विमुक्त जाति के लोगों को मुख्य धारा से जोड़ने के हर संभव प्रयास होंगे

Updated on 01-09-2022 06:05 PM

विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रामखेलावन पटेल ने कहा है कि प्रदेश में विमुक्त जनजाति के लोगों को मुख्य धारा से जोड़े जाने के लिये राज्य सरकार द्वारा हरसंभव प्रयास किये जायेंगे। इनके सामाजिक एवं शैक्षणिक सुधार के लिये राज्य सरकार ने विभिन्न योजनाएँ चलाई हैं। उन्होंने जन-प्रतिनिधियों से इन योजनाओं को जन-सामान्य तक पहुँचाने के लिये सहयोग करने का आग्रह किया। राज्य मंत्री पटेल आज भोपाल में विमुक्ति दिवस पर हुए समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्य मंत्री पटेल ने प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया।

राज्य मंत्री पटेल ने कहा कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये प्रदेश में विमुक्त घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु जनजाति कल्याण विभाग का पृथक से गठन किया गया है। पिछले वर्ष मुख्यमंत्री निवास पर इन वर्गों के विकास के लिये पंचायत भी आयोजित की गई थी। मुख्यमंत्री चौहान द्वारा की गई 17 घोषणाओं में से 11 घोषणाओं पर अमल किया जा चुका है। विमुक्त जनजाति के गौरव इतिहास का उल्लेख करते हुए राज्य मंत्री पटेल ने कहा कि देश के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में इन वर्गों के साहसिक योगदान को दबाने के लिये ब्रिटिश सरकार ने विमुक्त जाति को आपराधिक घोषित कर दिया था। देश की आजादी के बाद 31 अगस्त 1952 में संसद में बिल लाकर इस काले कानून को हटाया गया। तब से देश में 31 अगस्त को विमुक्त जाति दिवस के रूप में मनाया जा रहा है।

राज्य मंत्री पटेल ने कहा कि इन वर्गों के बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने के लिये सारा खर्च राज्य सरकार उठा रही है। इस योजना में प्रदेश में 8 हजार से अधिक विद्यार्थी लाभ ले रहे हैं। विमुक्त जाति में से कुछ जातियाँ वर्ष भर भ्रमण करती हैं। इस कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिये पहले एडमिशन के आधार पर दूसरे स्कूल में एडमिशन दिये जाने की सुविधा दी जा रही है। प्रत्येक जिले में इन वर्गों की योजनाओं के ठोस क्रियान्वयन के लिये अब जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में कमेटियाँ गठित कर दी गई हैं। सर्वोदय, ज्ञानोदय, एकलव्य विद्यालय एवं छात्रावासों में इन वर्गों के बच्चों की पढ़ाई के लिये 2 प्रतिशत सीटें आरक्षित की गई हैं। राज्य मंत्री पटेल ने कहा कि विमुक्त घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु जनजाति संस्कृति को संरक्षित करने के लिये संग्रहालय निर्माण के लिये इंदौर में 10 एकड़ भूमि आरक्षित किये जाने की कार्यवाही तेजी से की जा रही है। उन्होंने कहा कि इन वर्गों के भाई-बहनों को अनुसूचित जनजाति प्रमाण-पत्र बनाने की प्रक्रिया भी प्रचलन में है।

प्रतिभाशाली विद्यार्थी हुए पुरस्कृत

राज्य मंत्री पटेल ने विमुक्ति दिवस पर हुई खेल-कूद, निबंध, लेखन और भाषण प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया। राज्य मंत्री पटेल ने इन वर्गों के जन-प्रतिनिधियों और विद्यार्थियों से सीधा संवाद भी किया। उप सचिव सुलता शरणागत ने भी संबोधित किया।


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