
मध्यप्रदेश में बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। बड़वानी में नर्मदा उफनाने से राजघाट इलाका टापू बन गया। बुधवार शाम 6 बजे नदी का जलस्तर 130.200 मीटर पर पहुंच गया था। राजघाट में 17 परिवार बसे हुए हैं। इन लोगों ने एसडीएम घनश्याम धनगर से नाव उपलब्ध कराने की मांग की है। छिंदवाड़ा में भगवान श्रीचंद स्कूल के सामने उफनाए नाले में एक शख्स और उसके तीन भतीजे बह गए। लोगों ने तीनों बच्चों को तो बचा लिया, लेकिन उनके ताऊ लापता हो गए।
बादलों ने अब भोपाल-इंदौर से ग्वालियर-चंबल, बुंदेलखंड और उज्जैन की तरफ रुख कर लिया है। जिसके चलते ग्वालियर-चंबल इलाके में हालात बिगड़ने लगे हैं। शिवपुरी में सिंध नदी में बाढ़ आने से कोलारस में भड़ौता रपटे के ऊपर पानी बह रहा है। नदी के आसपास धान की फसलें डूब गई हैं। श्योपुर में कोटा बैराज से छोड़े गए पानी और लगातार बारिश से चंबल के साथ पार्वती नदी और दूसरे नदी-नाले उफनाए हुए हैं। जिले के तीन गांव सूंडी, सांड और झारबड़ोदा टापू बन गए।
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि अभी ग्वालियर-चंबल, बुंदेलखंड, बघेलखंड और उज्जैन में बारिश ज्यादा होगी। अगले 4 दिन प्रदेश में तेज बारिश से कुछ राहत रहेगी। ट्रफ लाइन के ग्वालियर की तरफ जाने के कारण प्रदेश में तेज बारिश का दौर कुछ धीमा हुआ है। नमी रहने के कारण रिमझिम बारिश होती रहेगी।
पाकिस्तान से आने वाली हवाओं से यहां बारिश होगी
वर्तमान में मध्य राजस्थान के ऊपर एक्टिव चक्रवातीय गतिविधियां सक्रिय हैं। मानसून ट्रफ बीकानेर-सीकर और ग्वालियर-सतना से लेकर डाल्टनगंज और कृष्णानगर से होते हुए पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी तक विस्तृत है। जिसके चलते ग्वालियर-चंबल, बुंदेलखंड, बघेलखंड और उज्जैन में बारिश होगी। भोपाल, इंदौर समेत अन्य इलाकों में अगले चार दिन तक तेज बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश तट के पास भी अन्य चक्रवातीय गतिविधियां सक्रिय है। आज से अगले पश्चिमी विक्षोभ (WD) के सक्रिय होने की संभावना बनी हुई है।