खतरे के करीब नर्मदा, जलस्तर 966 फीट पहुंचा:निचली बस्तियों में भरने लगा पानी

Updated on 16-08-2022 08:13 PM

दो दिन से हो रही बारिश के कारण तवा (नर्मदापुरम), बारना (रायसेन) और बरगी (जबलपुर) बांध से पानी छोड़ा रहा है। बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण नर्मदा खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। मंगलवार रात 2 बजे नर्मदा का जलस्तर 965 फीट पहुंच गया। 11 बजे तक यह 966 फीट तक आ गया है। नर्मदा खतरे के निशान से 1 फीट नीचे बह रही है। नालों के माध्यम से बैकवॉटर निचली बस्तियों में भरवाने लगा है। बुधनी रोड पर खेत और खेत और महिमानगर के क्षेत्र में पानी भरा रहा है।

बाढ़ को खतरे को देखते हुए नगर पालिका ने नर्मदा किनारे की निचली बस्तियों के लोगों को राहत शिविरों में पहुंचने की सलाह दी है। लोग घरों में ताले लगाकर सुरक्षित स्थानों की तरफ जाने भी लगे हैं। लगातार बारिश की वजह से कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने आज जिले के सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूलों की छुट्टी कर दी है। एसडीएम, सीएमओ और होमगार्ड निरंतर निचली बस्तियों में निगरानी बनाए हुए हैं। ओबेब्दुल्लागंज बैतूल नेशनल हाईवे मंगलवार सुबह 7 बजे से शुरू हुआ। सोमवार दोपहर 12 बजे से नेशनल हाइवे बंद था।

बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां की गई हैं। सभी संवेदनशील क्षेत्र, जहां पिछले 5 साल में बाढ़ आई है, वहां बाढ़ सुरक्षा समिति बनाने के साथ ही पांच-पांच होमगार्ड बल के 15 डिस्ट्रिक्ट रिस्पॉन्स टीम भी तैनात की गई है। रिस्पॉन्स टीम संबंधित थानों में आवश्यक सुरक्षा सामग्री के साथ मौजूद है। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह और एसपी डॉ. गुरकरन सिंह ने सेठानी घाट पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

जिलास्तर पर कलेक्ट्रेट कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसका नंबर 07574 251292 है। अधिकारी सभी तहसीलों में बनाए गए बाढ़ कंट्रोल रूम से जानकारी एकत्र करने के साथ ही बल्लभ भवन (भोपाल) में स्थित राज्य स्तरीय सिचुएशन रूम से संपर्क में हैं।

बरगी, बारना और तवा की निगरानी

बरगी बांध से पानी छोड़े जाने पर नर्मदापुरम जिले के माखननगर, पिपरिया, सोहागपुर क्षेत्र, तवा से पानी छोड़े जाने से नर्मदापुरम शहर, डोलरिया क्षेत्र प्रभावित होता है। बरगी बांध का पानी पिपरिया के सांडिया घाट पर 26 से 30 घंटे में पहुंचता है। नर्मदापुरम के सेठानी घाट पहुंचने में 35 से 42 घंटे लगते हैं। तीनों बांधों (बारना, बरगी, तवा) से एक साथ पानी छोड़ने से बाढ़ का खतरा और बढ़ जाता है। इसके लिए तीनों जिले के जिला प्रशासन, जल संसाधन विभाग एवं संबंधित अधिकारियों का वॉट्सऐप ग्रुप भी बनाया गया है।बाढ़ की स्थिति पर त्वरित राहत एवं बचाव कार्य के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। साथ ही सभी तहसीलों में राहत पुनर्वास केंद्र बनाए गए हैं, जहां राशन एवं चिकित्सा की भी व्यवस्था की गई है। नर्मदापुरम में नर्मदा महाविद्यालय, एसएनजी स्कूल , साधुवानी ग्वालटोली , शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय , एसपीएम, मालाखेड़ी प्राथमिक शाला, नालंदा स्कूल , साहू समाज धर्मशाला आदि राहत पुनर्वास केंद्र बनाए गए हैं।


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