एमपी के कच्चे घरों में होम स्टे...2000 से पैकेज स्टार्ट:खाने में चूल्हे की गरम रोटियां, कोदो की खीर

Updated on 20-06-2025 12:22 PM

अगर आप प्रकृति के बीच अपनी छुट्‌टी मनाना चाहते हैं या जंगल और पहाड़ों से घिरे किसी गांव में नाइट स्टे का प्लान है, तो तामिया (छिंदवाड़ा) की वादियों में अब आपके लिए गांव में ही तैयार हैं होम स्टे। कच्चे घर, चूल्हे पर गरमा-गरम रोटियां और चने की सब्जी। साथ में बैलगाड़ी की सवारी और डैम में बोटिंग भी।

सिर्फ तामिया ही नहीं, बल्कि प्रदेश में ऐसे 241 होम स्टे हैं, जहां पर आप रातें गुजार सकते हैं। इस दौरान चारों ओर प्रकृति को भी करीब से निहार सकेंगे। यहां 2000 रुपए से पैकेज शुरू हो जाता है।

पन्ना, छतरपुर, मंडला, डिंडौरी, देवास, सीहोर, खंडवा, बालाघाट समेत कई जिलों के 121 पर्यटक गांव हैं, जहां 241 होम स्टे बने हैं। अगले एक-दो साल में इन्हें चार गुना यानी 1 हजार तक करने का टारगेट है। इन होम स्टे से शहरी पर्यटकों का भी गांवों की ओर रुझान बढ़ा है। वे गांव के कल्चर को करीब से जान रहे हैं।

यही वजह है कि बड़ी होटलों को छोड़ पर्यटक अब गांवों में बने कच्चे घरों में ही होम स्टे कर रहे हैं। बुधवार (18 जून) को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी भोपाल में होम स्टे की वर्चुअल शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने गांवों में होम स्टे ऑपरेट करने वालों को सम्मानित भी किया। 

महीने में 20 से 25 हजार रुपए कमा रहे परिवार पर्यटक गांवों में होम स्टे आमदनी का एक जरिया बन चुके हैं। एक परिवार महीने में औसत 20 से 25 हजार रुपए कमा रहा है। बीते 2 साल में 24 हजार से ज्यादा पर्यटक स्थानीय रहन-सहन और खानपान का अनुभव ले चुके हैं। यह पहल न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति दे रही है बल्कि महिलाओं, युवाओं और आदिवासी समुदाय को रोजगार और पहचान भी दे रही है।

राजस्थान-गुजरात के पर्यटक भी रुकने आ रहे छिंदवाड़ा के तामिया के सनोद नागवंशी ने 2 कमरों में होम स्टे शुरू किया है। खेती-बाड़ी के साथ यह उनकी आय का यह बड़ा जरिया बन चुका है। वे बताते हैं, ढाई हजार रुपए का मिनिमम पैकेज है। एक छोटा परिवार रूम में अच्छे से रुक सकता है। होम स्टे इतना बढ़िया है कि कर्नाटक, राजस्थान-गुजरात तक के पर्यटकों भी भा गया है। सनोद को भोपाल में सीएम डॉ. यादव ने सम्मानित भी किया।

पन्ना के जनवार में 10 होम स्टे, स्केट पार्क पन्ना के जनवार में भी कई परिवार होम स्टे संचालित कर रहे हैं। यहां के बृजेंद्र यादव ने बताया कि गांव में 10 होम स्टे हैं। यहां स्केट पार्क है, जो पूरे देश में फेमस है। वहीं पन्ना टाइगर रिजर्व भी है। इसलिए पर्यटक बड़ी-बड़ी होटलों को छोड़ यहां रुकने आते हैं। घर के सदस्य ही मेहमानवाजी करते हैं। उन्हें चूल्हे की रोटियां ही खिलाते हैं।

रायसेन के गाड़ाखेड़ी निवासी झलकन सिंह अहिरवार बताते हैं कि वे जैविक खेती करते हैं और जैविक फल-सब्जी ही मेहमानों को खिलाते हैं। एक परिवार के लिए होम स्टे की सुविधा शुरू की है।

कान्हा नेशनल पार्क के पास ईको होम स्टे कान्हा नेशनल पार्क के पास होम स्टे संचालित करने वाले लोकेश डोंगरे ने बताया कि पूरा ईको होम स्टे है। पर्यटकों के लिए एक ऐसा परिवेश तैयार किया गया है, जो उन्हें गांव के कल्चर से रूबरू कराता है। होम स्टे में एयर कंडिशनर नहीं है। इसके बाद भी अंदर का टेम्प्रेचर बाहर की तुलना में 5 से 6 डिग्री तक कम रहता है। एक महीने में 50 से ज्यादा परिवार, विदेशी पर्यटक आते हैं। अलग-अलग पैकेज हैं।

एक अन्य होम स्टे संचालक ने बताया कि छतरपुर का धमना पर्यटक गांव है। यहां 9 होम स्टे हैं। 15 किमी दूर खजुराहो है। दो-तीन वाटरफॉल और पन्ना टाइगर रिजर्व है। गांव में साल 2018 से ही होम स्टे सुविधा शुरू हो गई थी। अब भी नए होम स्टे बन रहे हैं। बैलगाड़ी, कैमरा, जिप्सी वालों को भी रोजगार मिला है।

ज्यादातर होम स्टे की कमान महिलाओं के हाथ रूरल टूरिज्म ने महिलाओं को रोजगार का नया माध्यम दिया है। अब कई महिलाएं खुद का होम स्टे चला रही हैं, जहां वे खुद खाना बनाती हैं, मेहमानों को गाइड करती हैं और सांस्कृतिक गतिविधियों में शामिल कराती हैं।

उदाहरण के लिए बालाघाट जिले के गोंड आदिवासी बहुल गांवों में, महिला समूहों ने मिलकर होम स्टे चलाना शुरू किया, जिससे उन्हें महीने में 15 हजार रुपए तक की आय हो रही है। यह प्रोजेक्ट उन जिलों में खास फोकस कर रहा है, जहां अभी कम गतिविधियां हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव ने भी देवगढ़ की कविता से बात की। वे होम स्टे का संचालन कैसी करती हैं, ये भी जाना।

इन जिलों में सबसे ज्यादा होम स्टे

  • मंडला जिले में सबसे अधिक 40 होम स्टे हैं, जिनमें कान्हा के आसपास के गांव शामिल हैं।
  • उमरिया और बालाघाट जिले के गांवों में 30-30 होम स्टे चल रहे हैं।
  • डिंडौरी में भी 20 से अधिक होम स्टे हैं, जो अमरकंटक जैसे धार्मिक पर्यटन स्थल के पास हैं।
  • छतरपुर, देवास और खंडवा जिले में 2-5 होम स्टे ही हैं, लेकिन यहां नए प्रोजेक्ट्स की तैयारी है।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 24 July 2026
इंदौर। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर रविवार, 26 जुलाई, को डॉ. संदीप जुल्का के नेतृत्व में टीम हेल्थकेयर सोल्जर्स द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। सुपर स्पेशियलिटी…
 18 July 2026
इंदौर: कबाब की खुशबू, दम बिरयानी का लज़ीज़ स्वाद और पारंपरिक करीज़ का असली जायका अब एक ही जगह पर मिलने वाला है। एसेंशिया लग्ज़री होटल इंदौर में 26 जुलाई…
 18 July 2026
भोपाल  आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (AESL), जो टेस्ट की तैयारी कराने वाली सर्विसेज़ में देश की लीडर है, ने गर्व के साथ बताया कि भोपाल में उसके क्लासरूम प्रोग्राम के अनेक…
 16 July 2026
भोपाल : मध्यप्रदेश शासन के जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट ने वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक, शिक्षाविद एवं कार्यपरिषद सदस्य, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय डॉ. ए.के. द्विवेदी द्वारा जल संरक्षण एवं जन-जागरूकता को…
 14 July 2026
भोपाल। बिड़ला ओपन माइंड्स इंटरनेशनल स्कूल, भोपाल में आयोजित इन्वेस्टिचर सेरेमनी-2026 के अवसर पर बिड़ला ओपन माइंड्स के प्रबंध निदेशक निर्वाण बिड़ला ने मुख्य अतिथि के रूप में विद्यार्थियों को…
 13 July 2026
नई दिल्ली : भारत में निजी क्षेत्र की अग्रणी जनरल इंश्योरेंस कंपनी, एचडीएफसी इर्गो जनरल इंश्योरेंस कंपनी को मध्य प्रदेश सरकार ने खरीफ, 2026 सीजन के लिए अलीराजपुर, बड़वानी, बुरहानपुर,…
 07 July 2026
 इंदौर — द परफेक्ट क्रश, एक एपिसोडिक इंस्टाग्राम रील सीरीज़, का प्रीमियर द क्रश कॉफी, गीता भवन पर हुआ। इस सीरीज़ की कहानी इंदौर के ऋषभ राज शर्मा ने लिखी और क्रिएट की…
 04 July 2026
इंदौर। बारिश का मौसम लोगों को परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने का एक अलग मौका देता है। इसी मौसम को खास बनाने के लिए शहर में हर रविवार…
 01 July 2026
इंदौर। मिताशा फाउंडेशन एवं डायोसिस ऑफ इंदौर के संयुक्त नेतृत्व में, केरल समाजम, रोटरी क्लब ऑफ इंदौर आदर्श एवं एसवीडी सोसायटी के सहयोग से आयोजित "संकल्प एक लाख अंगदान से…
Advt.