भोपाल : "अनंत ऊर्जा सफर" एक ऐसी पहल है जिससे आप आध्यात्मिक रूप से खुद से जुड़ सकते है और यदि आप इसे अपने नियमित जीवन में लागू कर लें तो आपका जीवन ही बदल जाएगा। आजकल के नीरस जीवन में जहाँ हर व्यक्ति शारिरिक के साथ मानसिक कमजोरी का भी सामना कर रहा है उनके लिए अनंत ऊर्जा सफर एक नए जीवन कि शुरुआत करने जैसा है। भोपाल में "अनंत ऊर्जा सफर" के सेशन्स लिए जाएंगे जो कि विश्व के सबसे युवा रेकी हीलर, सेलेब्रिटी टैरो कार्ड रीडर और अंकशास्त्री आयुष गुप्ता द्वारा लिए जाएंगे आयुष गुप्ता दुबई, नेपाल सहित दुनियाभर में अब तक रैकी हीलिंग के माध्यम से 1000 से भी अधिक लोगों का उपचार कर चुके है जिसमें कैंसर एवं कोमा जैसी गंभीर बीमारियों वाले मरीज भी शामिल है साथ ही आयुष ने 20000 से भी अधिक लोगों को टैरो कार्ड रीडिंग से उनके भविष्य की सही राह दिखाई है जिसमें कई सेलेब्रिटीज़ भी शामिल है। आयुष छोटी उम्र से ही अध्यात्म की ओर अग्रसर है और उनकी इन्ही विशेषताओं के चलते भारत ही नहीं बल्कि विश्वभर में उन्हें हीलिंग और टैरो कार्ड रीडिंग के लिए आमंत्रित किया जाता है। भोपाल में सेशन्स के माध्यम से अलग - अलग जगह अध्यात्म के जरिए मानसिक रूप से सक्षम बनने में मदद की जाएगी। जिससे लोग मानसिक रूप से सक्षम बने रहे। भोपाल में आयुष सेन्ट्रल जेल, कॉलेजस और इंस्टिट्यूटस में जा कर छात्रों एवं स्टॉफ को मैडिटेशन एवं रैकी के सेशन लेंगे। आयुष गुप्ता ( विश्व के सबसे युवा रेकी हीलर, सेलिब्रिटी टैरो कार्ड रीडर और अंकशास्त्री) ने कहा कि* अगर हर व्यक्ति मानसिक रूप से सक्षम रहेगा तो हर परिस्थिति से लड़ने में और सही-गलत में फर्क करने के लायक रहेगा और यदि ऐसा हर इंसान करने लगे तो शायद इस दुनिया मे मेंटल हेल्थ की समस्या होना ही बंद हो जाएगी। इसलिए सोशल मीडिया के माध्यम से जुड़े भोपाल के मेरे कई फॉलोवर्स काफ़ी समय से मुझे भोपाल आने की गुजारिश कर रहे थे उनकी सहायता के लिए भोपाल में अनंत ऊर्जा सफर की शुरुआत की जा रही है एवं भविष्य में इसे नियमित किया जाए जिसके सकारात्मक परिणाम आपको जल्द ही देखने को मिल जाएंगे। शारीरिक सेहत के लिए भोपाल के स्कूल एवं कॉलेजस में तरह - तरह के कैम्प्स और उपकरणों से स्टूडेंट्स की देख रेख की जाती है लेकिन मानसिक सेहत के लिए "अनंत ऊर्जा सफर" के तहत यह पहला कदम रहेगा। आयुष ने आगे बताया की मैं मध्यप्रदेश को आध्यात्मिक क्षेत्र में सक्षम एवं मानसिक रूप से मजबूत बनाने की शुरुआत करना चाहता हूँ जिस से हम एक नया बदलाव देख सकेंगे क्यूंकि शारीरिक स्वास्थ जितना ज़रूरी है उतना ही ज़रूरी मानसिक रूप से स्वस्थ होना है।