चिकित्सकों और स्वास्थ्य पेशेवरों ने बजट से पहले की सरकार से अपील,धुआं रहित एवं अन्य बिना टैक्स वाले तंबाकू उत्पादों पर लागू हो समान कराधान

Updated on 17-12-2020 04:50 PM
नई दिल्ली  : तंबाकू एवं शराब के खिलाफ जागरूकता लाने के लिए स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहे डॉक्टरों एवं पेशेवरों के स्वयं सहायता समूह श्रम ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्षवर्धन और वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण से धुआं रहित एवं अन्य नॉन वर्जीनिया तंबाकू उत्पादों के लिए समान कराधान की व्यवस्था लागू करने की अपील की।
श्रम ने इन धुआं रहित एवं अन्य नॉन वर्जीनिया तंबाकू उत्पादों की बिक्री के लिए उचित नियमन की भी मांग की है क्योंकि इनका विनिर्माण बहुत अधिक असंगठित उद्योग द्वारा किया जाता है,जिनमें टैक्स की चोरी होती है। साथ ही भारत में कुल तंबाकू उपभोग में 90% से अधिक हिस्सेदारी इन उत्पादों की है। नियमन के इन कदमों से ना केवल सरकार के राजस्व में 40000 करोड़ रुपए अतिरिक्त आएंगे, बल्कि युवाओं एवं अन्य संवेदनशील नागरिकों की सेहत पर तंबाकू के कारण पड़ने वाले असर को कम करने में भी मदद मिलेगी।
बीएमसी मेडिसिन में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक धुआं रहित तंबाकू चबाने के कारण दुनिया भर में होने वाली मौतों में से 70% भारत में होती हैं। ऐसे उत्पाद चबाने वाले तंबाकू, गुटखा, पान मसाला, जर्दा आदि के रूप में बहुतायत में उपलब्ध हैं। किसी तरह का नियमन एवं कराधान ना होने के कारण किफायती कीमत पर एवं आसानी से उपलब्ध होने के चलते भारत में गरीब तबका इन उत्पादों का उपभोग करता है। इन्हें एक समान कर व्यवस्था में ना ला पाने से तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के उद्देश्य भी विफल हो जाते हैं। उचित नियमन की व्यवस्था करने और सभी धुआं रहित एवं नॉन वर्जीनिया तंबाकू पर कर सुनिश्चित करने से न केवल सरकार को अतिरिक्त राजस्व मिलेगा, बल्कि इनकी खपत कम करने में भी मदद मिलेगी।
धुआं रहित तंबाकू के कारोबार के लिए एक रेगुलेटरी फ्रेमवर्क बनाने की अपील करते हुए श्रम के डॉक्टर मुकुल बाजपेई ने कहा धुआं रहित तंबाकू सेक्टर की अनिश्चितता को देखते हुए अन्य तंबाकू उत्पादों के लिए एक रेगुलेटरी स्ट्रक्चर तैयार करने की जरूरत है। भारत में कुल तंबाकू खपत में 90 फीसद की हिस्सेदारी रखने वाले धुआं रहित एवं अन्य तंबाकू उत्पादों पर एक समान कराधान की आवश्यकता है। व्यापक स्तर पर असंगठित एवं अनियमित इस सेक्टर के उपभोक्ताओं में सभी उम्र के लोग शामिल हैं। ग्लोबल एडल्ट टबैको सर्वे के मुताबिक तंबाकू का सेवन करने वालों की औसत आयु मात्र 17.4 वर्ष है। धुआं रहित एवं अन्य तंबाकू उत्पादों को एक समान कर व्यवस्था में नहीं ला पाने से तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम का उद्देश्य भी विफल हो जाता है। हम भारत में धुआं रहित एवं अन्य नॉन वर्जीनिया तंबाकू उत्पादों के असंगठित उत्पादन वितरण एवं बिक्री को नियमित करने की अपील करते हैं और इन्हें एक समान कर व्यवस्था के दायरे में लाने की मांग करते हैं जिससे इनकी खपत कम करने में मदद मिलेगी।
श्रम के डॉक्टर इंद्रमणि पांडे ने कहा डब्ल्यूएचओ फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन टोबैको कंट्रोल (डब्ल्यूएचओएफसीटीसी) को अपनाने एवं सिगरेट एंड अदर टोबैको प्रोडक्ट्स एक्ट(सीओटीपीए) के सख्त क्रियान्वयन के बावजूद कोई नियमन नहीं होने के कारण किफायती दाम पर एवं आसानी से उपलब्ध होने के चलते समाज का गरीब तबका इन उत्पादों का उपभोग करता है। हम जानते हैं कि जटिल कारोबारी व्यवस्था और विनिर्माण एवं उपभोग के अनगिनत तरीकों के कारण धुआं रहित तंबाकू की समस्या और उलझ जाती है,लेकिन इनको एक समान कराधान की व्यवस्था में नहीं ला पाने से तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम का उद्देश्य विफल हो जाता है।
निष्कर्ष रूप में हम भारत सरकार से अपील करते हैं कि धुआं रहित एवं अन्य नॉन वर्जीनिया तंबाकू उत्पादों की व्यापक खपत को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए, क्योंकि इससे न केवल नागरिकों की सेहत की सुरक्षा करने की दिशा में बड़ी मदद मिलेगी बल्कि यह तंबाकू नियंत्रण के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिबद्धता को भी मजबूत करेगा।
  डॉ मुकुल बाजपेई - 07880985201- श्रम


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 22 April 2026
इंदौर।  इंटरस्टिशियल लंग डिजीज (ILD), गंभीर COPD, पल्मोनरी फाइब्रोसिस, ब्रोंकिएक्टेसिस और केमिकल पॉइजनिंग जैसे मामलों में लंग ट्रांसप्लांटेशन जीवन रक्षक साबित हो रहा है। समय पर इलाज और सही रेफरल…
 21 April 2026
इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर को एक और अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा आयोजन की मेजबानी मिलने जा रही है। शहर में चौथी ब्रोंकोपुलमोनरी वर्ल्ड कांग्रेस 2026 का आयोजन 3 से 5 जुलाई 2026 तक किया जाएगा। इस तीन दिवसीय…
 21 April 2026
इंदौर। विश्व लिवर दिवस 2026 के अवसर पर केयर सीएचएल हॉस्पिटल इंदौर में “लिवर हेल्थ एंड अवेयरनेस प्रोग्राम” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अस्पताल के वरिष्ठ विशेषज्ञों ने लिवर…
 10 April 2026
इंदौर: विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर, एचसीजी इंदौर ने जागरूकता पहल शुरू की, जो इसके आधिकारिक लॉन्च का भी प्रतीक है। इस पहल का उद्देश्य कैंसर की रोकथाम हेतु स्क्रीनिंग और शुरुआती पहचान…
 09 April 2026
इंदौर: यूनिक हॉस्पिटल ने आर्थोपेडिक जॉइन्ट रिप्लेसमेन्ट के लिए अत्याधुनिक मिसो (MISSO) रोबॉटिक प्रणाली की शुरुआत की है। इसी वर्ष 1 जनवरी से शुरू हुई यह एआई - आधारित उन्नत…
 06 April 2026
भोपाल : भारत में अनुमानित 4.2 करोड़ महिलाएं एंडोमेट्रियोसिस से प्रभावित हैं, लेकिन इसके लक्षण शुरू होने और सही पहचान होने में औसतन 6 साल से अधिक का समय लग…
 28 March 2026
इंदौर। बच्चों की हिम्मत, जज़्बे और मुस्कान को समर्पित ‘लिटिल चैंपियंस मीट’ का आयोजन केयर सीएचएल हॉस्पिटल, इंदौर द्वारा सफलतापूर्वक किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में लगभग 20 बच्चों और…
 26 March 2026
इंदौर: शहर में पहली बार एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए शैल्बी हॉस्पिटल की ट्रांसप्लांट टीम ने ब्रेन डेड डोनर से प्राप्त दोनों किडनियों का सफलतापूर्वक प्रत्यारोपण एक ही दिन…
 21 March 2026
इंदौर: एचसीजी कैंसर हॉस्पिटल, इंदौर ने महिलाओं के स्वास्थ्य, कैंसर की प्रारंभिक पहचान के महत्व और निवारक स्वास्थ्य देखभाल के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से दो दिवसीय “विमेन हेल्थ मेला” का…
Advt.