
भोपाल : एग्रीकल्चर साइंस और इनोवेशन के क्षेत्र में दुनिया की अग्रणी कंपनी कॉर्टेवा एग्रीसाइंस की ओर से भोपाल में आयोजित एक सम्मेलन में महिलाओं के नेतृत्व वाले फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (एफपीओ) की सफलता पर उन्हें सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में महिला किसान, एफपीओ सदस्य, सरकारी हितधारक और कॉर्टेवा एग्रीसाइंस के विशेषज्ञ उपस्थित थे। इन विशेषज्ञों ने कार्यक्रम के मंच पर कृषि के क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका, स्थिरता के महत्व और समावेशी विकास को बढ़ावा देने में एफपीओ की क्षमता पर चर्चा की।
भारत में कृषि क्षेत्र में आए बदलावों में एफपीओ की अहम भूमिका है। वे किसानों को उचित मूल्य पर मोलभाव करने, आधुनिक तकनीकों उपलब्ध कराने और कृषि में भारत के प्रमुख कार्यबल को मजबूत बनाते हुए टिकाउ प्रथाओं को अपनाने के लिए सामूहिक ताकत प्रदान करते हैं। महिलाएं टिकाउ विकास के लिए जरूरी आर्थिक, पर्यावरणीय और सामाजिक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। भारत सरकार ने 2027-28 तक 10,000 एफपीओ स्थापित करने का लक्ष्य तय किया है। भारत सरकार का यह महत्वाकांक्षी लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्र में समृद्धि लाने में महिलाओं की प्रमुख भूमिका को रेखांकित करता है। कॉर्टेवा एग्रीसाइंस के प्रयासों भी इसी दिशा में हैं, यहां कॉर्टेवा छोटे किसानों को सही ज्ञान, संसाधन, बाज़ार और प्रशिक्षण प्रदान करते हुए उनकी मदद कर रहा है।
महिलाओं की अग्रणी भूमिका वाले एफपीओ : इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण "ह्यूमन लाइब्रेरी" सैशन था। इस सैशन में महिला किसानों, एफपीओ डायरेक्टर और जमीनी स्तर पर काम करने वालों ने अपनी प्रेरक कहानियां और अनुभव साझा किए। इन प्रत्यक्ष अनुभवों ने दिखाया कि कैसे कॉर्टेवा विकास की एक लहर जैसा प्रभाव पैदा करना चाहता है, जहाँ महिला किसान न केवल अपने खेतों को बल्कि अपने समुदायों के सामाजिक-आर्थिक ताने-बाने को भी बेहतर बनाती हैं और क्षेत्र के सतत विकास के लिए बदलाव का नेतृत्व करती हैं।
यहां प्रत्येक एफपीओ की ओर से एक प्रतिनिधि शामिल हुआ, जिसने अपनी चुनौतियों, विकास की यात्रा और एफपीओ से भविष्य की अपेक्षाओं को साझा किया। महिलाओं के नेतृत्व वाले एफपीओ की मदद करते हुए, कॉर्टेवा का लक्ष्य किसानों की सामूहिक सौदेबाजी की शक्ति को मजबूत करना, इन समूहों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना, इनका नेटवर्क मजबूत बनाना, बाजारों और जरूरी सेवाओं तक उनकी पहुंच बढ़ाते हुए उनकी पहुंच और आय बढ़ाना और सामूहिक इनपुट सोर्सिंग की सुविधा, नई तकनीकों की पेशकश और सर्वोत्तम प्रथाओं को बढ़ावा देकर खेती की लागत को कम करना है।
भविष्य की राह: सरकार और समुदाय के हितधारकों के साथ मिलकर किए गए प्रयासों और 2030 तक 20 लाख महिलाओं को कृषि के क्षेत्र में सहायता देने जैसी पहलों के साथ, कॉर्टेवा सार्थक बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। कॉर्टेवा की यह पहल बड़े बदलाव लाने और एफपीओ की क्षमता बढ़ाने और कृषि में महिलाओं की भूमिका को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करती है। सामूहिकता की भावना यह सुनिश्चित करता है कि छोटे किसानों को फलने-फूलने के लिए जरूरी मदद मिले, जिससे अधिक समावेशी और टिकाऊ कृषि अर्थव्यवस्था की राह आसान बन सके। महिलाओं के नेतृत्व वाले एफपीओ और टिकाऊ प्रथाओं के माध्यम से इसे मजबूती प्रदान कर रहे हैं। इसके सज्ञथ ही कंपनी सिस्टमेटिक बदलाव भी ला रही है जिससे किसानों, समुदायों और राष्ट्र को फायदा मिलता है।