
छिंदवाड़ा का टॉयलेट क्लीनिंग मॉडल अब जल्द पूरे मध्य प्रदेश में लागू होने जा रहा है। किसी भी स्कूल, आंगनवाड़ी या संस्था का शौचालय गंदा मिला तो उसका प्रभारी ऑनलाइन बुकिंग कर इसकी सफाई करवा सकेगा। बुकिंग होते ही प्रशिक्षित स्वच्छता साथी मौके पर पहुंचकर मशीनों से सफाई करेगा। इसके बदले 200 से 250 रुपए शुल्क लगेगा। निजी शौचालय की सफाई पर 50 रुपए तय हैं।
खास बात यह है कि सफाई के साथ-साथ स्वच्छता साथी वॉश एम्बेसडर बनकर स्कूलों में छात्रों को 10-15 मिनट तक स्वच्छता पर जागरूक भी करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपने पिछले दौरे पर इस मॉडल की सराहना कर चुके हैं। पिछले 10 महीनों में छिंदवाड़ा और पांढुर्ना में शुरू हुई ‘स्वच्छता साथी वॉश ऑन व्हील्स (वॉव) सर्विस को 38 हजार से ज्यादा बुकिंग मिलीं।
इनमें 11 हजार संस्थागत व 27 हजार व्यक्तिगत टॉयलेट थे। इससे 35 लाख रुपए की आय हुई। विभाग के मुताबिक, हर स्वच्छता साथी को महीने में औसतन 25-30 हजार रुपए की आमदनी हो रही है, जबकि खर्च सिर्फ 3 से साढ़े 3 हजार रु. आता है। छिंदवाड़ा कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने यह मॉडल बनाया था।
उनका कहना है कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने पूरे प्रदेश में इसे लागू करने के लिए एक कमेटी बनाई है। अध्यक्षता जिला पंचायत सीईओ अग्रिम कुमार करेंगे। इसकी बैठक जल्द भोपाल में होने वाली है। एक एप भी बनाया जाएगा।
सिर्फ स्कूटी-मोबाइल हो तो बन सकते हैं सफाई मित्र