतर तरीका है। अपनी दिनचर्या में बादाम जैसे पौष्टिक फूड को शामिल करने से मुझे अपनी सेहत में काफी फर्क नजर आ रहा है। मुझे स्नैक में बादाम लेना पसंद है और मैं जहां भी जाती हूं अपने साथ एक बॉक्स रखती हूं। इन सारी आदतों का पालन करना मेरी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद साबित हुआ है। मैं हर किसी को खानपान की अनहेल्दी चीजों से बचने के लिए इसी तरह के सेहतमंद विकल्पों को चुनने की सलाह देती हूं।’’

 


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