छोटा हाथी बना जीवन का साथी

Updated on 22-10-2024 06:30 PM
हिम्मत-ए-मर्दां, मदद् दे खुदा। जिंदगी कितनी भी बेरहम क्यूं न हो, जीना तो पड़ता है। बात सिर्फ़ इतनी सी ही नहीं है कि श्रीमती सुशीला देवी वर्मा, अबला से सबला बन गईं। तारीफ उस संघर्ष की है, जिनसे जूझकर, लड़कर और जीतकर सुशीला ने ये मुकाम पाया है। सुशीला कहती है कि

बात सिर्फ़ कहने-सुनने की हो, तो दो पल रुक भी जाऊं...
बात कुछ कर गुजरने की है और मुझे मीलों दूर जाना है...

छिंदवाड़ा जिले के चौरई ब्लॉक के छोटे से गांव मोहगांव खुर्द में रहने वाली सुशीला कहने को तो एक साधारण ग्रामीण महिला हैं, पर काम उन्होंने असाधारण किया है। महज 8वीं कक्षा तक पढ़ीं सुशीला ने अपने जीवन के संघर्षों से जूझकर ऐसा काम कर दिखाया है कि अब वह प्रदेश की अन्य महिलाओं के लिये प्रेरणा का जीवंत उदाहरण बन गयी हैं। सुशीला अब "समता सखी" के नाम से मशहूर हो गयी हैं।

घरेलू जिम्मेदारियों और आर्थिक तंगी से जूझ रहीं सुशीला की जिंदगी में फरवरी 2022 में एक ऐसा मोड़ आया, जिसने सब-कुछ बदल दिया। गांव की महिलाओं ने उन्हें "सुहानी स्व-सहायता समूह" के बारे में बताया। महिलाओं को आत्म-निर्भर बनाने के लिये यह समूह ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बनाया गया था। सुशीला इस समूह से जुड़ गयीं, क्योंकि उसे लगा कि वह अपने जीवन में कुछ नया कर सकती है। सुशीला सोचती थीं कि समूह से मिले ज्ञान का कैसे उपयोग करे। फिर भी अन्य महिलाओं से मिलकर उसकी समझ बढ़ने लगी। समूह से सुशीला को 12 हजार रुपये आर्थिक सहायता मिली। सुशीला की छोटी सी किराना दुकान थी, जो बेहद कम मुनाफे में चल रही थी। इस राशि से सुशीला ने दुकान का विस्तार किया और दुकान में अधिक सामान लाना शुरू किया।

समूह से मिली इस छोटी मदद ने सुशीला को बड़ी हिम्मत दी। उन्होंने दुकान को बेहतर तरीके से चलाने के साथ-साथ खेती और सब्जी व्यापार की ओर भी ध्यान देना शुरू किया। समूह से और अधिक सहायता लेकर उन्होंने गांव-गांव जाकर सब्जी बेचने के लिए "छोटा-हाथी" मालवाहक वाहन खरीदने का निर्णय लिया। यही उनके जीवन का सबसे बड़ा फैसला साबित हुआ।

अब सुशीला हर सुबह छोटा हाथी पर सब्जियां लादकर गांव-गांव जातीं और शाम को मंडी में अनाज बेचतीं। इससे धीरे-धीरे उनकी मासिक आय बढ़ने लगी। जहां पहले उनके घर में धन की कमी रहती थी, वहीं अब वे अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए भी पैसे बचाने लगीं। उनकी मासिक आय करीब 10 हजार रुपये तक पहुंच गई, जो उनके परिवार के लिए एक बहुत बड़ा बदलाव था।

सुशीला की मेहनत और आत्मविश्वास ने गांव की अन्य महिलाओं को नई प्रेरणा दी है। आज सुशीला "जयकरण ग्राम संगठन" की सचिव हैं और 'समता सखी' के रूप में भी कार्यरत हैं। उन्होंने अपने परिश्रम से न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को संवारा, वरन् अपने सामर्थ्य से समाज में भी एक मजबूत पहचान बनाई है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 24 July 2026
इंदौर। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर रविवार, 26 जुलाई, को डॉ. संदीप जुल्का के नेतृत्व में टीम हेल्थकेयर सोल्जर्स द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। सुपर स्पेशियलिटी…
 18 July 2026
इंदौर: कबाब की खुशबू, दम बिरयानी का लज़ीज़ स्वाद और पारंपरिक करीज़ का असली जायका अब एक ही जगह पर मिलने वाला है। एसेंशिया लग्ज़री होटल इंदौर में 26 जुलाई…
 18 July 2026
भोपाल  आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (AESL), जो टेस्ट की तैयारी कराने वाली सर्विसेज़ में देश की लीडर है, ने गर्व के साथ बताया कि भोपाल में उसके क्लासरूम प्रोग्राम के अनेक…
 16 July 2026
भोपाल : मध्यप्रदेश शासन के जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट ने वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक, शिक्षाविद एवं कार्यपरिषद सदस्य, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय डॉ. ए.के. द्विवेदी द्वारा जल संरक्षण एवं जन-जागरूकता को…
 14 July 2026
भोपाल। बिड़ला ओपन माइंड्स इंटरनेशनल स्कूल, भोपाल में आयोजित इन्वेस्टिचर सेरेमनी-2026 के अवसर पर बिड़ला ओपन माइंड्स के प्रबंध निदेशक निर्वाण बिड़ला ने मुख्य अतिथि के रूप में विद्यार्थियों को…
 13 July 2026
नई दिल्ली : भारत में निजी क्षेत्र की अग्रणी जनरल इंश्योरेंस कंपनी, एचडीएफसी इर्गो जनरल इंश्योरेंस कंपनी को मध्य प्रदेश सरकार ने खरीफ, 2026 सीजन के लिए अलीराजपुर, बड़वानी, बुरहानपुर,…
 07 July 2026
 इंदौर — द परफेक्ट क्रश, एक एपिसोडिक इंस्टाग्राम रील सीरीज़, का प्रीमियर द क्रश कॉफी, गीता भवन पर हुआ। इस सीरीज़ की कहानी इंदौर के ऋषभ राज शर्मा ने लिखी और क्रिएट की…
 04 July 2026
इंदौर। बारिश का मौसम लोगों को परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने का एक अलग मौका देता है। इसी मौसम को खास बनाने के लिए शहर में हर रविवार…
 01 July 2026
इंदौर। मिताशा फाउंडेशन एवं डायोसिस ऑफ इंदौर के संयुक्त नेतृत्व में, केरल समाजम, रोटरी क्लब ऑफ इंदौर आदर्श एवं एसवीडी सोसायटी के सहयोग से आयोजित "संकल्प एक लाख अंगदान से…
Advt.