शिवत्व कल्याण का भाव आज भी बैगा घरों में सुरक्षित - कुलपति प्रो.त्रिपाठी

Updated on 07-03-2022 04:50 PM

भोपाल।  जनजातीय लोककला एवं बोली विकास अकादमी,भोपाल द्वारा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक में बैगा जनजातीय देवलोक पर एक दिवसीय शोध संगोष्ठी का आयोजन किया गया, संगोष्ठी का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी की अध्यक्षता में तथा इस वर्ष भारत सरकार द्वारा पद्मश्री हेतु चयनित प्रसिद्ध बैगा  कलाकार अर्जुन सिंह धुर्वे, बैगा  कलाकार भागवती रठूरिया के आतिथ्य में किया गया।

इस अवसर पर जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी के निदेशक डॉ.धर्मेंद्र पारे, विश्वविद्यालय के जनजातीय अध्ययन विभाग के अधिष्ठाता प्रो. पी.के सामल, विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष  प्राध्यापक,छात्र सहित देशभर के शोधार्थी उपस्थित रहे। अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो.त्रिपाठी ने कहा कि मूलत: हम सभी जनजातीय समाज से आते हैं, लेकिन विकास की यात्रा में हमने अपने मूल को कहीं ना कहीं छोड़ दिया है।

 हमारी मूल पहचान हमारी संस्कृति, परंपराएँ परंपरागत ज्ञान है। बैगा समाज में सहजीवन, सामंजस्य, समग्रता, संवेदनशीलता, संतुलन का भाव आज भी विद्यमान है। संवेदनशीलता ही हमें मनुष्य बनाती है, उन्होंने कहा कि बैगा समाज ने परंपरा की विरासत को सुरक्षित रखा है।

उन्होंने रेवा खंड का उल्लेख करते हुए कहा कि रेवाखंड ने रचनाधर्मिता के विविध क्षेत्रों को समेट कर सनातन परंपरा को संरक्षित रखने का कार्य किया है। वृक्षों में देवता निवास करते हैं यह सनातन संस्कृति का उद्घोष है, इसी भाव को चरितार्थ करते हुए बैगा जनजाति अपने देवता का निवास स्थल साल के वृक्ष में मानती है, इसलिए आज भी रेवा खंड में साल के घने जंगल सुरक्षित है। बैगा समाज आज भी वृक्षों से, जीव जंतुओं से, वनस्पतियों से संवाद करता है।

 उसके लिए दूल्हा देव मंगल का प्रतीक है,जो उन्हें व्याधियों से बचाते हैं। अंत में उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय,अकादमी के साथ समन्वय स्थापित करते हुए शोध के क्षेत्र में सतत कार्य करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा।

विषय प्रवर्तन करते हुए जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी के निदेशक डॉ. धर्मेंद्र पारे ने कहा कि जनजातीय देवलोक पर सही प्रमाणिक जानकारी एकत्रित हो, साथ ही इन जनजातियों की संस्कृति परंपरा से सभी लोग परिचित हो सकें, इसी उद्देश्य के साथ अकादमी द्वारा विभिन्न स्थानों पर शोध संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। अधिष्ठाता जनजातीय अध्ययन संकाय प्रो. पीके सामल ने स्वागत वक्तव्य देते हुए बैगा   समाजकी विभिन्न विशेषताओं के बारे में विस्तार से बताया।

संचालन शुभम चौहान आभार डॉ.अमित सोनी ने व्यक्त किया।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 13 August 2026
इंदौर की डिजाइन एजेंसी द कॉन्टेक्स्ट रूम, ने हाल ही में दुबई में आयोजित द मार्केटिंग सोसाइटी जीसीसी अवार्ड्स 2026 में मैगी स्पाइसी कैंपेन के लिए पहला स्थान हासिल किया है। 15…
 12 August 2026
इंदौर। 15 अगस्त सिर्फ कैलेंडर की एक तारीख नहीं, बल्कि देश के इतिहास, आजादी और उससे जुड़ी भावनाओं को याद करने का दिन है। इस दिन शहर में कहीं तिरंगा…
 08 August 2026
इंदौर: इस रक्षाबंधन पर 5 से 15 वर्ष के बच्चों द्वारा बच्चों और परिवारों के लिए एक अनोखा उत्सव आयोजित किया जा रहा है। राखी किड्स बाज़ार रविवार 09 अगस्त…
 06 August 2026
भोपाल : भोपाल में कॉन्क्लेव डायमंड स्टेट्स , मध्य प्रदेश का सफल आयोजन किया। "अभ्युदय मध्य प्रदेश :विरासत से विकास, विकसित भारत की नई शक्ति" थीम पर आयोजित इस सम्मेलन…
 01 August 2026
इस फ्रेंडशिप डे (2 अगस्त) के अवसर पर एयरटेल ने अपने ग्राहकों के लिए दोस्ती का जश्न मनाने का एक नया और खास तरीका पेश किया है। अब एयरटेल ऐप के जरिए…
 01 August 2026
इंदौर। “सभ्य समाज और सशक्त राष्ट्र की नींव शिक्षा पर टिकी होती है और पुस्तकें उस नींव को मजबूती देने वाला सबसे सशक्त माध्यम हैं। जब समाज का जिम्मेदार नागरिक…
 24 July 2026
इंदौर। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर रविवार, 26 जुलाई, को डॉ. संदीप जुल्का के नेतृत्व में टीम हेल्थकेयर सोल्जर्स द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। सुपर स्पेशियलिटी…
 18 July 2026
इंदौर: कबाब की खुशबू, दम बिरयानी का लज़ीज़ स्वाद और पारंपरिक करीज़ का असली जायका अब एक ही जगह पर मिलने वाला है। एसेंशिया लग्ज़री होटल इंदौर में 26 जुलाई…
 18 July 2026
भोपाल  आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (AESL), जो टेस्ट की तैयारी कराने वाली सर्विसेज़ में देश की लीडर है, ने गर्व के साथ बताया कि भोपाल में उसके क्लासरूम प्रोग्राम के अनेक…
Advt.