
वर्ष 2021-22 से 2024-25 के बीच मप्र को कोयले के खनन से मिलने वाला राजस्व दोगुना हो चुका है। वर्ष 2015 से अब तक मप्र में कुल 35 कोल ब्लॉक्स आवंटित किए गए हैं। इनमें से 23 ब्लॉक्स पूर्ण-अन्वेषित (फुली एक्सप्लोर्ड) और 12 ब्लॉक्स आंशिक अन्वेषित (पार्शियली एक्सप्लोर्ड) श्रेणी के हैं। सभी व्यवसायिक ब्लॉक्स के शुरू हो जाने पर प्रदेश को हर साल 5500 करोड़ रुपए मिलने लगेंगे।
कुल 23 एक्सप्लोर्ड में से 9 माइंस में कोयला उत्पादन शुरू हो चुका है। 4 खदानों में कोयला खनन कार्य भूमिगत खनन पद्धति से किए जाने के लिए माइन डेवलपमेंट जारी है। इनमें अगले 2 सालों में कोयला उत्पादन शुरू हो जाएगा। 10 ब्लॉक्स शुरू करने के लिए आवश्यक अनुमति प्राप्त करने की प्रक्रिया जारी है। ये सभी ब्लॉक्स आगामी 5 सालों में शुरू हो जाएंगे।
मप्र के खनन विभाग के मुताबिक प्रदेश में आवंटित सभी वाणिज्यिक कोल माइंस में कोयला उत्पादन प्रारंभ होने के बाद प्रदेश को खनिज राजस्व के रूप में लगभग 5500 करोड़ रुपए हर साल प्राप्त होने की संभावना है।