
इंदौर। शहर की सांस्कृतिक एवं रचनात्मक पहचान को एक नई ऊंचाई देते हुए इंदौर के रंगशाला प्रॉडक्शन के बैनर तले निर्मित आध्यात्मिक फिल्म “आस्था का अतिशय : महिमा स्वस्तिधाम की” का ट्रेलर एवं टीज़र हाल ही में रिलीज किया गया। फिल्म का निर्माण इंदौर की प्रॉड्यूसर साधना मादावत जैन एवं इलैशा मादावत जैन द्वारा किया गया है। आध्यात्मिक विषय पर आधारित इस फिल्म को लेकर इंदौर सहित जैन समाज में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
फिल्म का ट्रेलर 16 मई 2026 को परम पूज्य आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी के पावन सानिध्य में पारस चैनल पर विधिवत रिलीज किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं और धर्मप्रेमियों की बड़ी संख्या उपस्थित रही।
इंदौर के रंगशाला प्रॉडक्शन द्वारा निर्मित यह फिल्म राजस्थान के जहाजपुर स्थित पावन स्वस्तिधाम तीर्थक्षेत्र की आध्यात्मिक महिमा, भगवान मुनिसुव्रतनाथ स्वामी के अतिशय तथा जैन धर्म की तपस्वी परंपरा पर आधारित है। फिल्म का निर्देशन प्रसिद्ध निर्देशक मुकेश दुबे ने किया है। निर्माण कार्य स्वस्तिधाम तीर्थक्षेत्र प्रबंधकारिणी समिति, जहाजपुर (राजस्थान) के सहयोग से सम्पन्न हुआ।
फिल्म का प्रथम भव्य प्रदर्शन 21 जून 2026 को कोटा में परम पूज्य आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी के सानिध्य में किया जाएगा। इस अवसर पर देशभर से श्रद्धालु, समाजजन एवं धर्मप्रेमी शामिल होंगे।
फिल्म की विशेषता यह है कि इसमें स्वस्तिधाम तीर्थक्षेत्र में विराजित भगवान मुनिसुव्रतनाथ स्वामी की अतिशयकारी प्रतिमा की दिव्य महिमा को अत्यंत श्रद्धा एवं भावनात्मकता के साथ प्रस्तुत किया गया है। वर्षों से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते रहे हैं और आत्मिक शांति एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करते हैं। फिल्म में इन भावनात्मक प्रसंगों और आस्था से जुड़े अनेक अनुभवों को जीवंत रूप में दर्शाया गया है।
फिल्म के कथानक में जहाजपुर की पुण्य धरा से अवतरित जैन धर्म के 20वें तीर्थंकर भगवान मुनिसुव्रतनाथ स्वामी के जीवन, करुणा, त्याग, तप और धर्म प्रभावना को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है। साथ ही स्वस्तिधाम तीर्थक्षेत्र की प्रणेत्री परम पूज्य आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी के तप, वैराग्य और धर्म साधना से जुड़े प्रेरक प्रसंगों को भी प्रमुखता से स्थान दिया गया है।
फिल्म तकनीकी रूप से भी समृद्ध है। इसका लेखन दीपक डोंगरा ने किया है जबकि छायांकन अनिकेत घोगले ने किया है। संगीत प्रणय प्रधान का है तथा गीत निर्देशक मुकेश दुबे द्वारा लिखे गए हैं। सुप्रसिद्ध पार्श्वगायक उदित नारायण सहित प्रियाणी वाणी एवं अदिति कोठारी ने गीतों को स्वर दिए हैं।
फिल्म की एडिटिंग इलैशा मादावत जैन एवं ललित ने की है। वॉइस ओवर अमित रॉय ने दिया है। प्रॉडक्शन हेड अनूप जैन, कलरिस्ट अंकित पांडे, साउंड डिज़ाइन दीपक मंडल एवं साउंड रिकॉर्डिस्ट सुजीत सिंह ने तकनीकी पक्ष को प्रभावशाली बनाया है।
धर्म, आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना से ओतप्रोत यह फिल्म केवल एक सिनेमाई प्रस्तुति नहीं, बल्कि भारतीय आध्यात्मिक परंपरा और जैन संस्कृति का जीवंत दस्तावेज बनने जा रही है। ट्रेलर रिलीज के बाद से ही इसे दर्शकों और समाजजनों का सकारात्मक प्रतिसाद मिल रहा है।
फिल्म का ट्रेलर पारस चैनल एवं रंगशाला प्रॉडक्शन के यूट्यूब प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध है।