
जीएसटी एमपी और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ की संयुक्त कार्यवाही में मध्य प्रदेश की 15 फर्मों में 10 करोड़ रुपए से अधिक की टैक्स चोरी का खुलासा हुआ है। मामले में टैक्स चोरों के तार यूपी के फरीदाबाद समेत अन्य शहरों से भी सामने आए हैं जिसके बाद टैक्स चोरी का आंकड़ा 20 करोड़ रुपए तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। यह कार्रवाई सिंगरौली, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, छतरपुर जिलों में चल रही है। भोपाल में कोटरा सुल्तानाबाद में जीएसटी सलाहकार आरके पांडेय के आफिस पर कार्रवाई की जा रही है।
वस्तु एवं सेवा कर विभाग एवं आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ की टीमों द्वारा मंगलवार को सिंगरौली जिले में व्यापक जांच 9 ठिकानों पर की गई। 8 फर्में एवं टैक्स कर सलाहकार का कार्यालय शामिल है। जीएसटी टीम द्वारा छतरपुर जिले में एक, इंदौर में 2, ग्वालियर में एक एवं भोपाल में 3 स्थानों पर भी जांच की जा रही है जिसमें भोपाल में आरके पांडेय टैक्स सलाहकार का दफ्तर शामिल है।
जांच दल के अनुसार सिंगरौली, छतरपुर, ग्वालियर, इंदौर में कागजों में कारोबार होना पाया गया। वास्तव में यहां कोई बिजनेस संचालित नहीं होता मिला है। सिंगरौली स्थित 2 फर्मों एवं छतरपुर स्थित एक फर्म में कोई वास्तविक व्यवसायिक गतिविधि नहीं पाई गई। ग्वालियर एवं इंदौर की एक फर्म में न तो व्यावसायिक गतिविधि मिली और न ही इनके कोई व्यवसायी मिले। इन फर्मों ने केवल कागजों पर व्यवसाय का प्रदर्शन कर फर्जी लेन-देन दर्शाए हैं। इसके साथ ही शेष फर्मों द्वारा अधिकतर आईटीसी बिना माल या सेवाओं की वास्तविक प्राप्ति के लिया गया है जो कि नियम विरुद्ध इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) है जिससे राजस्व को भारी हानि पहुंचाई गई है।
जीएसटी अफसरों के अनुसार इश कार्यवाही के तार मुख्य रूप से कर सलाहकार अनिल कुमार शाह से जुड़ रहे हैं जिसके द्वारा अनेक फर्मों से बोगस आईटीसी लेकर स्थानीय फर्मों को उपलब्ध कराई गई है एवं इसके मोटा कमीशन हासिल किया गया है ।
दस करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी जा चुकी
इस प्रकार 15 फर्मों में अब तक की जांच में लगभग 10 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी का पता चला है। इसके अतिरिक्त अन्य राज्यों के भी व्यवसायी इस चेन में सम्मिलित हैं, यदि उनका अपवंचन शामिल कर लिया जाय तो यह राशि 20 करोड़ के लगभग होगी। जांच दल द्वारा जब्त किए गए दस्तावेजों एवं डिजिटल डाटा का परीक्षण किया जा रहा है।