
भोपाल : हर साल 20 जुलाई को दुनिया भर में विश्व क्लेफ्ट जागरूकता दिवस (वर्ल्ड क्लेफ्ट अवेयरनेस डे) मनाया जाता है। इस दिवस की शुरुआत वर्ष 2025 में स्माइल ट्रेन ने की थी, ताकि क्लेफ्ट (कटे होंठ और तालू) के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़े और इस विषय को सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बनाया जा सके। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि क्लेफ्ट के साथ जन्म लेने वाले हर बच्चे को समय पर और पूरा इलाज मिल सके। इस वर्ष क्लेफ्ट उपचार के क्षेत्र में काम करने वाली देश की अग्रणी गैर-लाभकारी संस्था स्माइल ट्रेन इंडिया ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2000 से अब तक संस्था ने पूरे भारत में 8 लाख से अधिक बच्चों की मुफ्त क्लेफ्ट सर्जरी कराने में मदद की है। इस बड़ी उपलब्धि के बाद अब संस्था का मुख्य ध्यान लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर है, ताकि क्लेफ्ट के साथ जन्म लेने वाले हर बच्चे की समय रहते पहचान हो सके और उसे सही समय पर इलाज मिल सके, जिससे वह स्वस्थ और बेहतर जीवन जी सके। स्माइल ट्रेन एशिया क्षेत्र की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और रीजनल डायरेक्टर ममता कैरोल ने कहा, "हमने क्लेफ्ट के इलाज को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने में अच्छी प्रगति की है, लेकिन जागरूकता की कमी आज भी हमारी सबसे बड़ी चुनौती है। हर दिन हमारे पास ऐसे बच्चे आते हैं, जिन्हें इलाज के लिए कई महीने या कभी-कभी कई साल बाद लाया जाता है। इसकी वजह इलाज की कमी नहीं, बल्कि यह है कि कई परिवारों को पता ही नहीं होता कि क्लेफ्ट का सफल इलाज संभव है। इसके अलावा समाज में फैली गलत धारणाएं और डर भी इलाज में देरी का कारण बनते हैं। अगर हम जागरूकता की इस कमी को दूर कर सकें, तो हर बच्चे तक समय पर इलाज पहुंचाया जा सकता है और कोई भी बच्चा इलाज से वंचित नहीं रहेगा।"
भारत में हर साल लगभग 25,000 बच्चे क्लेफ्ट (कटे होंठ या कटे तालू) के साथ जन्म लेते हैं। लेकिन जागरूकता की कमी, गलत धारणाओं, गलत जानकारी और सामाजिक भेदभाव के कारण कई बच्चों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। इलाज में देरी होने से बच्चों को दूध पीने और खाना खाने में परेशानी, कुपोषण, बोलने और सुनने में दिक्कत जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, उन्हें आगे चलकर सामाजिक और भावनात्मक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ सकता है। समय पर क्लेफ्ट की पहचान और सही समय पर सर्जरी कराने से बच्चों का इलाज बेहतर तरीके से हो सकता है और उन्हें जरूरी सभी चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिल सकता है। विश्व क्लेफ्ट जागरूकता दिवस का उद्देश्य लोगों को क्लेफ्ट के बारे में जागरूक करना, इससे जुड़ी गलत धारणाओं को दूर करना और यह सुनिश्चित करना है कि क्लेफ्ट के साथ जन्म लेने वाले हर बच्चे को समय पर सही इलाज मिल सके। स्माइल ट्रेन इंडिया केवल सर्जरी तक ही अपनी सेवाओं को सीमित नहीं रखती। संस्था बच्चों के संपूर्ण उपचार और देखभाल पर ध्यान देती है। इसके तहत बच्चों को पोषण सहायता, स्पीच थेरेपी (बोलने की थेरेपी) और दांतों व जबड़ों के इलाज (ऑर्थोडॉन्टिक उपचार) जैसी सुविधाएं भी दी जाती हैं, ताकि बच्चे स्वस्थ और बेहतर जीवन जी सकें। इसके साथ ही, स्माइल ट्रेन इंडिया लंबे समय तक प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय सर्जनों, एनेस्थेटिस्ट (बेहोशी विशेषज्ञ), नर्सों और क्लेफ्ट उपचार से जुड़े विशेषज्ञों की टीम को प्रशिक्षण और सहयोग देती है। इससे बच्चों को अपने घर के पास ही उच्च गुणवत्ता वाला मुफ्त क्लेफ्ट उपचार मिल पाता है। साथ ही, साझेदार अस्पतालों को मजबूत बनाकर संस्था स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं को भी अधिक सक्षम और मजबूत बनाने में मदद कर रही है। इस वर्ष के जागरूकता अभियान को लोगों का अच्छा समर्थन मिला। स्माइल ट्रेन इंडिया के साझेदार अस्पतालों, दानदाताओं, ब्रांड एंबेसडरों, क्लेफ्ट से प्रभावित लोगों और उनके परिवारों, शुभचिंतकों तथा समाज के कई लोगों ने मिलकर विश्व क्लेफ्ट जागरूकता दिवस (WCAD) मनाया। कई लोगों ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर अपने अनुभव और संदेश साझा कर क्लेफ्ट के बारे में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया। इससे यह अभियान केवल डॉक्टरों और अस्पतालों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आम लोगों और हर घर तक भी पहुंचा। विश्व क्लेफ्ट जागरूकता दिवस के अवसर पर स्माइल ट्रेन इंडिया ने माता-पिता, देखभाल करने वालों, स्वास्थ्यकर्मियों, नीति-निर्माताओं, मीडिया और समाज के सभी लोगों से अपील की है कि वे क्लेफ्ट के बारे में जागरूकता बढ़ाएं, समय पर पहचान और इलाज को बढ़ावा दे इससे जुड़ी गलत धारणाओं को दूर करने में सक्रिय भूमिका निभाएं। मुफ्त क्लेफ्ट उपचार या अधिक जानकारी के लिए स्माइल ट्रेन इंडिया की टोल-फ्री हेल्पलाइन पर संपर्क करें: 1800 103 8301।