सेरेब्रल एन्यूरिज्म से पीड़ित रतलाम की महिला को मेदांता अस्पताल में अत्याधुनिक मिनिमल इंवेसिव इंडो वेस्कुलर तकनीक से मिला नया जीवन

Updated on 20-12-2024 05:30 PM

रतलाम: रतलाम की सेरेब्रल एन्यूरिज्म से पीड़ित महिला को मेदांता अस्पताल इंदौर ने नया जीवन दिया है। वह दिमाग में जानलेवा ब्लीडिंग और खून की नस से लीकेज से जूझ रही थी। रतलाम की एक महिला की दिमाग की नस फट गई थी।  जिसका इंदौर के मेदांता अस्पताल में अत्याधुनिक मिनिमल इंवेसिव इंडो वेस्कुलर तकनीक से उपचार किया गया। मेदांता अस्पताल की न्यूरो रेडियोलाजिस्ट डा. स्वाति चिंचुरे ने बताया कि “एक महिला को सितंबर 2023 में अचानक से तेज सिर दर्द हुआ था। पहले यह जावरा इलाज के लिए गई, लेकिन वहां बीमारी का पता नहीं चल पाया। इसके बाद वहां से रतलाम पहुंची। वहां सीटी स्कैन में पता चला कि दिमाग में ब्लीडिंग हो रही है। इसके बाद मरीज के स्वजन को इंदौर के मेदांता अस्पताल के बारें में बताया गया, जिसके बाद उसे यहां लेकर आए। यहां मरीज की एंजियोग्राफी की, जिससे पता किया कि कहां से नस में लीकेज हो रहा है। इसके बाद मिनिमल इंवेसिव इंडो वेस्कुलर तकनीक के माध्यम से पैर के रास्ते से ही जहां से इनकी नस फटी थी, कोइलिंग की प्रक्रिया के द्वारा लीकेज को बंद किया। कुछ ही दिन में मरीज ठीक हो गया है। इस प्रक्रिया को करीब एक वर्ष पुरा हो गया है, अब मरीज बिल्कुल स्वस्थ है। इस बीमारी में जितनी जल्दी हो सके मरीजों को उपचार लेना आवश्यक है।”

मेदांता अस्पताल की न्यूरो रेडियोलाजिस्ट डा. स्वाति चिंचुरे ने बताया कि सेरेब्रल एन्यूरिज्म यानि खून की नली का गुब्बारा, ब्रेन एंयुरिज्म दमनी की दीवार के कमजोर क्षेत्र में उभरता है। यह गुब्बारा फटने पर दिमाग में ब्लडिंग यानि इंट्राक्रैनील हेमरेज होता है। यह एक गंभीर बीमारी है। जिसमें स्ट्रेस, लकवा, कोमा या फिर मरीज की मौत भी हो सकती है। लगभग 25 प्रतिशत मरीजों की इसके कारण मौत हो जाती है। जल्द से जल्द इस बीमारी का निदान आवश्यक है। इसके लिए एक परंपरागत सर्जरी होती है, जिसमें सर्जन क्लीप लगाते हैं। इसमें रक्तस्त्राव भी अधिक होता है और दिमाग की हड्डी भी ओपन करना पड़ती है। इससे उपचार का यह एक हाई रिस्क तरीका है। वहीं दूसरा तरीका मिनिमम इंवेसिव इंडो वेस्कुलर तकनीक से उपचार है। इसमें पैर में सूई लगाते हैं। पैर के रास्ते से दिमाग तक पहुंचकर उसे बंद कर देते हैं। इसका यह फायदा होता है कि इसमें रक्तस्त्राव भी नहीं होता है।

यह है आधुनिक तकनीक से लाभ

डा. चिंचुरे ने बताया कि मिनिमम इंवेसिव इंडो वेस्कुलर तकनीक से मरीजों को कई लाभ मिलते हैं। इसमें सिर पर एक भी टाका नहीं लगता है। इस तकनीक से खासतौर पर उन मरीजों को फायदा मिलता है, जो सर्जरी के लिए फीट नहीं होते हैं। जिन मरीजों की उम्र 60 वर्ष से अधिक होती है। जिन्हें अनियंत्रित डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, हार्ट संबंधित बीमारियां होती है, वह इस तकनीक से उपचार करवा सकते हैं। इसमें बिना टांके के ब्रेन के एन्यूरिज्म कीकॉयलिंग की जा सकती है।

बीमारी के लक्षण

  • सिर दर्द होना
  • जी मचलना
  • उल्टी होना
  • गर्दन में अकड़न
  • बेहोश होना
  • दौरा पड़ना आदि।

यह है इसके कारण

  • स्मोकिंग
  • अनियंत्रित उच्च रक्तचाप
  • अनुवांशिक आदि।

रतलाम सहित अन्य जिलों में होती है मेदांता की ओपीडी

मेदांता अस्पताल द्वारा छोटे जिलों में चलाई जा रही ओपीडी के माध्यम से मरीजों को लाभ मिल रहा है। कई गंभीर बीमारियों के बारें में यहां मौजूद विशेषज्ञों से पता चल पा रहा है। मेदांता अस्पताल इंदौर की ओपीडी रतलाम में भी संचालित होती है। इन दिनों में विभिन्न बीमारियों के विशेषज्ञों का लाभ अब बिना इंदौर जाए रतलाम और उसके आस पास वाले इनओ पी डी के माध्यम से ले सकते है।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 03 March 2026
भोपाल : भारत में बेहतरीन नेत्र चिकित्सा प्रदान करने के अपने संकल्प को मजबूत करते हुए, डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल ने भोपाल में अपना नया अत्याधुनिक नेत्र अस्पताल का शुभारंभ…
 21 February 2026
बेंगलुरु : भारत का पहला 100% एफडीआई-वित्तपोषित तृतीयक देखभाल अस्पताल, सकरा वर्ल्ड हॉस्पिटल ने आज अपने उन्नत और एकीकृत इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर केयर एंड ब्लड डिसऑर्डर्स का शुभारंभ किया। यह समर्पित केंद्र सटीकता-आधारित, तकनीक-सक्षम…
 21 February 2026
इंदौर: भारत में महिलाओं और बच्चों के प्रमुख हॉस्पिटल, मदरहुड हॉस्पिटल्स ने इंदौर में अपना दूसरा हॉस्पिटल राजीव गांधी चौक पर शुरू किया। यह हॉस्पिटल मध्य भारत में महिलाओं और…
 08 February 2026
भोपाल : हेल्दी वर्ल्ड विज़न फाउंडेशन द्वारा आयोजित दो दिवसीय नेशनल होम्योपैथी कॉन्फ्रेंस का आयोजन 7–8 फरवरी 2026 को पंडित खुशीलाल शर्मा आयुष ऑडिटोरियम में संपन्न हुआ। इस अवसर पर वरिष्ठ…
 08 February 2026
भोपाल : भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय होम्योपैथी सम्मेलन में देश के वरिष्ठ होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. ए के द्विवेदी ने कहा कि एनीमिया जागरूकता के क्षेत्र में वर्षों से चल रहा…
 04 February 2026
इंदौर।आँखों की सर्जरी के क्षेत्र में रोहित आई हॉस्पिटल, इंदौर फिर एक बार तकनीकी प्रगति की नई ऊंचाई छूने जा रहा है। रोहित आई हॉस्पिटल के एक्सपर्ट सर्जन अब अत्याधुनिक यूनिटी वीसीएस…
 03 February 2026
इंदौर। तेज़, सुरक्षित और कम दर्द वाले इलाज की बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, सेंटर ऑफ वैस्कुलर एंड इंटरवेंशनल केयर (CVIC) द्वारा इंदौर में 7 और 8 फरवरी को सीवीआईसी इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी समिट 2026 का आयोजन किया जा…
 31 January 2026
इंदौर। 2026 के तीसरे दिन इंदौर में चिकित्सा विज्ञान का ऐसा भविष्य दिखाई दिया, जहां इंसानी अनुभव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस साथ मिलकर इलाज की नई परिभाषा गढ़ते नजर आए। सुबह से…
 29 January 2026
भोपाल : स्ट्रोक के बाद का पहला घंटा, जिसे अक्सर ‘गोल्डन ऑवर’ कहा जाता है, मरीज के बचने और रिकवरी की संभावनाओं को काफी हद तक तय करता है। इंडियन स्ट्रोक एसोसिएशन के मुताबिक, भारत में…
Advt.