20 फीट ऊंची होली को वैदिक मंत्रों के साथ चकमक पत्थरों से जलाते हैं, राजा भृतहरि भी जलाते थे इसे

Updated on 06-03-2023 05:01 PM

मध्यप्रदेश के उज्जैन में 5100 कंडों (उपलों) से होली बनाकर होलिका दहन किया जाएगा। 20 फीट ऊंची होली बनाई गई है। इन कंडों को रंग-गुलाल से भी सजाया गया है। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ चकमक पत्थरों का उपयोग कर होली जलाई जाएगी। ये सिंहपुरी की होली के नाम से प्रसिद्ध है। बताया जाता है कि सिंहपुरी की होली जलाने राजा भृतहरि आते थे। तब से यह परंपरा निभाई जा रही है। इसे सबसे बड़ी वैदिक होली माना जाता है।

उज्जैन में सोमवार को होलिका दहन किया जाएगा। महाकाल मंदिर के साथ सिंहपुरी में भी होलिका दहन किया जाएगा। सिंहपुरी में जलने वाली होली अपने आप में खास है। कारण- यहां होली जलाने की वर्षों पुरानी वैदिक परंपरा आज भी निभाई जा रही है। ये होली पर्यावरण बचाने का भी संदेश देती है।

ये है खास बात

सिंहपुरी में रहने वाले ब्राह्मण जो गुरु मंडली के नाम से प्रसिद्ध है, वह वेद मंत्रों के माध्यम से कंडे बनाते हैं। फिर इन्हीं कंडों के जरिए होलिका तैयार की जाती है। खास है कि इसमें लकड़ी का उपयोग नहीं किया जाता। इस पर रंग-गुलाल की सजावट की जाती है। इसके बाद प्रदोष काल में चारों वेदों के ब्राह्मण मिलकर अलग-अलग मंत्रों से होलिका का पूजन करते हैं। बड़ी संख्या में महिलाएं यहां पूजन अर्चन करने पहुंचती हैं। फिर चकमक पत्थरों से होलिका दहन किया जाता है।

पंडित रूपम जोशी ने बताया कि गुर्जर गौड ब्राह्मण समाज वर्षों से सिंहपुरी में कंडा होली का निर्माण करता आ रहा है। इसके लिए चार महीने पहले से तैयारी शुरू कर कंडों का ऑर्डर कर दिया जाता है।

सिंहपुरी की होली में शामिल होने आते थे राजा भृतहरि

माना जाता है कि पंच तत्वों की शुद्धि के लिए गोबर का विशेष रूप से उपयोग किया जाता है। यही परंपरा यहां सैकड़ों साल से चली आ रही है। बताया जाता है कि सिंहपुरी की होली का उल्लेख श्रुत परंपरा के साहित्य में भी है। धार्मिक मान्यता के अनुसार सिंहपुरी की होली का दहन राजा भृतहरि करते थे। तब से ये परंपरा चली आ रही है।

ध्वज का भी खास महत्व

होलिका में प्रह्लाद के रूप में एक ध्वजा लगाई जाती है। सबसे खास बात है कि होली जलने के बाद भी ध्वज नहीं जलता, बल्कि ये किसी एक दिशा में गिर जाता है। माना जाता है कि जिस दिशा में ध्वज गिरा है, उस साल उसी दिशा में संपन्नता आएगी।

तीन दिन तक चलता है उत्सव

सिंहपुरी इलाके में होली का उत्सव तीन दिवसीय महोत्सव मनाया जाता है। इसके तहत महाकाल ध्वज समारोह भी निकाला जाता है। इसके अलावा, सिंहपुरी की गेर भी प्रमुख मार्ग से निकाली जाती है।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 08 August 2026
इंदौर: इस रक्षाबंधन पर 5 से 15 वर्ष के बच्चों द्वारा बच्चों और परिवारों के लिए एक अनोखा उत्सव आयोजित किया जा रहा है। राखी किड्स बाज़ार रविवार 09 अगस्त…
 06 August 2026
भोपाल : भोपाल में कॉन्क्लेव डायमंड स्टेट्स , मध्य प्रदेश का सफल आयोजन किया। "अभ्युदय मध्य प्रदेश :विरासत से विकास, विकसित भारत की नई शक्ति" थीम पर आयोजित इस सम्मेलन…
 01 August 2026
इस फ्रेंडशिप डे (2 अगस्त) के अवसर पर एयरटेल ने अपने ग्राहकों के लिए दोस्ती का जश्न मनाने का एक नया और खास तरीका पेश किया है। अब एयरटेल ऐप के जरिए…
 01 August 2026
इंदौर। “सभ्य समाज और सशक्त राष्ट्र की नींव शिक्षा पर टिकी होती है और पुस्तकें उस नींव को मजबूती देने वाला सबसे सशक्त माध्यम हैं। जब समाज का जिम्मेदार नागरिक…
 24 July 2026
इंदौर। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर रविवार, 26 जुलाई, को डॉ. संदीप जुल्का के नेतृत्व में टीम हेल्थकेयर सोल्जर्स द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। सुपर स्पेशियलिटी…
 18 July 2026
इंदौर: कबाब की खुशबू, दम बिरयानी का लज़ीज़ स्वाद और पारंपरिक करीज़ का असली जायका अब एक ही जगह पर मिलने वाला है। एसेंशिया लग्ज़री होटल इंदौर में 26 जुलाई…
 18 July 2026
भोपाल  आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (AESL), जो टेस्ट की तैयारी कराने वाली सर्विसेज़ में देश की लीडर है, ने गर्व के साथ बताया कि भोपाल में उसके क्लासरूम प्रोग्राम के अनेक…
 16 July 2026
भोपाल : मध्यप्रदेश शासन के जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट ने वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक, शिक्षाविद एवं कार्यपरिषद सदस्य, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय डॉ. ए.के. द्विवेदी द्वारा जल संरक्षण एवं जन-जागरूकता को…
 14 July 2026
भोपाल। बिड़ला ओपन माइंड्स इंटरनेशनल स्कूल, भोपाल में आयोजित इन्वेस्टिचर सेरेमनी-2026 के अवसर पर बिड़ला ओपन माइंड्स के प्रबंध निदेशक निर्वाण बिड़ला ने मुख्य अतिथि के रूप में विद्यार्थियों को…
Advt.