
भोपाल : भोपाल में कॉन्क्लेव डायमंड स्टेट्स , मध्य प्रदेश का सफल आयोजन किया। "अभ्युदय मध्य प्रदेश :विरासत से विकास, विकसित भारत की नई शक्ति" थीम पर आयोजित इस सम्मेलन में राज्य के मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद के सदस्य और नीति-निर्माताओं ने मध्य प्रदेश के विकास मॉडल, निवेश, सुशासन, महिला सशक्तिकरण, खेल, संस्कृति और सामाजिक समरसता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण रहे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, जिन्होंने राज्य के विकास के व्यापक विज़न को विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश केवल भौगोलिक रूप से देश का हृदय नहीं, बल्कि विकसित भारत की यात्रा का एक प्रमुख इंजन बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने निवेश, औद्योगिक विकास, कृषि, आधारभूत संरचना, धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के लिए नए अवसरों पर सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया। साथ ही उन्होंने "विरासत से विकास" की अवधारणा को राज्य की विकास यात्रा का
कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने ग्रामीण विकास, पंचायतों की भूमिका और जनभागीदारी को मजबूत करने के लिए सरकार की योजनाओं पर चर्चा की। परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने आधुनिक परिवहन व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं को आधार बताते हुए कहा कि सांस्कृतिक धरोहर और आधुनिक विकास एक-दूसरे के पूरक हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के प्रयासों, अधोसंरचना विस्तार, उद्योगों को प्रोत्साहन, किसानों के हितों, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर और सुशासन के एजेंडे पर विस्तार से अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तैयारी के साथ आगे बढ़ रहा है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने समसामयिक राजनीतिक और विकास संबंधी विषयों पर भी बेबाकी से अपने विचार रखे। न्यूज़18 इंडिया का डायमंड स्टेट्स समिट राज्यों के विकास मॉडल, नीतिगत नवाचार और सुशासन पर देश के सबसे महत्वपूर्ण संवाद मंचों में से एक बन चुका है। मध्य प्रदेश संस्करण में राज्य के नेतृत्व ने विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में मध्य प्रदेश की भूमिका और भविष्य की विकास यात्रा का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया। सम्मेलन में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने राज्य की वित्तीय मजबूती, विकास योजनाओं और सुशासन पर सरकार की प्राथमिकताओं को साझा किया। वहीं उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और जनकल्याण से जुड़े प्रयासों पर प्रकाश डाला। बेहतर बनाने की दिशा में राज्य सरकार के प्रयासों की जानकारी दी। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने महिला सशक्तिकरण, पोषण, बाल विकास और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रमों पर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। राज्य मंत्री कृष्णा गौर ने महिलाओं और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर अपने विचार रखे। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने युवाओं को खेल, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए राज्य सरकार की विभिन्न पहलों पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी और मध्य प्रदेश वक्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष सनवर पटेल ने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक समरसता, धार्मिक पर्यटन और सभी वर्गों की सहभागिता के विषय पर विचार साझा किए। इस चर्चा में "विरासत से विकास" की अवधारणा को मध्य प्रदेश की विशिष्ट पहचान के रूप में प्रस्तुत किया गया। डायमंड स्टेट्स समिट के दौरान विभिन्न सत्रों में यह भी चर्चा हुई कि कैसे मध्य प्रदेश निवेश, उद्योग, कृषि, पर्यटन, महिला सशक्तिकरण, खेल, संस्कृति और सुशासन के क्षेत्रों में नए मानक स्थापित कर रहा है। सम्मेलन में सरकार और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय, जनभागीदारी और नीति आधारित विकास को विकसित मध्य प्रदेश की आधारशिला बताया गया।