साउथ अफ्रीका से हुआ एग्रीमेंट, गांधीसागर और नौरादेही अभयारण्य में छोड़े जाएंगे

Updated on 20-02-2023 05:46 PM

मध्यप्रदेश के वन्यजीव प्रेमियों के लिए अच्छी खबर है। हर साल मध्यप्रदेश को 12 चीते मिलेंगे। भारत सरकार और दक्षिण अफ्रीका की सरकार से इस संबंध में एग्रीमेंट हुआ है। प्रदेश के वनमंत्री कुंवर विजय शाह ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा- साउथ अफ्रीका से 12 चीतों की खेप हर साल मध्यप्रदेश आएगी। इन्हें गांधीसागर और नौरादेही अभयारण्य में छोड़ा जाएगा।

इससे पहले नामीबिया से 8 चीते कूनाे आए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन्हें रिलीज किया था। वहीं, 18 फरवरी को भी दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते आए। इन्हें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कूनो अभयारण्य में रिलीज किया। इन्हें क्वारंटाइन बाड़े में छोड़ा गया है। कूनो-पालपुर अभयारण्य में अब कुल 20 चीते हो गए हैं। प्रदेश में चीतों का ये कुनबा लगातार बढ़ता जाएगा। कूनाे के बाद दूसरे अभयारण्यों में भी सैलानी चीतों का दीदार कर सकेंगे

गांधी सागर-नौरादेही अभयारण्य में छोड़े जाएंगे

वनमंत्री ने बताया कि नीमच-मंदसौर जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में बसे गांधी सागर अभयारण्य और सागर, दमोह, नरसिंहपुर जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में बसे नौरादेही अभयारण्य में भी चीते नजर आएंगे। मंत्री विजय शाह ने बताया कि साउथ अफ्रीका की सरकार हर साल 12 चीते देने के लिए सहमत हुई है।

नामीबिया से आए चीते भी कर रहे सर्वाइव

नामीबिया के विशेषज्ञों का कहना था कि जो चीते नामीबिया से लाए थे, उनमें से 25 प्रतिशत मध्यप्रदेश में सर्वाइव नहीं कर पाएंगे, लेकिन उन्होंने देखा कि यहां चीतों के रहन-सहन, खान-पान की व्यवस्थाएं और वातावरण चीतों के मुताबिक है। अभी सिर्फ एक मादा चीता थोड़ी बीमार है, वो भी ठीक हो रही है। अन्य चीते भी स्वस्थ हैं। पांच महीने वॉच करने के बाद साउथ अफ्रीका ने एमओयू किया है। वनमंत्री ने बताया कि अगले महीने दो सगे भाई चीतों को जंगल में छोड़ेंगे।

गांधीसागर अभयारण्य भी चीतों के लिए मुफीद

गांधीसागर अभयारण्य 181 वर्ग किमी मंदसौर व 187 वर्ग किमी नीमच जिले समेत कुल 368.62 वर्ग किमी में फैला है। इसकी सीमा रावतभाटा वन क्षेत्र और मुकंदरा नेशनल पार्क से लगती है। रावतभाटा की 30 किमी वन क्षेत्र की सीमा कम आबादी वाली है। चीतों के रहने के लिए बनाए जाने वाले बाड़े और पीने के पानी की व्यवस्था देखी गई। सबसे अच्छी बात है कि गांधीसागर वन्य क्षेत्र चंबल का बड़ा क्षेत्र है। यहां पानी की भी कमी नहीं है।

करीब आठ महीने पहले चीता के अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ, दक्षिण अफ्रीका से विंसेंट, उनकी टीम के साथ मध्यप्रदेश के वन विभाग प्रिंसिपल सेक्रेटरी अशोक कुमार, देहरादून भारतीय वन्य प्राणी संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वायवी झाला, चीफ वार्डन वाइल्ड लाइफ जेएस चौहान, मंदसौर डीएफओ आदर्श श्रीवास्तव, स्थानीय अधिकारी ने गांधीसागर अभयारण्य और चंबल नदी का दौरा किया था।

साल 2000 में शुरू हुए थे प्रयास

चीतों को लाने के लिए साल 2000 में प्रयास शुरू हुए थे। चीतों के लिए पहाड़ी घास वाले मैदान स्ट्रांग पॉइंट मिले। चीतों से पहले उनके लिए चीतल को बसाया जा रहा है। यहां अफ्रीका की तरह ग्रास लैंड है। गांधीसागर के उस एरिया में कोई गांव व आबादी नहीं है, जो चीतों के लिए फायदेमंद है। इसके अलावा, यहां कई प्रजातियों के वन्यजीव, पेड़, झाड़ियां और लताएं हैं।

तीन जिलों की सीमाओं को छूता है नौरादेही अभयारण्य

सागर, दमोह और नरसिंहपुर जिले में फैला नौरादेही अभयारण्य बाघों के रहने के लिए मुफीद है। अभी यहां 12 बाघ अपना कुनबा बढ़ाने के साथ-साथ रह रहे हैं। कूनो पालपुर अभयारण्य में लाए गए चीतों की अगली पीढ़ी नौरादेही और मंदसौर के गांधी सागर अभयारण्य में बसाने की तैयारी है।

अभयारण्य का तकनीकी टीम द्वारा शुरुआत से ही सर्वे किया चुका है। दोनों अभयारण्य चीतों के रहवास के हिसाब से उपयुक्त पाए गए थे। नौरादेही प्रदेश का सबसे बड़ा अभयारण्य है। इसका क्षेत्रफल 1,197 वर्ग किलोमीटर है। यह सागर समेत दमोह और नरसिंहपुर जिले में फैला है। जबलपुर जिले से इसकी सीमा लगती है। खास है कि राष्ट्रीय बाघ परियोजना के तहत वर्ष 2018 में यहां राधा बाघिन और किशन नाम के बाघ को बसाया गया था। इनका कुनबा 4 सालों में 2 से बढ़कर 12 पहुंच गया है। अब यहां जल्द ही चीते भी छोड़े जाएंगे।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 08 August 2026
इंदौर: इस रक्षाबंधन पर 5 से 15 वर्ष के बच्चों द्वारा बच्चों और परिवारों के लिए एक अनोखा उत्सव आयोजित किया जा रहा है। राखी किड्स बाज़ार रविवार 09 अगस्त…
 06 August 2026
भोपाल : भोपाल में कॉन्क्लेव डायमंड स्टेट्स , मध्य प्रदेश का सफल आयोजन किया। "अभ्युदय मध्य प्रदेश :विरासत से विकास, विकसित भारत की नई शक्ति" थीम पर आयोजित इस सम्मेलन…
 01 August 2026
इस फ्रेंडशिप डे (2 अगस्त) के अवसर पर एयरटेल ने अपने ग्राहकों के लिए दोस्ती का जश्न मनाने का एक नया और खास तरीका पेश किया है। अब एयरटेल ऐप के जरिए…
 01 August 2026
इंदौर। “सभ्य समाज और सशक्त राष्ट्र की नींव शिक्षा पर टिकी होती है और पुस्तकें उस नींव को मजबूती देने वाला सबसे सशक्त माध्यम हैं। जब समाज का जिम्मेदार नागरिक…
 24 July 2026
इंदौर। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर रविवार, 26 जुलाई, को डॉ. संदीप जुल्का के नेतृत्व में टीम हेल्थकेयर सोल्जर्स द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। सुपर स्पेशियलिटी…
 18 July 2026
इंदौर: कबाब की खुशबू, दम बिरयानी का लज़ीज़ स्वाद और पारंपरिक करीज़ का असली जायका अब एक ही जगह पर मिलने वाला है। एसेंशिया लग्ज़री होटल इंदौर में 26 जुलाई…
 18 July 2026
भोपाल  आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (AESL), जो टेस्ट की तैयारी कराने वाली सर्विसेज़ में देश की लीडर है, ने गर्व के साथ बताया कि भोपाल में उसके क्लासरूम प्रोग्राम के अनेक…
 16 July 2026
भोपाल : मध्यप्रदेश शासन के जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट ने वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक, शिक्षाविद एवं कार्यपरिषद सदस्य, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय डॉ. ए.के. द्विवेदी द्वारा जल संरक्षण एवं जन-जागरूकता को…
 14 July 2026
भोपाल। बिड़ला ओपन माइंड्स इंटरनेशनल स्कूल, भोपाल में आयोजित इन्वेस्टिचर सेरेमनी-2026 के अवसर पर बिड़ला ओपन माइंड्स के प्रबंध निदेशक निर्वाण बिड़ला ने मुख्य अतिथि के रूप में विद्यार्थियों को…
Advt.