
बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक इंदौर, श्योपुर एवं उज्जैन में 12, सागर में दो एवं रतलाम में एक मिलीमीटर वर्षा हुई। मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में गहरा कम दबाव का क्षेत्र मौजूद है। इसके गुरुवार को ओडिशा में धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की तरफ बढ़ने की संभावना है। दक्षिणी पंजाब पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है।
मानसून द्रोणिका बीकानेर, वनस्थली, दमोह, पेंड्रा रोड से गहरे कम दबाव के क्षेत्र से होकर बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। मध्य प्रदेश के मध्य से एक द्रोणिका दक्षिणी पंजाब पर बने चक्रवात तक बनी है। जो पूर्वी राजस्थान, दक्षिणी हरियाणा से होकर जा रही है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि गहरा कम दबाव का क्षेत्र ओडिशा की तरफ आगे बढ़ रहा है। वर्तमान में मध्य प्रदेश में भी दो मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। इस वजह से गुरुवार से प्रदेश में कई स्थानों पर वर्षा का सिलसिला शुरू हो सकता है।
विशेषकर ग्वालियर, जबलपुर, इंदौर एवं उज्जैन संभाग के जिलों में झमाझम वर्षा हो सकती है। उधर, पिछले 24 घंटों के दौरान बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे तक गुना में 52.2, मलाजखंड में 39.2, रतलाम में 30, नरसिंहपुर में 21, छिंदवाड़ा में 16, शिवपुरी में 13, उमरिया में 8.8, खंडवा एवं दमोह में छह, खजुराहो में 4.4, उज्जैन में दो मिमी. वर्षा हुई।