
भोपाल : लाईटिंग में विश्व की प्रमुख कंपनी, सिग्निफाई ने आज मध्य प्रदेश टूरिज़्म बोर्ड के साथ गठबंधन किया। इस गठबंधन के अंतर्गत राज्य में पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण 61 गाँवों में आउटडोर लाईटिंग लगाई जाएंगी। यह कार्य ‘हर गाँव रोशन’ सीएसआर अभियान के अंतर्गत किया जा रहा है। इस अभियान में राष्ट्रीय उद्यानों के आसपास स्थित आदिवासी इलाकों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि इन वंचित इलाकों में उनकी सुरक्षा, विज़िबिलिटी और पर्यटकों के अनुभव में सुधार हो सके। यह प्रोजेक्ट सिग्निफाई के एनजीओ पार्टनर, हरीतिका के सहयोग से चलाया जाएगा, ताकि इन दूरदराज के इलाकों में एनर्जी एफिशियंट आउटडोर लाईटिंग समाधान उपलब्ध हो सकें। यह प्रोजेक्ट स्थानीय इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास में सहयोग देगा तथा पर्यटकों एवं स्थानीय लोगों के लिए प्रकाश की भरपूर व्यवस्था करेगा, जिससे समुदायों के लिए आर्थिक अवसरों का निर्माण होगा।
इस प्रोजेक्ट के लिए आधिकारिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर भोपाल में आयोजित हुए एक औपचारिक कार्यक्रम में किए गए, जिसमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और सिग्निफाई का नेतृत्व मौजूद थे। यह समझौता ज्ञापन इनोवेटिव लाईटिंग समाधानों द्वारा सस्टेनेबल विकास और सामुदायिक सशक्तीकरण करने की सिग्निफाई की प्रतिबद्धता का उदाहरण है। इस गठबंधन के बारे में निखिल गुप्ता, हेड ऑफ मार्केटिंग, स्ट्रेट्जी, सरकारी मामले, और सीएसआर, सिग्निफाई ग्रेटर इंडिया ने कहा, ‘‘सिग्निफाई में हम अपने हर गाँव रोशन सीएसआर अभियान की मदद से भारत के लोगों को सर्वश्रेष्ठ इनोवेशन प्रदान करना चाहते हैं। इस प्रोजेक्ट के लिए हम मध्य प्रदेश टूरिज़्म बोर्ड को धन्यवाद देते हैं, जिन्होंने पर्यटन द्वारा ग्रामीण समुदायों को मजबूत बनाने के हमारे सामूहिक मिशन में अपना सहयोग दिया। यह गठबंधन प्रकाश की मदद से भारत के वंचित इलाकों में लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की हमारी प्रतिबद्धता प्रदर्शित करता है, ताकि सस्टेनेबल विकास के साथ सामुदायिक सशक्तीकरण संभव हो सके।’’
मध्य प्रदेश टूरिज़्म बोर्ड के प्रतिनिधि ने कहा, ‘‘सिग्निफाई के साथ यह साझेदारी मध्य प्रदेश के गाँवों में पर्यटन को मजबूत बनाने के हमारे उद्देश्य की ओर एक महत्वपूर्ण पहल है। इन गाँवों में रोशनी की व्यवस्था न केवल सुरक्षा और इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार लाएगी, बल्कि समुदाय आधारित पर्यटन और आर्थिक विकास के नए अवसर प्रदान करेगी, जिससे खासकर रात के समय आजीविका की गतिविधियाँ बढ़ेंगी। स्थानीय कारीगरी, हथकरघा और हस्तकला के प्रदर्शन के साथ मसालों और ऑर्गेनिक वस्तुओं जैसे स्थानीय उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा मिलेगा। सांस्कृतिक आयोजन और शाम के समय गाँव की सैर जैसी गतिविधियाँ संभव हो सकेंगी।’’