कैंसर में जागरुकता फैलाने के लिए भोपाल में आन्कोलॉजी ई-ओपीडी
Updated on
14-09-2020 10:49 PM
भोपाल / मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं लेकिन अच्छी खबर यह है कि इस क्षेत्र के लोग अब नई दिल्ली स्थित एचसीएमसीटी मणिपाल हॉस्पिटल्स के बेहद अनुभवी कैंसर विशेषज्ञ से सर्वोत्तम सुविधाओं और इलाज का लाभ उठा सकते हैं। अक्षय अस्पताल ऋषि नगर, भोपाल के सहयोग से, अस्पताल मंगलवार (15 सितंबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक) एक ऑन्कोलॉजी ई ओपीडी / टेली-परामर्श का आयोजन करेगा और सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के कंसल्टेंट, डॉ. पुष्पिंदर गुलिया रोगियों को परामर्श प्रदान करेगा, साथ ही प्रारंभिक जांच के महत्व, उन्नत उपचार और देखभाल की उपलब्धता पर जागरूकता फैलाने भी ध्यान देंगे।
एचसीएमसीटी मणिपाल हॉस्पिटल्स में सर्जिकल आन्कोलॉजी के सलाहकार डॉ. पुष्पिंदर गुलिया ने कहा, “कारणों लक्षणों और उन्नत उपचार के उपलब्धता के बारे में जागरूकता फैलाने के साथ, हम लोगों को शुरुआती जांच के लिए प्रेरित कर सकते हैं। जागरूकता की कमी देश में कैंसर से संबंधित मौतों के ज्यादा मामलों का मुख्य कारण है। लोगों को पता होना चाहिए कि सिर और गर्दन, स्तन, सर्वाइकल और कई अन्य कैंसर जल्दी पता लगने पर ठीक हो जाते हैं। दुर्भाग्य से, हमें अधिकांश मामले बढ़ जाने पर मिलते हैं।” भारतीय कैंसर रजिस्ट्री के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में महिलाओं में स्तन कैंसर सबसे आम कैंसर है और इसी तरह, ग्रामीण आबादी में सर्वाइकल कैंसर सबसे आम है। पुरुषों को प्रभावित करने वाला सबसे आम कैंसर सिर और गर्दन का कैंसर है और इस बढ़ते हुए मामलों का सबसे आम कारण तंबाकू सेवन करना है, या तो धूम्रपान करना या गुटखा, खैनी, पान मसाला, सुपारी चबाने के रूप में, जिसे काफी हद तक रोकना चाहिए। सिर और गर्दन, स्तन और गायनेकोलॉजिकल कैंसर काफी आम हैं और बढ़ रहे हैं। महिलाएं शुरुआती जांच और इलाज कराने से बचती हैं। देरी के कारण महिलाओं में कैंसर से संबंधित मौतें खतरनाक रूप से बढ़ रही हैं। जागरूकता फैलने से शुरुआती स्क्रीनिंग हो सकती है। डॉ. गुलिया ने कहा, “मणिपाल हॉस्पिटल्स में, हम जल्दी निदान और रोकथाम के लिए सिर और गर्दन के कैंसर की विशेषज्ञ क्लिनिक पेश करते हैं और इस आदत से छुटकारा पाने के लिए तंबाकू निषेध परामर्श सेशन भी करते हैं। रोकथाम के अलावा, हमारे पास एक अत्याधुनिक ऑन्कोलॉजी सेंटर है, जिससे सर्जिकल और गैरकृसर्जिकल कैंसर देखभाल के लिए सभी सर्वश्रेष्ठ सुविधाएं हैं ताकि हमारे मरीजों को सबसे अच्छा संभावित इलाज और परिणाम दिया जा सके।” राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम (एनसीआरपी) भोपाल की नवीनतम रिपोर्ट में स्तन कैंसर में 2.1 % वार्षिक वृद्धि और सर्विक्स कैंसर में 0.9% की वृद्धि देखने को मिली है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आठ में से एक महिला खतरे में है जबकि नौ में से एक पुरुष को इसका खतरा है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के एनसीआरपी ने अनुमान लगाया है कि 2025 तक देश में कैंसर के कुल मामले बढ़कर 1.5 मिलियन तक पहुंच जाएंगे, जो कि अभी 1.39 मिलियन पर हैं। एनसीआरपी का यह अनुमान उन रुझानों पर आधारित है जो लोगों में कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने पर जोर देते हैं।
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