अक्सर देखने में आया है कि अधिकारी लोग अपने चेंबर से नहीं निकल कर बैठे बैठे ही कार्य करना चाहते हैं। ठीक है इसके विपरीत जब से नर्मदापुरम में कलेक्टर नीरज कुमार सिंह आए हैं, शहर की फिजा ही बदलने लगी है हर छोटी सी असुविधा पर बारीकी से ध्यान रखकर उस पर अमल करने के निर्देश भी देते रहते हैं।
आज एक वाक्या से उनके कार्य शैली को अति उत्तम ही कहेंगे जब दूषित पानी से हुई मौत के बाद गांव गए हुए थे तब ग्रामीणों की बात पर उन्होंने कीचड़ वाली नाली पर चल कर दिखाया। उस दौरान उनके साथ गए कर्मचारी उनका हाथ खींचते दिखें । शहर के नागरिकों की हर असुविधा पर प्राथमिकता से ध्यान देकर उसके निराकरण के लिए अधिकारियों को निर्देशित भी कर रहे हैं।