शॉर्ट फिल्म “दी स्माइल आई वास वेटिंग फॉर” को चार अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार

Updated on 30-10-2025 02:04 PM

इंदौरडॉ. जयदीप सिंह चौहान और उनकी टीम द्वारा बनाई गयी तीन मिनट की फिल्मदी स्माइल आई वास वेटिंग फॉरने इंदौर का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। इस फिल्म को लॉस एंजेलिस, म्यूनिख, मुंबई और पुणे में आयोजित चार प्रतिष्ठित फिल्म महोत्सवों में पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।

यह फिल्म एक अत्यंत मानवीय उद्देश्य से बनाई गई हैसामान्य जनमानस में क्लेफ्ट लिप (कटे होंठ) और पैलेट (तालू में जन्मजात छेद) जैसी चेहरे की विकृतियों के उपचार के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए। संवेदनशील और यथार्थपूर्ण प्रस्तुति के माध्यम से यह फिल्म दिखाती है कि कैसे एक साधारण सर्जरी किसी बच्चे का जीवन पूरी तरह बदल सकती हैउसका आत्मविश्वास, मुस्कान और भविष्य लौटाकर।

यह फिल्म वास्तविक घटनाओं पर आधारित है और उन बच्चों की भावनात्मक यात्रा को दर्शाती है जिन्हें जन्म के तुरंत बाद उनके जैविक माता-पिता ने त्याग दिया था। पिछले एक दशक में संजीवनी सेवा संगम, इंदौर नामक सामाजिक संस्था ने ऐसे तीन बच्चों को आश्रय दिया। स्माइल ट्रेन सेंटर, केयर सीएचएल हॉस्पिटल में किए गए निःशुल्क सर्जिकल उपचार के बाद ये बच्चे प्रेमपूर्ण परिवारों द्वारा गोद लिए गएयह उनके जीवन का नया और आनंदपूर्ण अध्याय बना।

यह फिल्म अब तक चार प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में चयनित होकर पुरस्कृत हो चुकी है। इसे ग्रेट मैसेज इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, पुणे (29 अगस्त 2025) मेंसर्वश्रेष्ठ स्मार्टफोन शॉर्ट फिल्मपुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके बाद 13वें इंडियन सिने फिल्म फेस्टिवल, मुंबई (21 सितंबर 2025) मेंस्पेशल फेस्टिवल मेंशनसम्मान प्राप्त किया। वहीं बेटर वर्ल्ड फिल्म फेस्टिवल, म्यूनिक (26 अक्टूबर 2025) में इसेसनराइज ट्रॉफी विनरके रूप में सम्मानित किया गया। इसके साथ ही अवेयरनेस फिल्म फेस्टिवल, लॉस एंजेलिस (26 अक्टूबर 2025) मेंमेरिट ऑफ अवेयरनेसपुरस्कार से सम्मानित की गई।

डॉ. जयदीप सिंह चौहान, जो एक मैक्सिलोफेशियल सर्जन और स्माइल ट्रेन इंडिया के पार्टनर सर्जन हैं, पिछले दो दशकों से क्लेफ्ट उपचार के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। स्माइल ट्रेन योजना के अंतर्गत उनकी टीम ने अब तक 10,000 से अधिक बच्चों को निःशुल्क क्लेफ्ट सर्जरी प्रदान की है। उनके अथक प्रयासों से असंख्य परिवारों को इस विकृति से जुड़े सामाजिक कलंक और कठिनाइयों से उबरने में सहायता मिली है।

इस अवसर पर डॉ. चौहान ने कहा — “विज्ञान ऑपरेशन थियेटर में मुस्कान लौटाता है; सिनेमा उस मुस्कान को दुनिया के साथ साझा करता है। इस फिल्म के माध्यम से हम यह संदेश देना चाहते हैं कि हर बच्चे को मुस्कुराने, सपने देखने और आत्मविश्वास से जीने का अवसर मिलना चाहिए।


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