अनुमान था कि 6 दिन में 10 लाख लोग आएंगे, पहले ही दिन पहुंचे 20 लाख श्रद्धालु

Updated on 18-02-2023 07:28 PM

कुबेरेश्वर धाम पर रुद्राक्ष महोत्सव के पहले ही दिन श्रद्धालुओं की दोगुनी भीड़ से हालात बिगड़े। देशभर से करीब 20 लाख श्रद्धालु कुबेरेश्वर पहुंचे, जबकि आयोजक और अफसरों का अनुमान था कि आयोजन के दौरान 6 दिन में 10 लाख लोग आएंगे।

 कलेक्टर ने भी माना कि महोत्सव के दौरान हालात खराब हुए। ऐसा प्रशासन के गलत अनुमान के कारण हुआ। उम्मीद नहीं थी कि इतने लोग आ जाएंगे। दरअसल, महोत्सव में पहले दिन जो भीड़ आई, उनमें महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के श्रद्धालु ज्यादा थे, जो अपनी गाड़ियों में आए थे। इस कारण करीब डेढ़ लाख फोर व्हीलर जमा हो गईं। इससे 27Km लंबा जाम लग गया और भोपाल-इंदौर हाईवे पूरे 11 घंटे बंद रहा।

अनुमान से दोगुनी भीड़ पहुंचने से रुद्राक्ष वितरण भी नहीं हो सका। शाम को रुद्राक्ष को लेकर लूटमार जैसी स्थिति भी बन गई थी, इसलिए रुद्राक्ष वितरण रोक दिया गया। पं. प्रदीप मिश्रा ने भी कहा है कि अब सालभर रुद्राक्ष श्रद्धालुओं को दिए जाएंगे।

सवाल- रुद्राक्ष महोत्सव में कितने श्रद्धालु शामिल हुए?

सीहोर कलेक्टर- रुद्राक्ष महोत्सव में 20 लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए। पहले दिन बड़ी ज्यादा संख्या में आए। दूसरे दिन 3 लाख लोग शामिल रहे।

सवाल- महोत्सव को लेकर क्या तैयारियां थीं?

सीहोर कलेक्टर- पिछले महोत्सव से सबक लेते हुए अबकी बार पार्किंग स्थल बढ़ाए गए। 500 एकड़ में पार्किंग बनाई गई थीं। 5 नए रास्ते बनाए थे। पहले दिन 20 लाख लोग आए। वे परेशान जरूर हुए, लेकिन अपने गंतव्य स्थल पर चले गए। यह सुकून वाली बात रही।

सवाल- किसकी चूक मानते हैं, समिति या प्रशासन की?

सीहोर कलेक्टर- आयोजन समिति को अनुमान था कि छह दिन में करीब 10 लाख लोग आएंगे। एक दिन में कभी भी 3 लाख से ज्यादा लोग नहीं आएंगे। ये अनुमान गलत निकला। पहले ही दिन लाखों लोग पहुंच गए। सुबह के समय 20 लाख लोग पहुंच गए। वे करीब डेढ़ लाख वाहनों से आए। इससे हाईवे पर जाम की स्थिति बन गई। कुबेरेश्वर धाम हाईवे से 400 मीटर दूर ही है। ऐसे में अलग रास्ता नहीं बचा था। जैसे-तैसे हालात काबू में आए। श्रद्धालुओं को अंदर पहुंचाने के बाद ही ट्रैफिक खोला गया। अनुमान से अधिक भीड़ आने से यह स्थिति बनी है।

सवाल- आगे ऐसा न हो, इसके लिए क्या करेंगे?

सीहोर कलेक्टर- भविष्य में ऐसे हालात न बनें, इसके लिए आयोजन समिति से अनुरोध किया है कि प्री-रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था करे। ऐसे में पता चल सकेगा कि कितनी भीड़ आएगी। वे ट्रेन, बस या प्राइवेट वाहनों से आएंगे। रजिस्ट्रेशन का सिस्टम जब तक नहीं होता, तब तक ऐसे हालात बने रहेंगे।

सवाल- महिला और बच्चे की मौत मामले में क्या केस दर्ज होगा?

सीहोर कलेक्टर- दोनों पहले से बीमारियों से पीड़ित थे। यदि उनके परिजनों की शिकायत होती है, तो कार्रवाई करेंगे।

सवाल- आयोजन को लेकर आगे क्या प्लान बनाया है?

सीहोर कलेक्टर- कथा में सबकुछ सामान्य है। श्रद्धालु कथा का आनंद ले रहे हैं। ढाई से तीन लाख श्रद्धालु अभी है। उनके हिसाब से तैयारियां की गई हैं।

सवाल- रुद्राक्ष बांटने को लेकर आगे क्या रहेगा?

सीहोर कलेक्टर- रुद्राक्ष बांटने के लिए पहले दिन की व्यवस्था में मंदिर समिति का प्रशासन ने सहयोग किया। पहले दिन दो लाख से ज्यादा रुद्राक्ष बंटवाए गए थे। संभव नहीं था कि 20 लाख लोगों को रुद्राक्ष दिए जाएं। इस व्यवस्था को बनाने के लिए जो व्यवस्था की गई थी, वह भीड़ की वजह से टूट गई थी। समिति ने तय किया है कि अब काउंटर से रुद्राक्ष का वितरण नहीं होगा।

सवाल- शनिवार को महाशिवरात्रि है, क्या भीड़ बढ़ेगी, क्या प्लान है?

सीहोर कलेक्टर- 50 हजार से ज्यादा संख्या बढ़ सकती है। ऐसे में संभावना है कि महाशिवरात्रि पर करीब 4 लाख लोग हो सकते हैं। आसपास के जिलों से लगातार संपर्क कर रहे हैं।

सवाल- महाराष्ट्र से आई सबसे ज्यादा भीड़, किसी को पता भी नहीं

सीहोर कलेक्टर- रुद्राक्ष महोत्सव में मची अफरा-तफरी की एक वजह खराब प्लानिंग भी रही है। इस कारण अव्यवस्था फैल गई। महाराष्ट्र से सबसे ज्यादा भीड़ आएगी, इस बात की जानकारी किसी को नहीं थी। अधिकांश श्रद्धालु अपने वाहनों से ही आए। ऐसे में अब ध्यान रखा जाएगा कि महाराष्ट्र से जुड़े जिलों को पहले से अलर्ट मोड पर रखा जाए, ताकि आने वाली भीड़ के बारे में पता चल सके।

लौटने की भीड़ ज्यादा, आने वालों की कम

पहले दिन जितनी भीड़ आई थी, उतनी अब नहीं है। दूसरे दिन लौटने वाले श्रद्धालुओं की संख्या ज्यादा रही, जबकि आने वालों की कम। अधिकांश रुद्राक्ष नहीं मिलने के चलते भी लौट रहे हैं।

मोबाइल नेटवर्क बना सबसे बड़ी मुसीबत

नेटवर्क जाम होने से परिजनों के बीच कम्युनिकेशन नहीं हो सका। इस कारण लोग गुम होते रहे। पुलिस सहायता केंद्र पर पूरे समय भीड़ लगी रहती है। बताया जाता है कि आयोजन स्थल पर जो मोबाइल टॉवर लगे हैं, उनकी कैपेसिटी इतनी नहीं है कि लाखों मोबाइल यूजर को बेहतर सेवाएं दे सके। इसलिए श्रद्धालु परेशान होते रहे।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 08 August 2026
इंदौर: इस रक्षाबंधन पर 5 से 15 वर्ष के बच्चों द्वारा बच्चों और परिवारों के लिए एक अनोखा उत्सव आयोजित किया जा रहा है। राखी किड्स बाज़ार रविवार 09 अगस्त…
 06 August 2026
भोपाल : भोपाल में कॉन्क्लेव डायमंड स्टेट्स , मध्य प्रदेश का सफल आयोजन किया। "अभ्युदय मध्य प्रदेश :विरासत से विकास, विकसित भारत की नई शक्ति" थीम पर आयोजित इस सम्मेलन…
 01 August 2026
इस फ्रेंडशिप डे (2 अगस्त) के अवसर पर एयरटेल ने अपने ग्राहकों के लिए दोस्ती का जश्न मनाने का एक नया और खास तरीका पेश किया है। अब एयरटेल ऐप के जरिए…
 01 August 2026
इंदौर। “सभ्य समाज और सशक्त राष्ट्र की नींव शिक्षा पर टिकी होती है और पुस्तकें उस नींव को मजबूती देने वाला सबसे सशक्त माध्यम हैं। जब समाज का जिम्मेदार नागरिक…
 24 July 2026
इंदौर। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर रविवार, 26 जुलाई, को डॉ. संदीप जुल्का के नेतृत्व में टीम हेल्थकेयर सोल्जर्स द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। सुपर स्पेशियलिटी…
 18 July 2026
इंदौर: कबाब की खुशबू, दम बिरयानी का लज़ीज़ स्वाद और पारंपरिक करीज़ का असली जायका अब एक ही जगह पर मिलने वाला है। एसेंशिया लग्ज़री होटल इंदौर में 26 जुलाई…
 18 July 2026
भोपाल  आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (AESL), जो टेस्ट की तैयारी कराने वाली सर्विसेज़ में देश की लीडर है, ने गर्व के साथ बताया कि भोपाल में उसके क्लासरूम प्रोग्राम के अनेक…
 16 July 2026
भोपाल : मध्यप्रदेश शासन के जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट ने वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक, शिक्षाविद एवं कार्यपरिषद सदस्य, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय डॉ. ए.के. द्विवेदी द्वारा जल संरक्षण एवं जन-जागरूकता को…
 14 July 2026
भोपाल। बिड़ला ओपन माइंड्स इंटरनेशनल स्कूल, भोपाल में आयोजित इन्वेस्टिचर सेरेमनी-2026 के अवसर पर बिड़ला ओपन माइंड्स के प्रबंध निदेशक निर्वाण बिड़ला ने मुख्य अतिथि के रूप में विद्यार्थियों को…
Advt.