भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने अपनी नई सिविल एविएशन पॉलिसी के तहत राज्य में एयर कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। इस नीति के तहत हर 45 किलोमीटर की दूरी पर हेलिपैड और हर 150 किलोमीटर पर एक नया हवाई अड्डा बनाया जाएगा। इससे राज्य में हवाई यात्रा को बढ़ावा मिलेगा और व्यापार व पर्यटन को गति मिलेगी राज्य सरकार एयरलाइंस को आकर्षित करने के लिए विशेष वित्तीय प्रोत्साहन भी देगी मध्य प्रदेश को अन्य राज्यों से जोड़ने वाली प्रत्येक नई घरेलू उड़ान के लिए सरकार 7.50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता
देगी नई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए विमानन कंपनियों को 10 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगइंदौर, उज्जैन और ओंकारेश्वर को हेलीकॉप्टर
सेवाओं से जोड़ने के लिए जल्द ही टेंडर जारी किए जाएंगे इससे इन महत्वपूर्ण धार्मिक और व्यापारिक केंद्रों तक पहुंच आसान होगी इस कदम से क्षेत्रीय
कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जिससे पर्यटन और व्यावसायिक यात्रा को बढ़ावा मिलेगा यात्रा का समय भी घटेगा, जैसे भोपाल से इंदौर की हवाई यात्रा मात्र
55 मिनट में पूरी हो सकेगी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मानना है कि विकसित इंफ्रास्ट्रक्चर और रणनीतिक भौगोलिक स्थिति के कारण मध्य प्रदेश
एक प्रमुख एयर कार्गो हब बन सकता है इसकी क्षमता को देखते हुए, राज्य में 20 से अधिक आधुनिक कार्गो टर्मिनल स्थापित किए जा रहे हैं, जो
अंतरराष्ट्रीय व्यापार और माल परिवहन को सुविधाजनक बनाएंगे इस नीति से राज्य में रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे होटल, परिवहन, विमानन
प्रशिक्षण संस्थान, ग्राउंड स्टाफ और पायलट जैसे क्षेत्रों में नौकरियां बढ़ेंगी सरकार उद्योगों के सतत विकास के लिए भी विशेष कदम उठा रही है इसमें
ज़ीरो लिक्विड डिस्चार्ज, वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम, और सेंट्रलाइज्ड वेस्ट प्रोसेसिंग के लिए प्रोत्साहन दिए जा रहे हैंग्रीन ट्रांसपोर्टेशन अपनाने वाले व्यवसायों
को नई ग्रीन कार्ड योजना के तहत त्वरित अप्रूवल और रेगुलेटरी सहायता प्रदान की जाएगीअब तक संस्कृति के केंद्र के रूप में पहचाने जाने वाले भोपाल
को नई नीति के तहत वैश्विक निवेश और व्यापार के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इस नीति से मध्य प्रदेश देश और दुनिया में एक महत्वपूर्ण व्यापार और पर्यटन स्थल के रूप में उभरेगा।