
एमपी में अबकी बार मानसून उम्मीदों पर खरा उतरा है। ढाई महीने में ही औसत 37.1 इंच बारिश हो गई है।
ग्वालियर समेत 20 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी गिर चुका है। सितंबर में अब जितना भी पानी गिरेगा, वह बोनस की तरह रहेगा। हालांकि, इंदौर समेत 7 जिले ऐसे भी हैं, जहां 70 प्रतिशत पानी भी नहीं गिरा है। शाजापुर-इंदौर सबसे पिछड़े हुए हैं।
इस बार प्रदेश में 16 जून को मानसून ने दस्तक दे दी थी। शुरुआती 15 दिन बेहतर रहे। वहीं, जुलाई में भी मानसून मेहरबान रहा। लगातार बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव रहे। इससे 30 जुलाई तक प्रदेश में औसत 28 इंच बारिश हो गई।
अगस्त से अच्छी उम्मीद, लेकिन सिस्टम एक्टिव नहीं हुए अगस्त की औसत बारिश 13.1 इंच है। इस मुकाबले 9 इंच पानी ही गिरा। इस वजह से एमपी का कोटा 31 अगस्त को पूरा हो सका। हालांकि, अगस्त में ही 15 से 18 इंच तक पानी गिरने की उम्मीद थी। इसकी वजह शुरुआत में स्ट्रॉन्ग सिस्टम की एक्टिविटी रही थी, लेकिन बाद में सिस्टम कमजोर रहे। इस वजह से अगस्त में मानसून उम्मीद से ज्यादा नहीं बरसा।
जून में 7 इंच पानी गिरा था एमपी में भले ही मानसून की दस्तक 16 जून से हुई हो, लेकिन मानसून सीजन 1 जून से शुरू हो गया था। यानी, 1 से 15 जून तक जितनी भी बारिश हुई, वह मानसून सीजन में ही शामिल की गई। मौसम विभाग के अनुसार, पूरे जून महीने में 7 इंच पानी गिरा। फिर जुलाई में 21 इंच पानी बरस गया। अगस्त में 9 इंच बारिश होते ही औसत बारिश 37 इंच का आंकड़ा पार हो गया।
सितंबर में ओवरफ्लो हो जाएंगे सभी डैम जुलाई में तेज बारिश की वजह से प्रदेश के कई डैम और तालाब ओवरफ्लो हो गए थे। भोपाल के बड़ा तालाब, केरवा-कलियासोत डैम में भी पानी आया। कई बड़े डैम के गेट भी खुले, लेकिन अगस्त में उतनी बारिश नहीं हुई है। इस कारण डैम के भरने की रफ्तार भी थम गई।
हालांकि, आखिरी दिनों में तेज बारिश से कई डैम फिर से खुल गए। भोपाल का बड़ा तालाब दो फीट ही खाली है। पिछले साल जुलाई में ही यह ओवरफ्लो हो गया था। इस बार जौहिला, बरगी, इंदिरासागर, बारना, अटल सागर, सुजारा, सतपुड़ा, तवा समेत कई डैम के गेट खुल चुके हैं। कुल 54 बड़े डैमों में अच्छा पानी आ चुका है।
अब सितंबर से भी उम्मीदें बता दें कि सितंबर की औसत बारिश 158 मिमी यानी, 6 इंच है। चूंकि, सितंबर के पहले सप्ताह में ही तेज बारिश का दौर रहेगा। ऐसे में इसी सप्ताह में ही सितंबर की बारिश का कोटा फुल हो सकता है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, सितंबर के शुरुआती दिनों में बारिश के कई सिस्टम एक्टिव रहेंगे। इस वजह से तेज बारिश का दौर बना रहेगा।
मौसम विभाग के अनुसार, ग्वालियर समेत 20 जिले ऐसे हैं, जहां बारिश का कोटा फुल हो चुका है। शिवपुरी में तो 162 प्रतिशत पानी गिर चुका है। वहीं, कटनी, उमरिया और सिवनी में कोटा फुल होने के मुहाने पर ही है।