
मध्यप्रदेश में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम नहीं है, लेकिन उत्तरप्रदेश की यमुना का जलस्तर बढ़ने से चित्रकूट में मंदाकिनी नदी फिर उफान पर है। यहां रामघाट पर मंदिर के अंदर पानी घुसने लगा है। 100 से ज्यादा दुकानों में जलभराव हो गया है। प्रशासन ने नदी किनारे दुकान खाली करने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश के उत्तरी हिस्से में रविवार को बारिश का दौर रहा। श्योपुर में 9 घंटे में सबसे ज्यादा 2 इंच बारिश हो गई। सतना में आधा इंच से ज्यादा और सागर में करीब आधा इंच बारिश हुई। इसके अलावा ग्वालियर, शिवपुरी, रतलाम, रीवा, टीकमगढ़, बालाघाट जिलों में भी हल्की बारिश हुई।
प्रदेश में पिछले 4 दिन से कुछ जिलों में ही हल्की बारिश का दौर है। अगले 2 दिन तक ऐसा मौसम बना रहेगा। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ प्रदेश के ऊपरी हिस्से में है। जिसका असर प्रदेश में नहीं रहा।
हालांकि, दो दिन तक उत्तरी हिस्से में तेज बारिश हो सकती है। इससे पहले टीकमगढ़, गुना, नर्मदापुरम, छतरपुर के नौगांव, रीवा, सागर, सतना, सीधी, उमरिया समेत कई जिलों में हल्की बारिश का दौर चला। टीकमगढ़ में आधा इंच से ज्यादा पानी गिर गया।
शिवपुरी में नाव से आवाजाही को मजबूर ग्रामीण शिवपुरी जिले की करैरा जनपद की अलगी पंचायत के अंतर्गत आने वाले केवट मोहल्ला के हालात इन दिनों बदतर बने हुए हैं। यहां के ग्रामीणों को घर से बाहर निकलने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। गांव का तालाब भारी बारिश के चलते ओवरफ्लो हो गया है। लेकिन बेस्ट बीयर में झाड़ियां और कचरा फंसे होने के कारण पानी का बहाव रुक गया। इससे पानी निकलने की बजाय केवट मोहल्ले में भर गया है। लोगों ने कलेक्टर से मदद मांगी है।
पिछले सप्ताह बने थे बाढ़ के हालात पिछले सप्ताह प्रदेश में बाढ़ के हालात बने थे। खासकर पूर्वी हिस्से यानी- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में मानसून जमकर मेहरबान रहा। रायसेन में बेतवा ने विकराल रूप लिया। खेत-मंदिर और पुल डूब गए। दो दिन से बारिश थमी रही, लेकिन नर्मदा नदी उफान पर है। वहीं, डैम ओवरफ्लो है। इनके गेट खोले गए।