
बता दें कि यह स्मार्ट मीटर पहले केवल बड़ी औद्योगिक कंपनियों में ही लगाए जाते रहे हैं, लेकिन अब घरेलू उपभोक्ताओं के घरों में भी यह मीटर लगाए जा रहे हैं। स्मार्ट मीटर लगाने का काम देश भर में किया जा रहा है। इस कार्य में बिहार नंबर वन है, इसके मुकाबले मप्र काफी पीछे है। प्रदेश में 1.30 करोड़ घरेलू विद्युत उपभोक्ता है, अब तक 24 लाख स्मार्ट मीटर ही लगाए गए हैं।
प्रदेश में घरेलू बिजली उपभोक्ताओं से प्रति यूनिट छह रुपये बिल लिया जाता है। उपभोक्ता अगर सुबह नौ से शाम पांच बजे तक बिजली जलाता है तो 20 प्रतिशत की छूट मिलेगी, यानी प्रति यूनिट एक रुपये 40 पैसे की बचत होगी। प्रदेश में पहले चरण में 55 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य रखा है। निजी कंपनी ही मीटर लगाने के साथ रखरखाव करेगी। इसके एवज में कंपनी को विद्युत विभाग प्रति मीटर 1700 रुपये देता है और प्रतिमाह मीटर 90 रुपये किराया भुगतान किया जाता है।
स्मार्ट मीटर इंटरनेट कनेक्ट रहेगा। मीटर में एक चिप भी लगाई गई है। विद्युत वितरण कंपनी को प्रति दिन प्रति मिनट का डाटा उपलब्ध होगा। अगर मीटर से छेड़छाड़ की जाती है तो भी कंपनी को अलर्ट मिलेगा। स्मार्ट मीटर का लाभ उपभोक्ता को भी होगा। वे अपने मोबाइल पर ही विद्युत वितरण कंपनी के एप से प्रति दिन कितनी बिजली जलाई और कितनी छूट मिली यह देख सकेंगे।