इंदौर में होगा न्यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के 73वे वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन

Updated on 09-12-2025 11:55 AM

इंदौर: न्यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (NSI) अपनी 73वीं वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन -एनएसआईकॉन 2025 — का आयोजन 10 से 14 दिसंबर 2025 तक इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर, विजय नगर में करने जा रही है। यह सम्मेलन विशेष महत्व रखता है क्योंकि इस वर्ष सोसाइटी अपनी स्थापना के 75 वर्ष पूरे कर रही है। इस वर्ष की थीम “ब्रेन और स्पाइन केयर में चुनौतियों पर विजय" रखी गई है, जो न्यूरोलॉजी एवं न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में नवीनतम तकनीक, शोध और वैज्ञानिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने की एनएसआई की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

सम्मेलन का आयोजन न्यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंदौर द्वारा किया जा रहा है, जिसमें शहर के सभी न्यूरोलॉजिस्ट एवं न्यूरोसर्जन सम्मिलित हैं। न्यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ़ इंडिया की इंदौर में यह तीसरी कॉन्फ्रेंस आयोजित हो रही है इससे पहले वर्ष 1999 और 2004 में कॉन्फ्रेंस का सफलतापूर्वक आयोजन किया जा चुका है और उसी समय के अच्छे अनुभवों के कारण ही न्यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया की समिति  ने 75वीं वर्षगांठ के आयोजन के लिए इंदौर को चुना ।

सम्मेलन का उद्घाटन

एनएसआईकॉन 2025  का उद्घाटन समारोह 11 दिसंबर को दोपहर 12 बजे मध्यप्रदेश के माननीय राज्यपाल श्री मंगुभाई सी. पटेल द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर केबिनेट मंत्री मध्य प्रदेश सरकार श्री कैलाश विजयवर्गीय विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

एनएसआइकॉन 2025 के ऑर्गनाइजिंग चेयरमैन डॉ. वसंत डाकवाले और ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी, डॉ. जे. एस. कठपाल ने बताया कि एनएसआईकॉन 2025  चिकित्सा क्षेत्र में ज्ञान-संवर्धन, उपचार मानकों के उन्नयन और जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने की दिशा में एक अहम पहल है।

उन्होंने जानकारी दी कि सम्मेलन के दौरान 700 से अधिक वैज्ञानिक प्रस्तुतियाँ — शोधपत्र, केस-स्टडी, वीडियो प्रेज़ेंटेशन और डिबेट्स — आयोजित की जाएँगी साथ ही चर्चा की जाएगी l यह रिकॉर्ड संख्या एनएसआईकॉन 2025 की वैज्ञानिक गुणवत्ता और वैश्विक भागीदारी को दर्शाती है। इसके साथ ही 10 दिसम्बर को सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में न्यूरो-नर्सिंग पर केंद्रित समानांतर सम्मेलन SINNCON 2025 भी आयोजित किया जाएगा। इस सम्मलेन में नर्सिंग स्टाफ को ट्रेन किया जाएगा जिससे सर्जरी के दौरान डॉक्टर को अधिकतम मदद मिल सके।

अंतरराष्ट्रीय भागीदारी

इस वर्ष के सम्मेलन में विश्व के  प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन और न्यूरोलॉजिस्ट भाग ले रहे हैं। इनमें CNS (USA), EANS (यूरोप) और ABNC (ब्राज़ील) के प्रतिनिधि प्रमुख हैं।

प्रमुख अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों में डॉ. डेनियल जे. होह अध्यक्ष, CNS (USA),  डॉ. टॉर्स्टिन आर. मेलिंग अध्यक्ष, EANS (डेनमार्क), डॉ. पाउलो हेनरिके (अध्यक्ष, ब्राज़ीलियन सोसाइटी ऑफ न्यूरोसर्जरी), डॉ. लुईस बोर्बा (चेयरमैन, एजुकेशन एंड ट्रेनिंग कमिटी, WFNS), प्रो. डॉ. आकाश पटेल (USA), डॉ. रॉब्सन अमोरियम (पास्ट प्रेसिडेंट, ब्राज़ीलियन अकैडमी ऑफ़ न्यूरोसर्जरी, ब्राज़ील), डॉ. आंद्रे जिओकोमेली (प्रेसिडेंट, ब्राज़ीलियन अकैडमी ऑफ़ न्यूरोसर्जरी, ब्राज़ील) और डॉ. गार्नी बार्खुडारियन (USA), डॉ अशोक वर्मा (सीनियर न्यूरोसर्जन, मियामी) प्रमुख रूप से शामिल होंगे।

विशिष्ट व्याख्यानों में जैकब चांडी ऑरेशन:  डॉ. केनान अरनौतविक, USA) और डॉ. राम गिंडे ऑरेशन :डॉ. लुईस बोर्बा, ब्राज़ील विशेष आकर्षण रहेंगे।

भारत के अग्रणी विशेषज्ञ

सम्मेलन में भारत के शीर्ष विशेषज्ञ भी सम्मिलित होंगे, जिनमें डॉ. मानस पाणिग्रही (अध्यक्ष, NSI), डॉ. के. श्रीधर (अध्यक्ष-निर्वाचित), डॉ. अतुल गोयल, डॉ. बी. के. मिश्रा सहित वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. लक्ष्मी नरसिम्हन, डॉ. निर्बल सूर्या, डॉ. मेहंदिरत्ता, डॉ. मोहित भट्ट, डॉ. एस. एम. कात्रक, और डॉ. यू. के. मिश्रा शामिल हैं।

कार्यशालाएँ, CME और जनजागरूकता कार्यक्रम

सम्मेलन की शुरुआत विशेष हैंड्स-ऑन कार्यशालाओं से होगी: यह पहली बार है की 7 हैंड्स-ऑन कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा, जिनमें जटिल मस्तिष्क संरचना, माइक्रोसर्जिकल एवं एंडोस्कोपिक तकनीकें, एंडोवास्कुलर प्रक्रियाएँ, बोटॉक्स इंटरवेंशन और संज्ञानात्मक पुनर्वास जैसे विषय शामिल होंगे।

11 दिसंबर को आयोजित पूर्ण-दिवसीय CME सत्र में विशेषज्ञ नवीनतम उपचार पद्धतियों पर चर्चा करेंगे।
12 से 14 दिसंबर तक वैज्ञानिक सत्र, पैनल चर्चा, वाद-विवाद और शोध प्रस्तुतियाँ होंगी।
14 दिसंबर को NSI द्वारा सड़क सुरक्षा जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य हेलमेट उपयोग और सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा देना है।

इसके अतिरिक्त, 13 दिसंबर को  जनरल वी. पी. मलिक (PVSM, AVSM), पूर्व थलसेनाध्यक्ष, का विशेष संबोधन भी होगा।

एनएसआईकॉन 2025 न केवल चिकित्सा जगत के लिए ही नहीं , बल्कि जनहित एवं चिकित्सकीय शिक्षा के लिए भी एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में इंदौर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने जा रहा है।


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