शनिश्चरी अमावस्या पर कपड़े-जूते दान करने का है 14 साल बाद भादौ में आज बना विशेष संयोग

Updated on 27-08-2022 06:46 PM

हिंदू पंचांग के अनुसार 5वें महीने भाद्रपद (भादो) में पड़ने वाली अमावस्या को कुशगृहिणी अमावस्या कहा जाता है। इस बार शनिवार का दिन होने से ये शनिश्चरी अमावस्या भी है। लेकिन इसकी तिथि 26 अगस्त दोपहर 12 बजकर 23 मिनट से ही शुरू हो चुकी है। समापन 27 अगस्त को दोपहर 1 बजकर 46 मिनट पर होगा। भादो में शनिवार को अमावस्या का ये संयोग 14 साल बाद बना है। भादो में शनिश्चरी अमावस्या का ऐसा संयोग 30 अगस्त 2008 को बना था। अब 23 अगस्त 2025 यानी दो साल बाद भादो में शनिवार को अमावस्या पड़ेगी। इस शनि अमावस्या पर शिव योग और पद्म योग का संयोग भी बन रहा है।

भादो में आने वाली ये साल की अंतिम शनि अमावस्या रहेगी। शनि अमावस्या पर उज्जैन शहर के त्रिवेणी स्थित नवग्रह शनि मंदिर में हजारों श्रद्धालु अपने ग्रह सुधार की कामना लेकर आते हैं। विश्व में यह एकमात्र ऐसा मंदिर है, जहां नवग्रह के साथ दशा का भी मंदिर है।पं. जितेंद्र बैरागी के अनुसार, शनिश्चरी अमावस्या के दिन भगवान शनि का जन्म हुआ था। यही वजह इसे खास बनाती है। मंदिर में शनि की पूजा दशा स्वरूप में होती है। पहली दशा साढ़े साती और दूसरी ढैया के रूप में विराजित है। जिस किसी श्रद्धालु की राशि में शनि बैठा हो, उसे यहां आकर आशीर्वाद जरूर लेना चाहिए।

शनिश्चरी अमावस्या पर श्रद्धालु त्रिवेणी में स्नान कर भगवान नवग्रह के दर्शन करते हैं। इसके बाद शनि की दोनों दशा के साथ नवग्रह पूजन से राशियों में पड़ने वाले ग्रह की दशा सुधर जाती है।

अब जानिए नवग्रह पूजा में किसे का चढ़ाया जाता है

पं. जितेंद्र बैरागी ने बताया कि इस दिन शिप्रा में स्नान के बाद सूर्य को लाल वस्त्र और गेहूं चढ़ाया जाता है। चंद्र को चावल और सफेद वस्त्र, मंगल को लाल वस्त्र और मसूर की दाल, बुध को हरी मूंग दाल और हरा कपड़ा, गुरु को चने की दाल और पीला वस्त्र, शनि को उड़द, तिल, खड़ा नमक सहित तेल, राहु को बाजरा चढ़ाया जाता है। केतु को जौ चढ़ाकर भक्त अपने ऊपर लगी दशा से छुटकारा पा सकते हैं।
कपड़े और जूते-चप्पल दान का ये है महत्व

मान्यता है कि शनिश्चरी अमावस्या पर श्रद्धालु स्नान के बाद अपने जूते, चप्पल और कपडे़ दान स्वरूप वहीं छोड़कर जाते हैं। अमावस्या पर देशभर से आने वाले श्रद्धालु त्रिवेणी घाट पर जूतों और कपड़ों को छोड़ देते हैं। दान स्वरूप छोड़े गए जूतों और कपड़ों को प्रशासन नीलाम करवा देता है। पं. जितेंद्र बैरागी के अनुसार शनिचर पर दान करने से दरिद्रता दूर होती है। कष्टों का निवारण होता है।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 06 June 2026
इंदौर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स (IIA), इंदौर सेंटर द्वारा आयोजित कार्यशाला “फ्यूचर बाय डिज़ाइन: द थर्ड आई – बियॉन्ड बाउंड्रीज़” का सफल आयोजन किया…
 04 June 2026
इंदौर। शहर के लोकप्रिय कैफ़े ब्रांड द क्रश कॉफी ने अपने ग्राहकों के लिए एक नए और अनूठे अनुभव की शुरुआत करते हुए संडे ब्रंच लॉन्च करने की घोषणा की…
 03 June 2026
इंदौर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ आर्किटेक्टस (IIA), इंदौर सेंटर द्वारा एक विशेष आयोजन किया जा रहा है जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने…
 25 May 2026
इंदौर: गर्मियों का सबसे पसंदीदा फल अब सिर्फ कटे हुए आम या पारंपरिक मिठाइयों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नए फ्लेवर, फ्यूजन और खास प्रस्तुतियों के साथ मेहमानों की थाली…
 23 May 2026
इंदौर। शहर की सांस्कृतिक एवं रचनात्मक पहचान को एक नई ऊंचाई देते हुए इंदौर के रंगशाला प्रॉडक्शन के बैनर तले निर्मित आध्यात्मिक फिल्म “आस्था का अतिशय : महिमा स्वस्तिधाम की” का ट्रेलर…
 18 May 2026
बदलते दौर के साथ सबकुछ बदल चुका है। संगीत भी और भक्ति करने का तरीका भी। युवाओं को मॉडर्न संगीत पसंद है और यही कारण है कि वे भारतीय भक्ति…
 18 May 2026
उज्जैन - शनि जयंती और ज्येष्ठ मास की शनि अमावस्या का दुर्लभ संयोग, जो पिछले 13 वर्षों में एक साथ नहीं आया था, इस बार उज्जैन स्थित नवग्रह शनि मंदिर…
 16 May 2026
इंदौर: इंदौर में इस बार की गर्मी ने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और तापमान 45°C के पार पहुंच गया है। ऐसे में दाऊदी बोहरा समुदाय ने शहरभर में…
 16 May 2026
इंदौर। दक्षिण भारत का खाना लंबे समय तक सिर्फ डोसा, इडली और सांभर तक सीमित समझा जाता रहा, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में लोगों की पसंद तेज़ी से बदली है।…
Advt.