
भोपाल । प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ धार्मिक उन्माद फैलाने के आरोप की जांच प्रारंभ हो गई है़। इस पूरे मामले की जांच पुलिस आयुक्त मकरंद देऊस्कर कर रहे है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह पर भोपाल क्राइम ब्रांच ने धार्मिक उन्माद फैलाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। बता दें कि रामनवमी की शोभायात्रा पर मध्य प्रदेश के खरगोन और बड़वानी जिले के सेंधवा में पथराव की घटनाएं हुई थीं। खरगोन में तनाव बढ़ने पर कर्फ्यू लगाना पड़ा है। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को एक फोटो ट्वीट किया जिसमें एक युवक धार्मिक स्थल पर भगवा झंडा फहराते दिखाई दे रहा है। इस ट्वीट पर कमेंट से माहौल सांप्रदायिक रंग लेने लगा।
इसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कहा कि दिग्विजय सिंह उन्माद भड़काने का प्रयास कर रहे हैं।उन्होंने जिस फोटो का उपयोग किया है वह मध्य प्रदेश का नहीं है। इसके बाद दिग्विजय ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया। इस मामले को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने भोपाल क्राइम ब्रांच के कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया।
इसके बाद पुलिस ने चित्तौड़ कांप्लेक्स निवासी प्रकाश मांडे की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया।दिग्विजय सिंह के खिलाफ धारा 153(ए) किसी धर्म या संप्रदाय के खिलाफ धार्मिक भावनाओं का ऐसा कार्य, जिससे लोगों के बीच में शांति या बाधा उत्पन्ना होती है। इसमें तीन वर्ष का कारावास या जुर्माना हो सकता है। धारा 295(ए): धार्मिक भावनाओं को आहत करना।
धारा 465: कूटरचना करना एवं धारा 505 (2): गैर जमानती, संज्ञेय व दो समुदायों के बीच शत्रुता, घृणा की भावना पैदा करने का आशय के तहत असत्य कथन कहना, के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। इसमें तीन साल तक का कारावास का प्रावधान है। इस बारे में पुलिस आयुक्त मकरंद देऊस्कर का कहना है कि मामले में जांच शुरू कर दी गई है।